सारांश
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देशों के बाद प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने का फैसला लिया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि परिसर में अब ऑनलाइन डिलीवरी सामग्री की गेट पर अनिवार्य जांच होगी और हॉस्टल-कैंटीन का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों को प्रतिदिन नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई जाएगी। अभियान के सुचारू संचालन और निगरानी के लिए पूरे प्रदेश को पांच जोन में विभाजित किया जाएगा।
ऑनलाइन पार्सल की मुख्य गेट पर होगी अनिवार्य चेकिंग
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय और कॉलेज परिसर में ऑनलाइन डिलीवरी या कूरियर से आने वाले सभी पार्सल तथा सामान की जांच मुख्य प्रवेश द्वार (गेट) पर ही की जाएगी। बिना जांच के किसी भी सामग्री को संस्थान के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और परिसर में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हॉस्टल, कैंटीन का निरीक्षण और 500 मीटर के दायरे में सख्ती
परिसरों में नशे की रोकथाम के लिए छात्रावासों और कैंटीनों में नियमित निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे ताकि नशीले पदार्थों के उपयोग या बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। इसके अलावा, शिक्षण संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। संस्थानों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने और लापरवाही पर जवाबदेही तय करने को कहा गया है।
प्रतिदिन 2 मिनट की नशामुक्ति शपथ और जागरूकता कार्यक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरे प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में एक व्यापक नशामुक्ति अभियान की शुरुआत की जा रही है। विधानसभा परिसर में आयोजित बैठक में तय किया गया कि प्रत्येक कार्यदिवस की शुरुआत में विद्यार्थियों को दो मिनट की नशामुक्ति शपथ दिलाई जाएगी। साथ ही, युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से 'रन फॉर नशामुक्ति', मैराथन, पथ संचलन, भाषण, निबंध, चित्रकला, नाटक और नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
शिक्षकों का संवाद और 5 जोन में मॉनिटरिंग व्यवस्था
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए यह व्यवस्था की गई है कि प्रत्येक शिक्षक सप्ताह में एक बार अपनी कक्षा (पीरियड) के अंतिम 10 मिनट विद्यार्थियों के साथ नशामुक्ति के विषय पर चर्चा करेंगे। अभियान के सुचारू संचालन और निगरानी के लिए पूरे प्रदेश को पांच जोन में विभाजित किया जाएगा, जहां वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय, महाविद्यालय और संकाय (फैकल्टी) स्तर पर भी नोडल अधिकारी पूरे अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे।