शनिवार, 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के गौलापार में उत्तराखंड के पहले राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया। 32 हेक्टेयर में बनने वाले इस परिसर के पहले चरण पर 43.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कार्यक्रम में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित कर सीधे बैंक खातों में खेल छात्रवृत्ति भी भेजी गई।
हल्द्वानी के गौलापार में 43.50 करोड़ से बनेगा खेल विश्वविद्यालय का पहला चरण
शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित गौलापार के मानसखंड खेल परिसर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी। इस विश्वविद्यालय का विशाल परिसर 32 हेक्टेयर भूमि पर विकसित किया जाएगा। प्रोजेक्ट के पहले चरण के निर्माण कार्य के लिए 43.50 करोड़ रुपये की लागत तय की गई है। सरकार के अनुसार, इस परिसर में खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और बेहतरीन खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि राज्य की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिल सके।
'देवभूमि' को 'खेलभूमि' बनाने का लक्ष्य, युवाओं को मिलेगी विश्वस्तरीय सुविधा
मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि राज्य के खेल इतिहास में हल्द्वानी से एक नया अध्याय जुड़ गया है। उन्होंने लक्ष्य रखा है कि देश के अग्रणी खेल राज्यों में शामिल होकर उत्तराखंड अपनी पहचान 'देवभूमि' के साथ-साथ 'खेलभूमि' के रूप में भी बनाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को उच्च स्तरीय खेल शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उनके अनुसार, "पहाड़ के पानी और पहाड़ की जवानी" का सही दिशा में उपयोग करने के लिए खेल ही सबसे सशक्त माध्यम है।
देवभूमि खेल पुरस्कार: अंकिता, अभिनव समेत कई खिलाड़ी व कोच हुए सम्मानित
समारोह के दौरान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर राज्य का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र, ब्लेजर, शॉल और नकद राशि देकर सम्मानित किया गया। देवभूमि खेल पुरस्कारों के तहत वर्ष 2024 के लिए एथलेटिक्स की अंकिता को 'देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार' और लोकेश चौधरी को 'द्रोणाचार्य पुरस्कार' प्रदान किया गया। वहीं, वर्ष 2025 के लिए शूटिंग के अभिनव देशवाल को 'खेल रत्न', क्याकिंग एंड कैनोइंग के मुकेश शर्मा को 'द्रोणाचार्य' और बॉक्सिंग के मुकेश चन्द्र बेलवाल को 'लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार' से नवाजा गया। विशेष श्रेणी में, दिव्यांग शूटर शौर्य सैनी को 'हिमालय रत्न', जबकि सक्षम प्रताप सिंह, ममता खाती (मॉडर्न पैंटाथलॉन) और खुशी चंद (बॉक्सिंग) को 'हिमालय खेल रत्न पुरस्कार' दिया गया। इसके अलावा चिराग बरेठा, मनोज सरकार, मनीषा चौहान और रफीक अहमद जैसे कई अन्य खिलाड़ियों व कोचों को भी नकद पुरस्कार राशि दी गई।
खिलाड़ियों को मिली स्कॉलरशिप, मंत्री और सांसद भी रहे मौजूद
प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने 'मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना' के लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से खेल छात्रवृत्ति भी भेजी। इस भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या, नैनीताल-ऊधम सिंह नगर के सांसद व पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट विशेष रूप से मौजूद रहे। वहीं, पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता लालकुआं के विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने की।