सारांश :
देहरादून सचिवालय में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 17 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। हाइब्रिड (पेट्रोल+इलेक्ट्रिक) वाहनों से ग्रीन सेस में टैक्स की छूट वापस ले ली गई है, हालांकि, CNG वाहनों को यह राहत पूर्व की तरह मिलती रहेगी। जबकि उपनल कर्मचारियों को समान वेतन, अडाणी पावर को 25 साल के लिए 1320 मेगावाट बिजली का ठेका और अग्निवीरों के लिए अलग सेल बनाने जैसे बड़े फैसले लिए गए हैं।
वाहन नीतियों में बदलाव: हाइब्रिड कारों पर टैक्स और नई EV पॉलिसी
मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी के अनुसार, उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम को मंजूरी देते हुए सरकार ने हाइब्रिड (पेट्रोल+इलेक्ट्रिक) गाड़ियों को ग्रीन सेस में मिलने वाली टैक्स छूट वापस ले ली है। इससे ये गाड़ियां अब महंगी हो सकती हैं। हालांकि, CNG वाहनों को यह राहत पूर्व की तरह मिलती रहेगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों का अध्ययन कर राज्य के लिए एक नई और व्यापक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं।
रोजगार व कर्मचारी हित: उपनल कर्मियों और अग्निवीरों के लिए बड़े फैसले
सरकार ने उपनल कर्मचारियों को तीन चरणों में 'समान कार्य-समान वेतन' देने का फैसला किया है। इसका दूसरा चरण 9 नवंबर से लागू होगा, जिससे 2018 तक के कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। साथ ही, 1 जनवरी 2016 से ब्रेक वाले कर्मचारियों के लिए शासन स्तर पर समिति बनेगी। वहीं, सेना से लौटने वाले अग्निवीरों के रोजगार और पुनर्वास के लिए 6 पदों वाले एक समर्पित प्रकोष्ठ (Cell) के गठन को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, बीज निगम के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ऊधमसिंह नगर व आसपास के अन्य विभागों में समायोजित करने और जेल महकमे के लिए नई कारापाल सेवा नियमावली को भी स्वीकृति दी गई है।
स्वास्थ्य और ऊर्जा सेक्टर: अडाणी पावर को ठेका और कैंसर इंस्टीट्यूट
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए अडाणी पावर को 25 साल के लिए 1320 मेगावाट कोयला आधारित पावर प्लांट का अनुबंध दिया गया है, जिसके लिए छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक पहले ही आवंटित है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए, अंत्योदय फाउंडेशन द्वारा ऋषिकेश में एक नया कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए सरकार ने स्टांप ड्यूटी में छूट दी है। दवाओं की पारदर्शी खरीद के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 'उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन' का गठन होगा। साथ ही, संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए हरिद्वार में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की स्थापना हेतु 1 एकड़ जमीन देने पर मुहर लगी है। स्वास्थ्य विभाग में सटीक डेटा के लिए नए सांख्यिक संवर्ग (Statistical Cadre) का गठन भी किया जाएगा।
विकास व अन्य अहम नीतियां: सहकारिता नीति 2026 और शहरी विकास
कैबिनेट ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए 7 मिशन वाली 'उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026' और जमीनी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए 'उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली, 2026' को मंजूरी दी है। गरीबों को राहत देते हुए, देहरादून के काठबंगला क्षेत्र (रिस्पना किनारे) में 116 आवासों के लिए मलिन बस्ती वालों से ली जाने वाली 10% राशि अब राज्य सरकार खुद वहन करेगी। इसके अतिरिक्त, शहरी निकायों में पेयजल व सीवरेज नेटवर्क के विस्तार, लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 के गठन और उत्तरांचल यूनिवर्सिटी नियमावली को भी कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान की है। इस अहम बैठक में कैबिनेट मंत्री खजान दास, गणेश जोशी, सतपाल महाराज, राम सिंह कैड़ा, मदन कौशिक, सुबोध उनियाल और प्रदीप बत्रा मौजूद रहे।