सारांश
महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 74 टॉपर्स को सम्मानित करते हुए कहा कि शिक्षा में बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं, तो बेटे क्या कर रहे हैं। वहीं, ललितपुर के कचनौंदा थाना क्षेत्र में सोमवार को पुरानी रंजिश के चलते स्कूटी से जा रहे शिक्षक अभय लोधी की उनके जीजा के परिजनों ने कथित तौर पर बेटी के सामने डंडे व पत्थर से पीट-पीटकर हत्या कर दी, बेटी का इलाज जारी है। उधर, अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए मंगलवार को 10 सेवानिवृत्त अधिकारियों का इंटरव्यू लिया गया है।
1. बेटियां आगे बढ़ीं, बेटे क्या कर रहे: आजमगढ़ दीक्षांत समारोह में बोलीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
दीक्षांत समारोह में मेधावियों को मिले मेडल
महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। समारोह में कुल 74 टॉपर्स को 88 मेडल प्रदान किए गए, जिनमें 20 कुलाधिपति और 68 कुलपति पदक शामिल हैं। मेडल प्राप्त करने वालों में 26 छात्र और 48 छात्राएं शामिल रहीं। इसके अलावा 11 स्नातक और 63 परास्नातक छात्र-छात्राओं को डिग्रियां सौंपी गईं।
राज्यपाल ने दिया सफलता का मंत्र
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने बेटियों की उपलब्धियों को सराहा और बेटों की प्रगति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्य का संकल्प व्यक्ति को सफलता के शिखर तक पहुंचा सकता है। बदलती तकनीक और ज्ञान के नए आयामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो सीखेगा, वही आगे बढ़ेगा। चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका समाधान तलाशना जरूरी है।
कानून-व्यवस्था और जिम्मेदारी पर संस्मरण
11 अगस्त 2026 को दोपहर 02:47 बजे दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने गुजरात के संस्मरण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के नाम पर देश की संपत्ति का नुकसान नहीं होना चाहिए। तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि यदि कोई भवन या बसें जलाएगा तो उसका पूरा खर्चा वसूला जाएगा। कार्यक्रम में पद्म विभूषण बांसुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया भी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
2. ललितपुर में 6 साल की बेटी के सामने शिक्षक की पीट-पीटकर हत्या, रंजिश में वारदात
स्कूटी में टक्कर मार किया जानलेवा हमला
ललितपुर जिले के कचनौंदा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर करीब 3 बजे झरकौन गांव निवासी 30 वर्षीय शिक्षक अभय लोधी अपनी 6 साल की बेटी भाग्यश्री के साथ स्कूल से स्कूटी पर लौट रहे थे। गढ़ाघाट पेट्रोल पंप के पास एक पिकअप ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी। बेकाबू होकर गिरने के बाद आरोपियों ने अभय पर डंडे से ताबड़तोड़ वार किए और सिर पर पत्थर पटक दिया। बीच-बचाव करने पर बेटी को भी पीटा गया।
अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल भिजवाया गया। अभय की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें झांसी रेफर कर दिया, जहां सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात 1 बजे उनकी मौत हो गई। बेटी का इलाज ललितपुर मेडिकल कॉलेज में जारी है। मृतक की पत्नी रजनी ने बताया कि आरोपियों ने उनके पति और मासूम बेटी के साथ बेरहमी से मारपीट की।
पुरानी रंजिश के कारण हुआ हमला
पुलिस जांच के अनुसार, यह वारदात पुरानी पारिवारिक रंजिश का परिणाम है। अभय की बहन मनीषा के पति रामकुमार ने 10 अप्रैल 2023 को शराब के नशे में विवाद के बाद कुएं में कूदकर सुसाइड कर लिया था। इसके बाद से ही रामकुमार के परिजन अभय से रंजिश रखते थे। सीओ सदर अजय कुमार ने बताया कि इस मामले में 6 नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
3. अयोध्या राम मंदिर में पहली बार CEO चयन की प्रक्रिया शुरू, 10 अधिकारियों के इंटरव्यू पूरे
बंद कमरे में गोपनियता के साथ हुआ इंटरव्यू
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या राम मंदिर प्रशासन के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया 11 अगस्त 2026 को शुरू की। राम मंदिर परिसर के उत्तर दिशा में स्थित ग्रीन हाउस में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक दो सत्रों में इंटरव्यू चले। पूर्व न्यायाधीश प्रमोद कोहली, पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी की तीन सदस्यीय समिति ने प्रत्येक अभ्यर्थी से 25 से 30 मिनट तक साक्षात्कार लिया।
आस्था, अनुभव और विजन पर पूछे गए सवाल
इंटरव्यू के दौरान अभ्यर्थियों से प्रशासनिक अनुभव, धार्मिक-सामाजिक संस्थानों के संचालन का ज्ञान, भगवान श्रीराम व मंदिर के प्रति आस्था और मंदिर प्रबंधन की भावी कार्ययोजना को लेकर सवाल पूछे गए। सूत्रों के अनुसार, पहले दिन इंटरव्यू देने वालों में जौनपुर के पूर्व डीएम दिनेश चंद्र, अयोध्या के पूर्व डीएम योगेश्वर राम मिश्रा और पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय समेत 10 अभ्यर्थी शामिल थे। इस दौरान ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन भी मौजूद रहे।
5300 से अधिक आवेदनों में से 18 शॉर्टलिस्ट
देशभर से मिले 5,300 से अधिक आवेदनों में से केवल 18 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। आवेदक के पास सामान्य प्रशासन, सुरक्षा या आईटी आदि में न्यूनतम 20 वर्ष का अनुभव अनिवार्य रखा गया है। समिति 18 में से 3 अभ्यर्थियों का चयन कर अंतिम पैनल बनाएगी। इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अंतिम स्वीकृति देगा। चयनित CEO की नियुक्ति 50 से 70 वर्ष आयु सीमा के तहत प्रारंभिक रूप से 3 वर्षों के लिए की जाएगी।