सारांश
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की विशेष प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 9 से 11 अगस्त 2026 के दौरान उत्तराखंड में मानसून के दोबारा सक्रिय होने से भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और देहरादून सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चंपावत जिलों के कुछ हिस्सों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है।
पर्वतीय और मैदानी इलाकों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, राज्य में 9 से 11 अगस्त के बीच मानसून का असर एक बार फिर तेजी से देखने को मिलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि 9 अगस्त को चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चंपावत जिलों के कुछ हिस्सों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। शेष जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज बारिश की उम्मीद जताई गई है।
10 और 11 अगस्त को कैसा रहेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 10 अगस्त को देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और चंपावत जिलों के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, चमोली, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर जिलों में गरज-चमक के साथ तेज वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसी तरह 11 अगस्त को भी देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल जिलों के कुछ स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। अन्य जिलों में भी आकाशीय बिजली चमकने और तेज वर्षा का अनुमान जताया गया है।
भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने का खतरा
मौसम वैज्ञानिकों ने सचेत किया है कि इस अवधि में राज्य के कई हिस्सों में गंभीर परिस्थितियां बन सकती हैं। मलबे के आने, चट्टान खिसकने और भूस्खलन के कारण राजमार्ग, मुख्य सड़कें व पुल क्षतिग्रस्त या बाधित हो सकते हैं। इसके साथ ही नदियों और पर्वतीय गदेरों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ने की आशंका जताई गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग और शासन के सख्त निर्देश
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन सचिव सुमन ने सभी संबंधित विभागों को अपने स्तर पर जरूरी उपकरणों व संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मार्ग बंद होने पर तुरंत रास्ता खोलने की कार्रवाई की जाए। कर्मचारियों व अधिकारियों को इस दौरान मोबाइल फोन स्विच ऑफ न करने, सुरक्षा उपकरण साथ रखने और किसी भी घटना की जानकारी तुरंत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र व वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए सुरक्षा परामर्श
प्रशासन एवं विभाग ने आम लोगों तथा पर्यटकों से अपील की है कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करें। लोगों को भारी बारिश के समय नदी-नालों, गदेरों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाने की सलाह दी गई है। कमजोर पुलों को पार न करने तथा पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन संभावित रास्तों पर यात्रा करने से बचने और मौसम खराब रहने पर यात्रा टालने का आग्रह किया गया है।