सारांश
उत्तराखंड के समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि पेंशन खातों की ऑनलाइन आधार सीडिंग न कराने वाले करीब 7 हजार बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन रुक सकती है। प्रदेश में कुल 6 लाख लाभार्थी हैं। समाज कल्याण निदेशक संजय कुमार ने पेंशन निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए लाभार्थियों से जल्द से जल्द सीडिंग प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
आधार सीडिंग न होने पर स्वतः रुक जाएगी पेंशन
उत्तराखंड में हर महीने वृद्धावस्था पेंशन पाने वाले हजारों बुजुर्गों के लिए एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। राज्य के समाज कल्याण विभाग द्वारा बार-बार दी गई सूचनाओं और अपीलों के बावजूद लगभग 7 हजार लाभार्थियों ने अभी तक अपने पेंशन खातों की ऑनलाइन आधार सीडिंग नहीं कराई है। विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि यह प्रक्रिया जल्द पूरी नहीं की गई तो अगले भुगतान चक्र में इन बुजुर्गों की पेंशन स्वतः ही रोक दी जाएगी। इस व्यवस्था के लिए किसी भी प्रकार की विशेष छूट नहीं दी जाएगी।
पारदर्शिता और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के उद्देश्य से फैसला
समाज कल्याण विभाग के अनुसार आधार सीडिंग प्रक्रिया को अनिवार्य बनाने के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:
-
वास्तविक लाभार्थियों की सटीक पहचान सुनिश्चित करना।
-
फर्जी और डुप्लीकेट पेंशन खातों पर पूरी तरह से रोक लगाना।
-
पेंशन की राशि सीधे सही व्यक्ति के बैंक खाते में स्थानांतरित करना।
-
भुगतान प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना और भविष्य की तकनीकी समस्याओं को समाप्त करना।
प्रदेश के 6 लाख लाभार्थियों में से 7 हजार का रिकॉर्ड अधूरा
उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में हर महीने लगभग 6 लाख बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ प्रदान किया जाता है। इनमें से अधिकांश लाभार्थियों ने अपने खातों की आधार सीडिंग सफलतापूर्वक पूरी करवा ली है। हालांकि, तकनीकी जानकारी या पहुंच के अभाव के कारण करीब 7 हजार लाभार्थियों का रिकॉर्ड अब भी अधूरा है। राज्य में जहां लाखों बुजुर्ग इस मासिक सहायता पर निर्भर हैं, वहीं समय पर औपचारिकता पूरी न होने से इन हजारों पेंशनभोगियों को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ सकता है।
समाज कल्याण निदेशक ने की जल्द प्रक्रिया पूरी करने की अपील
मामले पर जानकारी देते हुए समाज कल्याण निदेशक संजय कुमार ने कहा कि जिन खातों में आधार सीडिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, उनका पेंशन भुगतान प्रणाली द्वारा स्वतः ही रोक दिया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित लाभार्थियों से अपील की है कि वे बिना किसी देरी के ऑनलाइन आधार सीडिंग सुनिश्चित करें, ताकि उनकी नियमित पेंशन बिना किसी बाधा के उनके खातों में भेजी जा सके।