सारांश
उत्तराखंड सरकार ने राज्य में एमएसएमई (MSME) सेक्टर को रफ्तार देने के लिए बड़ा औद्योगिक रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत अगले दो साल में 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश और 1 लाख इंडस्ट्रियल जॉब्स (नौकरियां) सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून में नए उद्योगों के लिए 4,000 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।
1 लाख इंडस्ट्रियल जॉब्स और ₹50 हजार करोड़ के निवेश का बड़ा रोडमैप
उत्तराखंड सरकार ने राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर को मजबूती देने और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार प्रदान करने के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया है। इस योजना के अंतर्गत अगले दो सालों के भीतर राज्य में 1 लाख इंडस्ट्रियल जॉब्स सृजित करने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही सरकार ने प्रदेश में ₹50 हजार करोड़ का भारी निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस विशाल योजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून जिलों में नए उद्योगों की स्थापना हेतु करीब 4,000 एकड़ औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराएगी।
96 हजार से अधिक MSME इकाइयों को मिलेगा सीधा लाभ
राज्य के उद्योग विभाग ने वर्तमान में संचालित 96,410 MSME इकाइयों को उत्पादन, विपणन और निर्यात की प्रक्रियाओं से सक्रिय रूप से जोड़ने के लिए एक विस्तृत और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की है। नए उद्योगों की स्थापना में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए भूमि आवंटन, सड़क, बिजली, पानी, वित्तीय सहायता और आवश्यक सरकारी अनुमतियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रदान करने की पारदर्शी व्यवस्था की जाएगी, जिससे निवेशकों के लिए उद्योग लगाना काफी आसान हो जाएगा।
स्टार्टअप्स के लिए बहुमंजिला 'फ्लैटेड फैक्ट्री' और नए इंडस्ट्रियल एस्टेट
कम पूंजी वाले नए उद्यमियों और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से हरिद्वार, पंतनगर और सेलाकुई में 'फ्लैटेड फैक्ट्री' का निर्माण कराया जा रहा है। इसी कड़ी में हरिद्वार में एक बहुमंजिला औद्योगिक भवन लगभग बनकर तैयार हो चुका है, जहाँ 40 से 60 उद्योगों को स्थापित करने की क्षमता होगी। इसके अलावा, हरिद्वार के खानपुर क्षेत्र में 80 एकड़ भूमि पर एक नया इंडस्ट्रियल एस्टेट विकसित किया जा रहा है, जिसमें लगभग 200 MSME इकाइयों को भूखंड आवंटित किए जाने की योजना है।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से मजबूत होगी राज्य की औद्योगिक पहचान
सरकार के अनुसार, काशीपुर, सितारगंज, हरिद्वार, पंतनगर और सेलाकुई जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आधुनिक औद्योगिक ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) विकसित किया जा रहा है। इस आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से निवेशकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, जिससे राज्य में नए उद्योगों की स्थापना और संचालन में सुगमता आएगी।
मंत्री और उद्योग जगत ने जताई सकारात्मक उम्मीदें
मामले में MSME मंत्री भरत सिंह चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार आधुनिक औद्योगिक आधारभूत ढांचा तैयार करने के साथ-साथ विशेष औद्योगिक पार्कों के विस्तार पर तेजी से काम कर रही है, जिससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
वहीं दूसरी ओर, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि MSME सेक्टर की सबसे बड़ी समस्या औद्योगिक भूमि की उपलब्धता रही है। यदि उद्योगों को सुलभता से जमीन प्राप्त होगी, तो नए निवेश आकर्षित होंगे, मौजूदा उद्योगों का विस्तार होगा और उत्पादन व निर्यात में बढ़ोतरी के साथ रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।