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उत्तर प्रदेश में 4700 करोड़ का एक्सप्रेस-वे धंसा : NHAI ने टोल वसूली पर लगाई रोक, निर्माण कंपनी पर एक्शन

संक्षेप:
4,700 करोड़ की लागत से बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के बार-बार धंसने पर NHAI ने बुधवार (5 अगस्त 2026) को बड़ा फैसला लिया है। सड़क की पूरी तरह मरम्मत होने तक 290 रुपये का एकतरफा टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। लापरवाही के आरोप में निर्माण करने वाली पीएनसी (PNC) कंपनी को 'नॉन-परफॉर्मर' घोषित कर दिया गया है और कई इंजीनियरों पर कार्रवाई की गई है। महज 23 दिन पहले, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और सीएम योगी ने इसका उद्घाटन किया था। एक्सप्रेस-वे की कमियों को दूर करने में लगभग 3 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसका पूरा बोझ PNC कंपनी को ही उठाना होगा।


NHAI का सख्त फैसला: टोल वसूली बंद, PNC कंपनी ब्लैकलिस्ट

13 जुलाई को उद्घाटित हुए 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर दरारें पड़ने और सड़क धंसने की लगातार शिकायतों के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बुधवार को कड़ा कदम उठाया है। निर्णय के अनुसार, जब तक एक्सप्रेस-वे पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता, तब तक फोर-व्हीलर (कार) से लिया जाने वाला 290 रुपये का एकतरफा टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा। 4,700 करोड़ रुपये में इस प्रोजेक्ट को बनाने वाली आगरा की PNC कंपनी को NHAI ने नॉन-परफॉर्मर घोषित कर दिया है। अब इस कंपनी को NHAI का कोई नया काम नहीं मिलेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, PNC के मालिक भाजपा के राज्यसभा सांसद नवीन जैन के भाई प्रदीप जैन हैं।


अधिकारियों और इंजीनियरों पर गिरी गाज

NHAI के रीजनल अफसर गौतम विशाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि एक्सप्रेस-वे की कमियों को दूर करने में लगभग 3 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसका पूरा बोझ PNC कंपनी को ही उठाना होगा। कथित तौर पर गंभीर लापरवाही के चलते PNC कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, इंजीनियर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को प्रोजेक्ट से हटा दिया गया है। इन तीनों को अगले 2 साल तक NHAI के किसी भी प्रोजेक्ट में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, NHAI की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर रहे नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापस भेजते हुए, उन्हें और निर्माण के दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर रहे सौरभ चौरसिया को नोटिस जारी किया गया है।

कई जगह दरारें, कहां-कहां धंसा एक्सप्रेस-वे?

एक्सप्रेस-वे पर कई हिस्सों में गंभीर नुकसान दर्ज किया गया है। किमी 62.3 पर तो छठी बार सड़क धंसी है, जहां 4 मीटर हिस्से में दरारें और 15 मीटर का गड्ढा बन गया है। किमी 31 पर एक खड़े ट्रक का पहिया सड़क धंसने से नीचे चला गया। इसके अलावा किमी 37.7 (असोहा के कांथा गांव के पास), किमी 39.7, किमी 65 से 65.2 (अचलगंज के बेहटा गांव के पास) और किमी 67 पर भी सड़क धंसने के मामले सामने आए हैं। किमी 64 स्थित 200 मीटर लंबे पुल के पास सड़क उखाड़कर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है और मरम्मत की जा रही है। वहीं, किमी 72 पर डिवाइडर का प्लास्टर टूट गया है।

1,650 दिन में बना था देश का पहला बैरियरलेस एक्सप्रेस-वे


5 जनवरी 2022 को शिलान्यास के बाद यह एक्सप्रेस-वे कुल 1,650 दिनों में बनकर तैयार हुआ था। महज 23 दिन पहले, 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और सीएम योगी ने इसका उद्घाटन किया था। यह देश का पहला बैरियर-लेस एक्सप्रेस-वे है। इसमें दोपहिया वाहनों की एंट्री बंद है और अधिकतम गति सीमा 120 kmph तय है। टोल प्लाजा से पहले लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) और फास्टैग रीडर बिना गाड़ी रोके ऑटोमैटिक टोल काट लेते हैं, और दुर्घटना होने पर AI कैमरे सीधे कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजते हैं।

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