सारांश :
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद अब रसुवागढ़ी बॉर्डर के पास ल्हेंदे नदी में बनी नई झील टूटने का खतरा पैदा हो गया है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इस प्रलयंकारी आपदा में अब तक 359 शव बरामद हुए हैं और 280 से अधिक भारतीयों सहित करीब 1500 लोग लापता हैं। वहीं, राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों ने 54 भारतीयों को अबतक सुरक्षित निकाल लिया है। यूपी, उत्तराखंड और बिहार में भी अलर्ट जारी किया गया है।
चीन सीमा के पास बनी झील से नई बाढ़ का अलर्ट
बुधवार की भीषण बाढ़ की तबाही के बीच नेपाल पर एक और बड़ा खतरा मंडरा रहा है। चीन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रसुवागढ़ी बॉर्डर से 18 किलोमीटर ऊपर ल्हेंदे नदी में पानी रुकने से करीब 0.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक झील बन गई है। पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है और इसके टूटने की आशंका है। नेपाल के जल तथा मौसम विज्ञान विभाग ने भोटेकोशी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी किनारे से दूर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। इससे पहले आई बाढ़ में 30 फीट ऊंची लहरें उठी थीं, जिससे लोगों को अपनी जान बचाने के लिए घरों की तीसरी और चौथी मंजिल पर शरण लेनी पड़ी।
359 लोगों की मौत, 54 भारतीय सुरक्षित बचाए गए
इस विनाशकारी बाढ़ में अब तक 8 जिलों से 359 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 132 शव चितवन और 82 पूर्वी नवलपरासी से मिले हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग 1,500 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें 288 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में अब तक 54 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इनमें त्रिशूली-1 प्रोजेक्ट के 33 कर्मचारी और तमिलनाडु के 21 लोग शामिल हैं।
5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा भूस्खलन
बुधवार सुबह 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास जोरदार झटके महसूस किए गए थे। शुरुआत में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया था। लेकिन बाद में यह स्पष्ट किया गया कि पहाड़ का एक विशाल हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ भोटेकोशी की सहायक नदी 'ल्हेंदे खोला' में गिर गया था। यह भारी भूस्खलन इतना भयानक था कि इससे 5.2 तीव्रता के भूकंप के बराबर का झटका पैदा हुआ।
13 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी रेस्क्यू में तैनात
सड़कें बुरी तरह प्रभावित होने के कारण राहत और बचाव कार्य पैदल और हेलीकॉप्टर के जरिए किया जा रहा है। बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में 13,295 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इसमें नेपाल पुलिस के 7,250, नेपाली सेना के 4,200 और सशस्त्र पुलिस बल के 1,845 जवान शामिल हैं। नेपाली सेना और निजी हेलीकॉप्टरों ने अब तक 69 उड़ानें भरकर 351 लोगों की जान बचाई है।