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योगी सरकार का बड़ा फैसला, 3.5 लाख रसोइयों का मानदेय ₹1000 बढ़ा : प्रसूति अवकाश के नियम बदले

संक्षेप: 

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 'कैबिनेट बाई सर्कुलेशन' के जरिए बेसिक स्कूलों के 3.53 लाख से अधिक रसोइयों का मानदेय 1000 रुपए बढ़ाकर 3000 रुपए प्रति माह कर दिया है। इसके साथ ही, इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का संज्ञान लेते हुए महिला कर्मचारियों के लिए दो प्रसूति अवकाश के बीच अनिवार्य 2 साल के अंतर की बाध्यता को भी समाप्त कर दिया गया है। साथ ही, अयोध्या में पंचकोसी परिक्रमा मार्ग को 4 लेन चौड़ा करने की वित्तीय मंजूरी दे दी गई है।



3.53 लाख रसोइयों को चुनाव से पहले सौगात: मानदेय अब 3000 रुपए प्रति माह

उत्तर प्रदेश सरकार ने बिना औपचारिक बैठक के 'कैबिनेट बाई सर्कुलेशन' के माध्यम से बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में मिड-डे मील बनाने वाले 3 लाख 53 हजार से अधिक रसोइयों का मानदेय 1000 रुपए बढ़ाने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के अनुसार, अब रसोइयों को 2000 की जगह 3000 रुपए का मानदेय मिलेगा। मानदेय के अलावा इन्हें हर साल 500 रुपए यूनिफॉर्म और 400 रुपए दस्तानों के लिए दिए जाते हैं। प्रदेश के बेसिक स्कूलों में 25 बच्चों पर 2, 26 से 100 बच्चों पर 3 और 101 से 200 बच्चों पर 4 रसोइयों की नियुक्ति का प्रावधान है। पिछले 5 साल से मानदेय न बढ़ने के कारण रसोइए लगातार इसकी मांग कर रहे थे। योगी सरकार के कार्यकाल में यह तीसरी बार मानदेय बढ़ाया गया है (2019 में 1000 से 1500 और 2022 में 1500 से 2000 रुपए)। साल 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले इसे एक बड़े ग्रामीण वर्ग को खुश करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। सरकार इन रसोइयों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने की प्रक्रिया पर भी काम कर रही है।

23 अगस्त को लखनऊ में सीएम योगी करेंगे रसोइयों का सम्मान

आगामी 23 अगस्त (रविवार) को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइयों के लिए एक बड़ा सम्मान समारोह आयोजित होगा। इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ 11 रसोइयों को सम्मानित करेंगे और कैशलेस चिकित्सा कार्ड का वितरण करेंगे। कार्यक्रम में प्रदेशभर से 1500 रसोइयों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। खास बात यह है कि इसी दिन जनपद और तहसील स्तरों पर भी जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में रसोइया सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे, ताकि पूरे प्रदेश में एक साथ सम्मान का संदेश पहुंच सके।

महिला कर्मचारियों को राहत: दो प्रसूति अवकाश के बीच 2 साल की बाध्यता खत्म

योगी कैबिनेट ने एक अन्य अहम फैसले में महिला कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रसूति (मैटरनिटी) अवकाश को लेकर 2 साल की बाध्यता समाप्त कर दी है। अब महिलाएं 2 साल से कम समय के अंतराल पर भी दूसरी बार प्रसूति अवकाश ले सकेंगी। दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 एक कल्याणकारी कानून है, जिसे कार्यकारी सेवा नियमों द्वारा सीमित नहीं किया जा सकता। मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017 के अनुसार, गर्भवती महिला पहली दो गर्भावस्थाओं के लिए 26 सप्ताह (साढ़े छह महीने) के मातृत्व अवकाश की पात्र होती है, जो प्रसव की अनुमानित तारीख से 8 सप्ताह पहले शुरू हो सकता है। तीसरे बच्चे के जन्म पर 12 सप्ताह के अवकाश का प्रावधान है।

अयोध्या में 4-लेन सड़क, नए बस स्टेशन व हर घर तिरंगा के फंड को मिली मंजूरी

कैबिनेट ने विकास कार्यों से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी है। अयोध्या में पंचकोसी परिक्रमा मार्ग को 4 लेन चौड़ा करने और इसके विस्तारीकरण के पुनरीक्षित एस्टिमेट को प्रशासनिक व वित्तीय मंजूरी दे दी गई है। वहीं, बरेली के नवाबगंज विधानसभा क्षेत्र और बुलंदशहर के जहांगीराबाद में नए बस स्टेशन के निर्माण के लिए राजस्व विभाग की जमीन परिवहन निगम को निशुल्क आवंटित की जाएगी। इसके अलावा, स्वाधीनता दिवस पर 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए गए 3 करोड़ और शहरी क्षेत्रों में लगाए गए 1 करोड़ झंडों का खर्च राज्य वित्त आयोग से वहन करने को मंजूरी दी गई है।

बंद मिलों की जमीन का हस्तांतरण और मानसून सत्र का सत्रावसान

सरकार ने टैक्सफेड समूह के तहत यूपी स्टेट स्पिनिंग कंपनी लिमिटेड, यूपी सहकारी कताई मिल्स संघ (कानपुर) और यूपी स्टेट यार्न कंपनी लिमिटेड की बंद पड़ी कताई मिलों की जमीन यूपीसीडा (UPSIDA) को हस्तांतरित करने का फैसला लिया है, जिसके लिए स्टांप और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट मिलेगी। राज्य कर विभाग के नए कार्यालय और आवासीय भवनों के लिए भी निशुल्क भूमि आवंटित की जाएगी। मेरठ में यूपी चीनी निगम लिमिटेड की मोहिउद्दीनपुर इकाई (गाटा संख्या 253) की 154 वर्ग मीटर जमीन उत्तर प्रदेश सेतु निगम को बेचने की अनुमति दी गई है। साथ ही, 3 से 5 अगस्त तक आयोजित हुए विधानमंडल के मानसून सत्र के सत्रावसान और 2026-27 में धान व मोटे अनाज की खरीद के लिए बोरों की व्यवस्था वाले प्रस्तावों पर भी मुहर लगा दी गई है।

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