नमस्कार,
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चलिए बात करते हैं राज्य एवं देश-विदेश में बीते 24 घंटों में हुए घटनाक्रम के टॉप बुलेटिन खबरों की।
🚀 प्रदेश-देश की टॉप 5 खबरें >
1- नई दिल्ली : भ्रूण लिंग परीक्षण मामलों की जांच पुलिस नहीं करेगी: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- PCPNDT एक्ट में विशेष अधिकारी ही करेंगे छापेमारी और कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि PCPNDT एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जांच पुलिस नहीं कर सकती। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि इस कानून के तहत कार्रवाई की जिम्मेदारी धारा 17(4) के तहत नियुक्त विशेष अधिकारी की होगी। अधिकारी ही अस्पताल या क्लिनिक में जांच, छापेमारी और रिकॉर्ड की पड़ताल कर सकेंगे तथा जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड मशीन, कंप्यूटर और मेडिकल रिकॉर्ड जब्त कर सकेंगे। आरोपी डॉक्टर या अस्पताल के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए अधिकारी मजिस्ट्रेट की अदालत का रुख करेगा। पुलिस की भूमिका केवल सहायता तक सीमित रहेगी। कोर्ट ने कहा कि सामान्य आपराधिक कानून के तहत आने वाले मामलों की जांच पुलिस कर सकती है। दोषी पाए जाने पर केंद्र का पंजीकरण और डॉक्टर का लाइसेंस रद्द हो सकता है।
2- नई दिल्ली : चीनी आयात पर 31 अक्टूबर तक टैक्स खत्म: दो महीने में करीब 40% महंगी हुई शक्कर, खुदरा कीमत ₹55 किलो के आसपास
देश में बढ़ती चीनी कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने चीनी के आयात को 31 अक्टूबर 2026 तक टैक्स फ्री करने का फैसला लिया है। अभी खुदरा बाजार में चीनी करीब ₹55 प्रति किलो बिक रही है और पिछले दो महीनों में कीमतों में लगभग 40% की बढ़ोतरी बताई गई है। स्रोत के अनुसार, खराब मौसम, बारिश और सूखे से गन्ने का उत्पादन प्रभावित होने के कारण घरेलू आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। करीब आठ साल बाद कमी पूरी करने के लिए आयात का सहारा लिया जा रहा है। सरकार ने चीनी के निर्यात पर भी 30 सितंबर 2026 तक रोक लगाई है। अक्टूबर में दिवाली और दुर्गा पूजा जैसे त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की संभावना है। सरकार को उम्मीद है कि आयात से आपूर्ति मजबूत होगी और उपभोक्ताओं को महंगाई से कुछ राहत मिल सकती है। वहीं, बड़ी मात्रा में आयात से वैश्विक बाजार में भी कीमतों पर असर पड़ने की संभावना जताई गई है।
3- देहरादून : मानसून में बिजली संकट से उत्तराखंड को राहत, केंद्र ने 100 मेगावाट अतिरिक्त बिजली कोटा दिया: CM धामी ने की थी मांग
मानसून के दौरान जल विद्युत उत्पादन प्रभावित होने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को 100 मेगावाट अतिरिक्त बिजली आवंटित की है। इससे बारिश के दौरान बिजली उत्पादन घटने पर राज्य की जरूरत पूरी करने में यूपीसीएल को मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर अतिरिक्त बिजली की मांग की थी। इसके बाद यूपीसीएल के एमडी पीसी ध्यानी ने केंद्रीय ऊर्जा सचिव, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के चेयरमैन समेत अधिकारियों के सामने भी मामला उठाया। लगातार पैरवी के बाद गुरुवार को केंद्र ने अतिरिक्त कोटा आवंटित करने का आदेश जारी किया। मानसून में नदियों में सिल्ट बढ़ने, तकनीकी दिक्कतों और आपदा जैसी परिस्थितियों के कारण जल विद्युत परियोजनाओं का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में अतिरिक्त केंद्रीय बिजली राज्य के लिए बैकअप का काम करेगी और बिजली कटौती की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है।
4- देहरादून : उत्तराखंड के 5 जिलों में आज भारी बारिश का यलो अलर्ट, 107 सड़कें बंद: लैंडस्लाइड और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की चेतावनी
उत्तराखंड में लगातार पांचवें दिन बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को देहरादून, टिहरी, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। अन्य क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ तेज से अति तेज बारिश की संभावना जताई गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने का खतरा है। पिछले 24 घंटे में देहरादून के मालदेवता में 95 मिमी, चंद्रबदनी में 89.5 मिमी और सहस्रधारा में 70.5 मिमी बारिश दर्ज हुई। राज्य में 107 सड़कें बंद हैं, जिनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग, दो स्टेट हाईवे, 17 PWD और 87 पीएमजीएसवाई/आरडब्ल्यूडी सड़कें शामिल हैं। प्राकृतिक आपदाओं में अब तक 43 मौतों का आंकड़ा बताया गया है। देहरादून में आज अधिकतम तापमान करीब 31°C और न्यूनतम 24°C रहने का अनुमान है। 22 से 24 अगस्त तक भी कई जिलों में बारिश जारी रहने की संभावना है।
5- देहरादून : गंगा-यमुना समेत उत्तराखंड की 18 नदियां प्रदूषण की चपेट में, रिस्पना सबसे खराब: 100 मिलीलीटर पानी में 24 लाख से ज्यादा फीकल बैक्टीरिया
2026 में प्रकाशित एक शोध समीक्षा के अनुसार, उत्तराखंड की गंगा, यमुना समेत 18 नदी प्रणालियां सीवर, कचरे, उद्योग और बढ़ते पर्यटन के दबाव से प्रभावित हैं। अध्ययन में देहरादून की रिस्पना में फीकल कोलीफॉर्म का स्तर 24,19,600 MPN प्रति 100 मिलीलीटर तक दर्ज होने और BOD 390 मिलीग्राम प्रति लीटर तक पहुंचने का उल्लेख है। बिंदाल नदी में सीवर और कचरे के कारण पानी के काला पड़ने तथा विषाक्तता बढ़ने की बात सामने आई। हरिद्वार की गंगा के एक अध्ययन में मिले 49 बैक्टीरियल आइसोलेट्स में 20 इमिपेनेम के प्रति प्रतिरोधी पाए गए। नैनीताल की नंधौर नदी पर करीब 73 उद्योगों के अपशिष्ट का दबाव बताया गया है। अलकनंदा में माइक्रोप्लास्टिक और कोसी में E. coli व अन्य प्रदूषण संकेतक भी दर्ज किए गए। शोध में 2001 से 2022 के बीच प्रकाशित 88 शोधपत्रों की समीक्षा की गई। शोधकर्ताओं के अनुसार, अलग-अलग नदियों के लिए सीवर, औद्योगिक अपशिष्ट, कचरा और पर्यटन दबाव के हिसाब से अलग रणनीति जरूरी है।
✳️ कुछ अन्य बड़ी खबरें >
1- देहरादून : SIR पर दिल्ली पहुंची उत्तराखंड कांग्रेस, EC के बाहर धरना: गोदियाल का दावा- एक व्यक्ति 100 से 500 नाम हटाने की आपत्तियां दे रहा; आज देहरादून में बैठक
उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के सामने शिकायतें रखी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल का दावा है कि एक व्यक्ति की ओर से 100, 200 और 500 तक मतदाताओं के नाम हटाने के प्रस्ताव दिए जा रहे हैं और उन्हें स्वीकार किया जा रहा है। गुरुवार को गोदियाल, प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत, काजी निजामुद्दीन, करण माहरा, यशपाल आर्य, गुरदीप सिंह सप्पल और प्रभारी कुमारी सैलजा समेत कांग्रेस नेता दिल्ली स्थित चुनाव आयोग पहुंचे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात नहीं होने पर नेता करीब एक घंटे गेट के बाहर धरने पर बैठे। बाद में सचिव स्तर के अधिकारी ने ज्ञापन और दस्तावेज लिए। अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने गोदियाल को आज, 21 अगस्त को देहरादून में बातचीत के लिए बुलाया है। कांग्रेस कथित तौर पर बिना उचित सत्यापन नाम हटाने, एक व्यक्ति द्वारा बड़ी संख्या में आपत्तियां लगाने और ऐसे लोगों के नाम इस्तेमाल किए जाने का मुद्दा उठाएगी, जिन्होंने प्रस्ताव देने से इनकार किया है।
2- नैनीताल : हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी बेल बाबा क्षेत्र ले जाने की याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित: रिजर्व फॉरेस्ट भूमि और केंद्रीय अनुमति का मुद्दा उठा
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नैनीताल से हल्द्वानी के बेल बाबा क्षेत्र में स्थानांतरण और वहां रिजर्व फॉरेस्ट भूमि आरक्षित किए जाने से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है। वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनीं। याचिकाकर्ता और राज्य आंदोलनकारी अधिवक्ता रमन शाह ने दावा किया कि हाईकोर्ट के लिए बेल बाबा मंदिर के पास रिजर्व फॉरेस्ट भूमि का प्रस्ताव वन संरक्षण अधिनियम, 1980 की धारा-2 के विपरीत है। याचिका में यह भी कहा गया कि मई 2026 में, सुप्रीम कोर्ट के स्थगन आदेश के दौरान, विवादित भूमि का प्रस्ताव तैयार किया गया। क्षेत्र के हाथी कॉरिडोर में होने और बड़े पैमाने पर पौधरोपण का मुद्दा भी उठाया गया। याचिकाकर्ता के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के 15 जुलाई 2026 के आदेश और राज्य सरकार की 12 अगस्त की अधिसूचना में भूमि को वन भूमि माना गया है। केंद्रीय अनुमति के बिना भूमि का स्वरूप बदलने को लेकर भी आपत्ति जताई गई।
3- नई दिल्ली : CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट के सवाल: CJI बोले- उत्तर भारतीय दक्षिण की और दक्षिण भारतीय उत्तर की भाषाएं सीखें तो क्या बुरा है?
सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की कक्षा 9 में लागू थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए किताबों, शिक्षकों और छात्रों पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को लेकर सवाल उठाए। CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूछा कि क्या उत्तर भारतीय छात्रों का दक्षिण भारतीय भाषाएं और दक्षिण भारत के छात्रों का उत्तर भारतीय भाषाएं सीखना देश के लिए अच्छा नहीं होगा। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि कई स्कूलों में जरूरी किताबें और शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं और कुछ जगह स्कूल शुरू होने के चार महीने बाद भी किताबें नहीं मिलीं। कोर्ट ने संस्कृत शिक्षकों की योग्यता और नीति को अलग-अलग स्कूलों में लागू करने के तरीके पर भी सवाल उठाए। केंद्र की ओर से ASG भाटी ने बताया कि 99.19% स्कूल दो भारतीय भाषाएं पढ़ाने की शर्त पूरी कर रहे हैं। पीठ ने CBSE से उठाई गई चिंताओं पर पुनर्विचार कर नीति को व्यवस्थित करने को कहा।
4- नई दिल्ली : पीएम मोदी ने केंद्रीय सचिवों से कहा- युवाओं और विश्वविद्यालयों से जुड़ें, नीतियों में नए विचार शामिल करें; AI में मानवीय निगरानी पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर केंद्रीय सचिवों के साथ तीसरी उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। PMO के अनुसार, बैठक में शिक्षा, युवा, बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, सुरक्षा, विदेश नीति, डेटा, AI, रिसर्च, रक्षा, समुद्री क्षेत्र, बंदरगाह, विनिर्माण और निर्यात समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से विश्वविद्यालयों और युवाओं के साथ अधिक संवाद करने को कहा, ताकि नीति निर्माण में नए विचार शामिल किए जा सकें। उन्होंने डेटा और AI के बेहतर इस्तेमाल के साथ AI आधारित फैसलों में मानवीय निगरानी को जरूरी बताया। रक्षा क्षेत्र में रिसर्च और इनोवेशन बढ़ाने, शिपबिल्डिंग को लेकर तय लक्ष्यों की समीक्षा तथा ‘पोर्ट-लेड डेवलपमेंट’ पर ध्यान देने की बात कही गई। मोदी ने सचिवों से मौजूदा समस्याओं और आंकड़ों के साथ देश की भविष्य की जरूरतों पर भी ध्यान देने को कहा।
5- नई दिल्ली : UGC-NET आंसर-की पर ₹200 आपत्ति शुल्क का NTA ने किया बचाव: सही चुनौती होने पर फीस लौटेगी, रद्द तीन विषयों की परीक्षा सितंबर में
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC-NET की आंसर-की को चुनौती देने के लिए प्रति सवाल ₹200 शुल्क लेने पर सफाई दी है। एजेंसी के अनुसार, शुल्क का उद्देश्य बेवजह की आपत्तियों को रोकना है, छात्रों से कमाई करना नहीं। यदि किसी उम्मीदवार की आपत्ति सही पाई जाती है, तो उसका शुल्क वापस किया जाएगा और उसका लाभ अन्य छात्रों के परिणामों में भी दिया जा सकता है। NTA ने 16 अगस्त को 84 विषयों की आंसर-की जारी की थी। इसी दौरान अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों में कथित वर्तनी व प्रिंटिंग संबंधी गड़बड़ियों के चलते इन तीन विषयों की परीक्षाएं रद्द की गई थीं। अब अंग्रेजी और कॉमर्स की पुनर्परीक्षा 9 सितंबर तथा समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को होगी। NTA के अनुसार, पुनर्परीक्षा के लिए छात्रों से दोबारा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
⏰ इतिहास के पन्नो में आज का दिन >
1- आज ही के दिन 2021 में कल्याण सिंह का निधन: यूपी के दो बार मुख्यमंत्री रहे, 21 अगस्त को लखनऊ में ली अंतिम सांस
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह का 21 अगस्त 2021 को 89 वर्ष की उम्र में लखनऊ के SGPGI में निधन हुआ था। वे दो बार यूपी के मुख्यमंत्री रहे और भारतीय राजनीति में उनका महत्वपूर्ण स्थान रहा।
2- आज ही 1930 में गांधीजी ने वायसराय इरविन को लिखा था पत्र: सविनय अवज्ञा आंदोलन के बीच बातचीत की जमीन तैयार करने की कोशिश
21 अगस्त 1930 को महात्मा गांधी का वायसराय लॉर्ड इरविन को लिखा पत्र महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों में शामिल था। यह वह दौर था जब स्वतंत्रता आंदोलन में सविनय अवज्ञा आंदोलन के जरिए ब्रिटिश सरकार पर दबाव बनाया जा रहा था।
3- 21 अगस्त 1991: सोवियत संघ में तख्तापलट की कोशिश नाकाम, गोर्बाचेव की सत्ता बहाल होने का रास्ता साफ हुआ
21 अगस्त 1991 को सोवियत संघ में राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव के खिलाफ तख्तापलट की कोशिश टूट गई। यह घटनाक्रम सोवियत संघ के विघटन से कुछ महीने पहले हुआ और दुनिया की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत बना।