सारांश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन पर उत्तराखंड की महिलाओं को रोडवेज बसों में दो दिन की मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है, पहले इसे एक दिन के लिए दिया गया था। वहीं, राज्य एसटीएफ की 1930 साइबर हेल्पलाइन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वर्ष 2026 में अब तक पीड़ितों के 21.85 करोड़ रुपये ठगी से बचाए हैं। दूसरी ओर, देहरादून के मोहब्बेवाला हाईवे पर आशारोड़ी चेक पोस्ट के पास ब्रेक फेल होने से बेकाबू हुए कंटेनर की चपेट में आकर काम कर रहे एक युवक की सिर धड़ से अलग होने के कारण मौके पर ही मौत हो गई।
1. रक्षाबंधन पर उत्तराखंड में महिलाओं को 2 दिन मुफ्त बस यात्रा की सुविधा, सरकार ने लिया फैसला
24 घंटे की जगह अब मिलेगी 2 दिन की राहत
उत्तराखंड सरकार ने रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर प्रदेश की महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सौगात दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि इस पर्व पर महिलाओं की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए निशुल्क बस यात्रा की अवधि को दो दिन कर दिया गया है। इससे पूर्व सरकार ने केवल एक दिन के लिए मुफ्त सफर का प्रस्ताव तैयार किया था, जिसे अब जनहित में संशोधित कर दिया गया है।
कर्मचारी परिषद की मांग और तैयारियों का असर
इससे पहले रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर दिल्ली, तेलंगाना और तमिलनाडु की तर्ज पर राज्य में भी महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा शुरू करने की मांग रखी थी। संगठन के सुझावों और शासन से प्राप्त फीडबैक के आधार पर परिवहन विभाग ने इस योजना पर काम तेज किया।
रोडवेज की स्थिति और बसों की संख्या
उत्तराखंड में रोजाना औसतन 900 रोडवेज बसों का संचालन किया जाता है, जिनमें हर दिन करीब 50 हजार महिलाएं और छात्राएं सफर करती हैं। वर्तमान में उत्तराखंड रोडवेज वित्तीय संकट और देनदारियों का सामना कर रहा है। सरकार का मानना है कि इस कदम से महिला सशक्तीकरण को बल मिलेगा और यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होने से रोडवेज की वित्तीय स्थिति में सुधार दर्ज किया जा सकता है।
2. उत्तराखंड एसटीएफ की 1930 हेल्पलाइन का कमाल: 2026 में अब तक 21.85 करोड़ की साइबर ठगी की रकम होल्ड
साइबर हेल्पलाइन की त्वरित कार्रवाई से बची बड़ी धनराशि
साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए उत्तराखंड एसटीएफ की 1930 हेल्पलाइन पीड़ितों के लिए प्रभावी साबित हो रही है। एसटीएफ द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, एक जनवरी 2026 से अब तक 1930 कंट्रोल रूम के माध्यम से कार्रवाई करते हुए पीड़ितों के 21.85 करोड़ रुपये सुरक्षित बचाए गए हैं। पुलिस शिकायत मिलते ही संबंधित बैंकों, नोडल अधिकारियों और आई4सी (I4C) से संपर्क कर ठगी की राशि को खातों में होल्ड/फ्रीज करा देती है।
अगस्त माह में 47.55 लाख रुपये कराए गए होल्ड
एसएसपी एसटीएफ के अनुसार, केवल अगस्त माह में ही साइबर ठगी के 12 मामलों में त्वरित कदम उठाते हुए करीब 47.55 लाख रुपये की राशि होल्ड कराई जा चुकी है। इसमें 7 अगस्त को रायपुर निवासी पीड़ित से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हुई 21 लाख रुपये की ठगी में से 16.36 लाख रुपये और 11 अगस्त को अल्मोड़ा निवासी मुकेश लाल से शेयर बाजार निवेश के नाम पर हुई 17.04 लाख की ठगी में से 15.96 लाख रुपये होल्ड कराए गए।
विभिन्न जिलों के मामलों में मिली राहत
अन्य मामलों में 3 अगस्त को चमोली के जसपाल सिंह के 60 हजार रुपये, हरिद्वार के नितिन कुमार के 1.30 लाख में से 91,207 रुपये तथा 6 अगस्त को रामनगर के सुलेमान के 3.66 लाख रुपये शत-प्रतिशत होल्ड कराए गए। इसके अलावा देहरादून कैंट निवासी देवेंद्र कुमार के 1 लाख, कनखल के आनंद चौधरी के 3.54 लाख, लक्सर के शंभू दयाल शर्मा के 1.25 लाख, 10 अगस्त को देहरादून के विष्णु दत्त खंडूड़ी के 2.10 लाख, श्रीनगर के रौनक के 70,949 रुपये, कोटद्वार के वीरेंद्र मेहरा के 85,599 रुपये और 12 अगस्त को गोपेश्वर की ज्योति बर्थवाल के 58,343 रुपये फ्रीज कराए गए।
एसटीएफ की जनता से सतर्क रहने की अपील
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने आमजन को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अपना बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी या यूपीआई पिन किसी से साझा न करें। डिजिटल अरेस्ट जैसी धमकियों पर स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी (पुलिस, सीबीआई, ईडी) ऑनलाइन गिरफ्तारी नहीं करती। उन्होंने किराए पर खाता न देने, अज्ञात वीडियो कॉल न उठाने और गूगल से कस्टमर केयर नंबर न खोजने की सलाह दी है।
3. देहरादून के मोहब्बेवाला हाईवे पर ब्रेक फेल होने से बेकाबू हुआ कंटेनर, युवक को कुचला
आशारोड़ी चेक पोस्ट के समीप घटित हुआ भयावह हादसा
देहरादून के मोहब्बेवाला हाईवे स्थित आशारोड़ी चेक पोस्ट के पास गुरुवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना घटित हुई। सड़क किनारे काम में जुटे एक युवक को तेज रफ्तार कंटेनर ने कुचल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक का सिर धड़ से पूरी तरह अलग हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
ब्रेक फेल होने की प्राथमिक आशंका, चालक मौके से फरार
घटना की सूचना पर स्थानीय पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में दुर्घटना का कारण कंटेनर का अचानक ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। दुर्घटना के तुरंत बाद चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।