नई दिल्ली में सरकार की सख्ती और 10 लाख टन कच्चे चीनी के आयात को मंजूरी दिए जाने के बाद चीनी के एक्स-मिल (कारखाने से निकलने वाले) दामों में 18% की गिरावट आई है। पिछले हफ्ते ₹67 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने वाली चीनी अब ₹55 पर आ गई है। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा के अनुसार, जमाखोरों पर नकेल और स्टॉक लिमिट से जल्द ही खुदरा बाजार (आम लोगों को मिलने वाली दुकानों आदि) में भी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
रिकॉर्ड हाई से ₹55 प्रति किलो पर गिरे चीनी के एक्स-मिल दाम
पिछले सप्ताह चीनी की कीमतें ₹67 प्रति किलोग्राम के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई थीं। लेकिन, केंद्र सरकार द्वारा 10 लाख टन कच्चे चीनी के आयात को अनुमति देने के बाद एक्स-मिल कीमतों में 18% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है और यह भाव ₹55 प्रति किलो पर आ गया है। पीटीआई से बातचीत में केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने बताया कि सरकार ने चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं, जिनमें बड़े खरीदारों पर स्टॉक लिमिट लागू करना और राज्यों को जमाखोरी रोकने के कड़े निर्देश देना शामिल है।
आयात टैक्स फ्री, निर्यात पर 30 सितंबर 2026 तक लगी पाबंदी
सरकार ने कीमतों को काबू में रखने के लिए चीनी के आयात को पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया है। साथ ही, निर्यात पर 30 सितंबर 2026 तक के लिए रोक लगा दी गई है। डीलरों के लिए भी सख्त नियम लागू किए गए हैं, जिसके तहत 30 नवंबर तक 400 टन तक की स्टॉक लिमिट तय की गई है। नए नियमों के अनुसार, महीने में 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का कारोबार करने वाले व्यापारी या डीलर अब 15 दिन से अधिक की खपत का स्टॉक जमा करके नहीं रख सकते हैं।
जल्द सस्ती होगी खुदरा चीनी, जमाखोरों पर 'फ्लाइंग स्क्वॉड' की नजर
नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाइकनावरे के अनुसार, देश भर में एक्स-मिल कीमतें 55 रुपए किलो से नीचे आ गई हैं और बाजार में जमाखोरी रोकने के लिए 'फ्लाइंग स्क्वॉड' लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। गौरतलब है कि एक्स-मिल रेट (वह कीमत जिस पर मिलें थोक विक्रेताओं को चीनी बेचती हैं और जिसमें टैक्स या ट्रांसपोर्ट शामिल नहीं होता) और खुदरा बाजार के बीच आमतौर पर ₹7 से ₹8 प्रति किग्रा का अंतर होता है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, 24 अगस्त को देशभर में औसत थोक भाव ₹58.29 और खुदरा भाव ₹63.05 प्रति किग्रा था। मिल स्तर पर दाम घटने के बाद जल्द ही खुदरा दुकानों पर भी इसका असर दिखेगा।
देश में चीनी का पर्याप्त बफर स्टॉक, कमी के दावे गलत
खाद्य मंत्रालय ने चीनी की कमी के दावों को पूरी तरह खारिज किया है। मंत्रालय के अनुसार, विपणन वर्ष 2025-26 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए देश में चीनी का उत्पादन लगभग 306 लाख टन रहने का अनुमान है। हालांकि, यह आंकड़ा शुरुआती अनुमान (343 लाख टन) से कम है, लेकिन देश की सालाना घरेलू मांग केवल 280 से 285 लाख टन के बीच रहती है। ऐसे में देश के पास मांग को पूरा करने के लिए चीनी का पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध है।
