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उत्तराखंड के चमोली टनल में पानी और मलबा घुसने से 18 मजदूर फंसे : रेस्क्यू टीम ने 16 को सुरक्षित निकाला

सारांश 

उत्तराखंड के चमोली में एचसीसी की टनल में अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव आने से 18 मजदूर अंदर फंस गए। पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने तत्परता दिखाते हुए 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जिनमें से 5 को गोपेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और 3 की हालत नाजुक बताई जा रही है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की देखरेख में शेष मजदूरों का रेस्क्यू कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

टनल में अचानक आया पानी और मलबा, 18 मजदूर फंसे

चमोली में हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) की एक टनल में शाम करीब 7 बजे उस वक्त बड़ा हादसा हो गया जब अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव अंदर आ गया। हादसे के समय टनल के भीतर कुल 18 मजदूर काम कर रहे थे, जो अचानक आए इस बहाव के कारण अंदर ही फंस गए। पानी के इस तेज बहाव के चलते मौके पर स्थिति काफी गंभीर बन गई।

16 मजदूरों का सुरक्षित रेस्क्यू, 5 अस्पताल में भर्ती

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। रेस्क्यू टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार, बाहर निकाले गए मजदूरों में से 5 को उपचार के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया है, जहां इनमें से 3 मजदूरों की स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है।

जिलाधिकारी की मौजूदगी में युद्धस्तर पर बचाव अभियान

हादसे की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं मौके पर पहुंचे और राहत कार्य की कमान संभाली। वर्तमान में मौके पर जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना की टीमें मौजूद हैं। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित टीमों को आपसी समन्वय और तत्परता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं ताकि टनल में फंसे शेष मजदूरों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके। प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।

7 महीने पहले भी इसी सुरंग में हुआ था बड़ा हादसा

पीपलकोटी की इसी टीएचडीसी परियोजना की सुरंग में सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। इससे पूर्व 30 दिसंबर 2025 को शिफ्ट बदलने के दौरान मजदूरों को ले जा रही एक लोको ट्रेन की टक्कर सामान ढोने वाली लोको ट्रेन से हो गई थी। उस दौरान ट्रेन में करीब 110 लोग सवार थे और 88 श्रमिक घायल हो गए थे। हालांकि उस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई थी, लेकिन आंतरिक जांच में ऑपरेटर की लापरवाही पाए जाने पर उसे बर्खास्त कर दिया गया था और मामले की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू की गई थी।

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