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उत्तराखंड-ख़बरें : ऊधम सिंह नगर में टैंकर की टक्कर से छात्र की मौत; उत्तराखंड में बुजुर्गों-दिव्यांगों के घर जाएंगे बीएलओ; 13 महिलाओं को मिलेगा तीलू रौतेली पुरस्कार

सारांश 

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में सुबह करीब 10 बजे तेज रफ्तार टैंकर की चपेट में आने से स्कूल जा रहे 15 वर्षीय छात्र शिवम कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। उधर, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि बीएलओ 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के घर-घर जाकर एसआईआर नोटिस का निस्तारण करेंगे। वहीं, आठ अगस्त को आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रदेश की 13 महिलाओं को तीलू रौतेली और 35 महिलाओं को राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार से सम्मानित करेंगे।


1. काशीपुर में अनियंत्रित टैंकर ने तीन स्कूली छात्रों को रौंदा, एक की दर्दनाक मौत और दो गंभीर

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में बरखेड़ी मार्ग पर सुबह करीब 10 बजे एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया। दाभोरा टांडा निवासी मनोज सिंह का 15 वर्षीय बेटा शिवम कुमार, जो राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बरखेड़ी में 10वीं कक्षा का छात्र था, अपने चचेरे-तहेरे भाइयों वासु और अक्षय के साथ पैदल स्कूल जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार टैंकर ने तीनों बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में शिवम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वासु और अक्षय गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे के बाद चालक फरार, ग्रामीणों का हंगामा

घटना के बाद चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए पहुंचे। भीड़ को आता देख टैंकर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय निवासियों ने घायल वासु और अक्षय को तत्काल काशीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक और कड़े सुरक्षा इंतजामों की मांग को लेकर सड़क जाम कर दी।

पुलिस की कार्रवाई

सूचना मिलते ही आईटीआई कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने शिवम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी चालक की पहचान और गिरफ्तारी के लिए क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मृतक छात्र अपने पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर पर था और उसके पिता मजदूरी करते हैं।

2. उत्तराखंड में एसआईआर नोटिस के निस्तारण को घर-घर जाएंगे बीएलओ, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दिए निर्देश

उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं को अब मतदाता सूची संबंधी विसंगतियों के समाधान के लिए मतदान केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बुधवार को कुमाऊं और गढ़वाल के मंडलायुक्तों तथा सभी जिलाधिकारियों (डीईओ) के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में यह निर्देश जारी किए।

बीएलओ करेंगे घर-घर जाकर सुनवाई

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को स्पष्ट किया कि बीएलओ स्वयं 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं के घर जाकर एसआईआर संबंधी नोटिसों का निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा, फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के तहत प्राप्त आवेदनों की नियमानुसार जांच कर उनका समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।

निष्पक्षता जांच और अधिकारियों को भ्रमण के आदेश

बैठक के दौरान निर्देश दिया गया कि यदि किसी एक व्यक्ति द्वारा पांच से अधिक मामलों में दावे या आपत्तियां दर्ज कराई जाती हैं, तो चुनावी पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) स्वयं अपने स्तर पर उसकी जांच और सत्यापन करेंगे। अभियान की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत और गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप को अपने-अपने क्षेत्रों में जिलावार भ्रमण कर सुपर चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

3. उत्तराखंड की 13 हस्तियों को आठ अगस्त को मिलेगा तीलू रौतेली पुरस्कार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का भी होगा सम्मान

राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं और किशोरियों को दिए जाने वाले प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए इस वर्ष 13 महिलाओं का चयन किया गया है। आगामी आठ अगस्त को संस्कृति विभाग के हरिद्वार बाईपास मार्ग स्थित सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चयनित विजेताओं को सम्मानित करेंगे। इस अवसर पर 35 महिलाओं को राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा।

217 आवेदनों में से हुआ चयन

उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती पर महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2006 में इस पुरस्कार की शुरुआत की गई थी। इस वर्ष विभाग को प्रदेश के विभिन्न जिलों से कुल 217 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें नैनीताल से 29, उत्तरकाशी से 24, देहरादून से 23, हरिद्वार से 22 और अल्मोड़ा से 21 आवेदन शामिल थे। निष्पक्ष चयन प्रक्रिया के बाद 13 महिलाओं के नामों पर मोहर लगाई गई। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार के लिए प्राप्त 220 आवेदनों में से 35 का चयन किया गया।

तीलू रौतेली पुरस्कार विजेताओं की सूची

पुरस्कार के लिए चयनित 13 प्रमुख महिलाएं और उनके संबंधित क्षेत्र निम्नलिखित हैं:

  • उत्तरकाशी: श्वेता बधानी (स्वतंत्री) - सामाजिक क्षेत्र

  • अल्मोड़ा: पुष्पा फर्त्याल - संस्कृति एवं कला

  • बागेश्वर: दया दानू - समाज सेवा

  • चमोली: नंदा सती - संगीत

  • चंपावत: रितिका बगोली - पर्यावरण संरक्षण एवं शिक्षा

  • देहरादून: नीतू रानी - शिक्षा एवं बहादुरी

  • हरिद्वार: वैशाली शर्मा - समाज सेवा

  • नैनीताल: लतिका - खेल

  • पौड़ी गढ़वाल: प्रियंका पत थपलियाल - खेल, समाज सेवा एवं महिला सशक्तिकरण

  • पिथौरागढ़: कलावती देवी - सामाजिक कार्य

  • रुद्रप्रयाग: दुर्गा देवी - समाज सेवा

  • टिहरी गढ़वाल: सरिता कोठियाल - सामाजिक क्षेत्र

  • ऊधम सिंह नगर: पुष्पा देवी - दिव्यांग खेल

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