सारांश
शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जन कल्याण, न्यायिक ढांचों और पर्यटन से जुड़े 13 महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों के तहत हल्द्वानी के लामाचौड़ में हाईकोर्ट के नए परिसर के लिए करीब 40 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित की जाएगी। साथ ही मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश के साथ एमओयू करने, सामान्य वर्ग के लिए गौ पालन योजना में 60% सब्सिडी देने तथा मजदूरी संहिता नियमावली-2026 लागू करने का निर्णय लिया गया है।
1. धामी कैबिनेट की बैठक में 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी
शुक्रवार को देहरादून स्थित सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जन कल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, न्यायिक ढांचे, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े 13 बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई। महानिदेशक सूचना एवं मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के इन फैसलों की जानकारी दी।
हाईकोर्ट परिसर और खेल विश्वविद्यालय के लिए भूमि व पद स्वीकृत
कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में स्थित 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकतानुसार लगभग 40 हेक्टेयर भूमि नए हाईकोर्ट परिसर के निर्माण हेतु हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, गौलापार स्थित उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 122 नियमित पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है, जबकि तकनीकी और सहायक पदों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरा जाएगा।
गौ पालन योजना का दायरा बढ़ा और गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार
राज्य सरकार ने गौ पालन योजना का विस्तार करते हुए इसमें सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी शामिल किया है, जिन्हें 60% सब्सिडी मिलेगी, जबकि एससी-एसटी वर्ग को 90% सब्सिडी का प्रावधान है। अब इस योजना के तहत गाय के साथ भैंस भी खरीदी जा सकेगी और पशु की यूनिट लागत 40 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, धार्मिक पर्यटन और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश के साथ एमओयू कर गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार मेरठ से हरिद्वार तक करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई है।
श्रमिकों के हित में नियमावलियों में बदलाव
मंत्रिमंडल ने मजदूरी संहिता नियमावली-2026 और औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को लागू करने की स्वीकृति दी है। इसके तहत श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, समान काम के लिए महिला-पुरुष को समान वेतन और हर महीने की 7 तारीख तक डिजिटल भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, औद्योगिक विवादों के समयबद्ध समाधान और री-स्किलिंग फंड की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा वन विकास निगम में स्केलर पदों के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा कराने और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत सहकारी समिति नियमावली से कुष्ठ रोग से जुड़े भेदभावपूर्ण प्रावधान हटाने का फैसला लिया गया है।