लखनऊ में बुधवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि यूपी में सरकार बनने पर 12वीं पास बेटियों को लैपटॉप और महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने भाजपा पर सपा की योजनाएं लीक करने का आरोप लगाया। वहीं, सांसद डिंपल यादव ने जंतर-मंतर छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए महिलाओं से पुरानी बंदिशें तोड़ने की अपील की। पार्टी सूत्रों का दावा है कि यदि भाजपा महिला कार्ड खेलती रही तो सपा इसके जवाब में डिंपल यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाकर चुनाव लड़ेगी।
12वीं पास बेटियों को लैपटॉप और महिलाओं को सालाना आर्थिक मदद का वादा
बुधवार को लखनऊ स्थित सपा प्रदेश कार्यालय में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कई बड़े चुनावी वादे किए। उन्होंने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर हर 12वीं पास बेटी को लैपटॉप दिया जाएगा। इसके साथ ही 'स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना' के तहत हर महिला को सालाना 40 हजार रुपए देने का वादा किया गया है, और अखिलेश ने दावा किया कि भविष्य में इस राशि को और भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सपा सरकार बनने पर साइकिल बांटने की योजना फिर से शुरू की जाएगी, 26 हजार बंद स्कूलों को खुलवाया जाएगा, और प्राइमरी स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों को वर्ल्ड क्लास बनाया जाएगा।
'हमारी योजनाएं लीक होकर भाजपा तक पहुंच रहीं', सपा प्रमुख का दावा
अखिलेश यादव ने योगी सरकार की ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ (जिसके तहत बुजुर्ग महिलाओं को फ्री बस यात्रा दी गई है) पर तंज कसते हुए कहा कि सपा की प्लानिंग लीक होकर सरकार तक पहुंच रही है। उनके अनुसार, इसी लीक का परिणाम है कि सरकार ने बुजुर्ग महिलाओं के लिए बस यात्रा फ्री कर दी है। उन्होंने तकनीकी तुलना करते हुए कहा कि सपा सरकार में बांटे गए लैपटॉप आज भी चल रहे हैं, जबकि मौजूदा सरकार द्वारा बांटे जा रहे टैबलेट ठीक से काम नहीं करते। उन्होंने 1090 विमेन पॉवर लाइन और जनेश्वर पार्क के इंफ्रास्ट्रक्चर का उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में आए जापान के डेलिगेशन को भी सरकार ने सपा द्वारा बनाया गया 1090 सिस्टम ही दिखाया था।
महिलाओं पर अत्याचार और 2027 चुनाव को लेकर भाजपा पर निशाना
सपा प्रमुख ने भाजपा के 'नारी वंदन' नारे को खोखला बताते हुए कहा कि यूपी में बेटियों पर सबसे ज्यादा अन्याय हो रहा है। उन्होंने हाथरस की बेटी, मां-बेटी को जिंदा जलाए जाने की घटना और खुशी दुबे को जेल भेजने का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश ने मांग की कि महिला आरक्षण बिल को अगले चुनाव में ही लागू किया जाए और ऐलान किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा, भाजपा से ज्यादा महिलाओं को टिकट देगी। हिजाब विवाद पर उन्होंने कहा कि भाजपा लोगों के पहनावे पर सवाल खड़ी करती है। साथ ही उन्होंने तंज कसा कि उनके 'पीडीए' (PDA) नारे में 'पी' का मतलब विरोधियों के लिए प्रोस्टेट या पेट में दर्द है।
छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर की घटना पर डिंपल यादव का भावुक बयान
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के आंदोलन को सपा ने पहले दिन से समर्थन दिया है, जिसे अखिलेश ने 'बीजेपी बनाम सीजेपी' की लड़ाई बताया। इसमें सपा सांसद डिंपल यादव, प्रिया सरोज और इकरा हसन शामिल हुई थीं। मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने प्रदेश की महिलाओं से पुराने रीति-रिवाजों और बंदिशों को तोड़कर आगे बढ़ने की अपील की। 20 तारीख को जंतर-मंतर जाने के अनुभव को साझा करते हुए डिंपल ने कहा कि सोनम वांगचुक को सफेद कपड़ों में लपेटकर ले जाते देख उन्हें ऐसा लगा जैसे कोई लाश ले जाई जा रही हो, जिससे वे काफी भावुक हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां बच्चों को लाठियों से पीटा जा रहा था और बेटियों के कपड़े तक फाड़ दिए गए थे। डिंपल ने कहा कि एक मां होने के नाते वे वहां डटी रहीं और बच्चों का हौसला बढ़ाया। उनके अनुसार, यह आंदोलन पूरे देश के लिए संजीवनी बूटी साबित हुआ है और अगर सब मिलकर लड़ें तो भाजपा को हराना मुश्किल नहीं है।
