सारांश
उत्तराखंड के चमोली जिले के नारायणबगड़ में सरकारी अस्पताल की क्षतिग्रस्त दीवार गिरने से चिकित्सा प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र डिमरी की मौत हो गई। यमुनोत्री हाईवे का हिस्सा बहने से फंसे 1000 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया है। राज्यभर में 173 सड़कें बंद हैं, जिनमें सबसे ज्यादा पौड़ी गढ़वाल में 27 और देहरादून में 23 मार्ग बाधित हैं। आगामी 12, 13 और 14 जुलाई को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
अस्पताल की दीवार गिरने से चिकित्सा प्रभारी की मौत और मार्गों पर तबाही
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड के चमोली जिले के नारायणबगड़ स्थित सरकारी अस्पताल परिसर में शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक क्षतिग्रस्त दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र डिमरी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन कथित तौर पर रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके अलावा, चमोली जिले में ही कर्णप्रयाग-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-109) का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और एक दर्जन से अधिक ग्रामीण सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं पौड़ी जिले के गुमखाल-सतपुली मार्ग पर एक चलती पिकअप पर पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर गिर गए, जिससे वाहन पूरी तरह पिचक गया, हालांकि ड्राइवर ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगा जाम और यात्रियों का रेस्क्यू ऑपरेशन
दिए गए विवरण के अनुसार, रुद्रप्रयाग में सुबह सिरोबगड़ के पास बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी मलबा आने से केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले मार्ग पर करीब 800 से 1000 यात्री फंस गए थे, जिन्हें प्रशासन ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हाईवे खोलकर निकाला। उधर, उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी में शुक्रवार को यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का लगभग 100 मीटर हिस्सा बह जाने के कारण करीब 1000 यात्री 27 घंटे तक फंसे रहे, जिन्हें प्रशासन ने पैदल मार्ग से सुरक्षित बाहर निकाला। उत्तरकाशी में यमुनोत्री और गंगोत्री दोनों ही राजमार्ग भूस्खलन और पहाड़ी से गिरते पत्थरों के कारण प्रभावित चल रहे हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) के आंकड़ों के मुताबिक, राज्यभर में 173 सड़कें बंद हैं, जिनमें सबसे ज्यादा पौड़ी गढ़वाल में 27 और देहरादून में 23 मार्ग बाधित हैं।
नदियों का बढ़ता जलस्तर और जलभराव के बीच हुए अन्य हादसे
मौसम के बदले मिजाज के बीच उत्तरकाशी के हर्षिल में भागीरथी नदी और रुद्रप्रयाग में अलकनंदा व मंदाकिनी नदियां उफान पर बह रही हैं। रामनगर में कोसी नदी का पानी गर्जिया देवी मंदिर के पास दुकानों में घुस गया, जबकि बीन नदी के तेज बहाव में फंसे एक स्कूटी सवार को ग्रामीणों ने बचाया। हरिद्वार के बैरागी कैंप में गंगा किनारे स्टंट के दौरान एक थार गाड़ी नदी में गिर गई जिसे पुलिस ने सीज कर दिया है। इसके अलावा, देहरादून में अचानक हुई तेज बारिश से अंधेरा छा गया, जबकि रुड़की में जलभराव के कारण एक बुलेट सवार युवक खुले नाले में गिर गया जिसे बचा लिया गया। आईआईटी रुड़की परिसर में भी भारी जलभराव देखा गया जहां छात्रों द्वारा सड़कों पर नाव चलाने का एक वीडियो भी सामने आया है। नैनीताल हाईकोर्ट के पास पेड़ गिरने से दो राहगीर घायल हुए हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट और आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग द्वारा जारी की गई चेतावनी के अनुसार, शनिवार को देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़, ऊधम सिंह नगर, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर सहित 7 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही आगामी 12, 13 और 14 जुलाई को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है, जिसके चलते प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।