संक्षेप:
नीट पेपर लीक विवाद और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, पीएम मोदी ने रविवार को परीक्षा सुधार के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय टास्क फोर्स बनाई है। सोमवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह लोकसभा में पेपर लीक रोकथाम संशोधन विधेयक 2026 पेश करेंगे, जिसमें फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रावधान होगा। नंदन नीलेकणी का सरकारी समितियों के साथ लंबा अनुभव रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वे 2009 में आधार कार्ड को पहचान देने वाली भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के पहले अध्यक्ष थे।
परीक्षा सुधार के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठित
नीट पेपर लीक मामले में छात्रों का प्रदर्शन समाप्त होने के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए बड़े कदम उठाए हैं। रविवार, 26 जुलाई 2026 की शाम करीब 7 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर बताया कि परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने के लिए एक हाई-पावर टास्क फोर्स का गठन किया गया है। 6 सदस्यों वाली इस टीम की अध्यक्षता इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणी करेंगे। पीएम के अनुसार, सरकार का फोकस परीक्षा सुधारों पर है और इसके लिए तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।
लोकसभा में पेश होगा 'सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026'
सोमवार को संसद में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेश किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह इस बिल को लोकसभा में रखेंगे। इस विधेयक के जरिए 2024 के कानून में अहम बदलाव किए जाएंगे। नए कानून के तहत पेपर लीक के दोषियों के लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान होगा। इसके साथ ही, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का अधिकार मिलेगा, जहां इन मामलों की रोजाना आधार पर सुनवाई होगी।
पीएम मोदी का संदेश: छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले जेल में
पीएम मोदी ने बीते चार दिनों में इंस्टाग्राम पर तीन वीडियो संदेश जारी किए हैं। रविवार के अपने संदेश में उन्होंने दावा किया कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है और खिलवाड़ करने वाले लोग जेलों में सड़ रहे हैं। इससे पहले 23 जुलाई की रात 12 बजे उन्होंने एक्स (X) पर 2.56 मिनट का वीडियो पोस्ट कर बताया था कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए 22 लाख छात्रों की परीक्षा दोबारा कराकर 19 जुलाई को रिजल्ट भी घोषित कर दिया गया। वहीं, 24 जुलाई को पीएम ने जनता द्वारा दिए गए सकारात्मक सुझावों के लिए धन्यवाद दिया था।
नीट विवाद: 36 दिन का प्रदर्शन और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
गौरतलब है कि 3 मई को हुए नीट-यूजी (NEET UG) पेपर लीक के बाद देश भर के छात्रों का गुस्सा बड़े आंदोलन में बदल गया था। 16 मई को सोशल मीडिया पर कथित तौर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' बनाई गई और जंतर-मंतर पर करीब 36 दिनों तक लगातार प्रदर्शन चला। इस भारी विरोध के परिणामस्वरूप 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
कई अहम सरकारी समितियों से जुड़े रहे हैं नंदन नीलेकणी
टास्क फोर्स के नवनियुक्त अध्यक्ष नंदन नीलेकणी का सरकारी समितियों के साथ लंबा अनुभव रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वे 2009 में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के पहले अध्यक्ष थे। इसके अलावा, 2010 में वित्त मंत्रालय के 'टैगअप' (TAGUP) और ई-गवर्नेंस एचआर नीति विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष रहे। हाल के वर्षों में वे 2024 में ओएनडीसी (ONDC) की सलाहकार परिषद के सदस्य और 2025 में इंडिया एनर्जी स्टैक टास्क फोर्स के चीफ मेंटर भी रहे हैं। अब 2026 में उन्हें राष्ट्रीय परीक्षा सुधार उच्चस्तरीय टास्क फोर्स की कमान सौंपी गई है।