सारांश
देहरादून के बद्रीनाथ धाम में भगवान नारायण का करीब 5 लाख का सोने का मुकुट चोरी करने के मामले में श्रावस्ती निवासी आरोपी साधु राघवदास पाठक को चमोली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल के आवास पर एसआईटी की छापेमारी में संपत्ति के दस्तावेज और नकदी बरामद हुई है। वहीं, उत्तराखंड में 20 साल में बाघों की संख्या 178 से बढ़कर 560 होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के तहत अन्य राज्यों को बाघ गिफ्ट देने की सहमति जताई है। उधर, देहरादून के क्लेमेंटटाउन की नई बस्ती में बरसाती नाले में नहाते समय अचानक पानी का बहाव बढ़ने से बिहार के खगड़िया निवासी परिवार की दो सगी बहनों, 7 वर्षीय लक्ष्मी और 3 वर्षीय सोनाक्षी, की बहने से मौत हो गई।
1. बद्रीनाथ धाम मुकुट चोरी मामला: तीसरा आरोपी साधु राघवदास गिरफ्तार, मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल के आवास से संपत्ति के दस्तावेज बरामद
5 लाख का सोने का मुकुट और नकदी बरामद
देहरादून के बद्रीनाथ धाम स्थित ब्रह्मर्षि साधना संघ आश्रम (ब्रह्म कपाल) से भगवान नारायण का करीब 5 लाख रुपये कीमत का स्वर्ण मणि जड़ित मुकुट और नकदी चोरी होने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 29 जुलाई 2026 को चमोली पुलिस ने हनुमानचट्टी रोड स्थित बद्रीश गंगा वाटिका गेट के पास घेराबंदी कर तीसरे आरोपी साधु राघवराम पाठक उर्फ राघवदास (57) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती का निवासी है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे और उसकी निशानदेही पर 5 लाख रुपये का सोने का मुकुट, 4,500 रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त काला बैग बरामद कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पहले धारा 305(A) के तहत मामला दर्ज था, जिसमें सामान बरामदगी के बाद धारा 317(2) भी बढ़ा दी गई है।
एसआईटी की जांच में पूर्व पीए के घर से मिले दस्तावेज और नकदी
मामले में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के तत्कालीन व्यक्तिगत सहायक (पीए) प्रमोद नौटियाल और पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रमोद नौटियाल को एसआईटी ने 12 जुलाई 2026 की रात देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया था। सीसीटीवी फुटेज से खुलासा हुआ था कि उसने 2 जुलाई 2026 को काउंटिंग रूम से नकदी, सोने-चांदी के सिक्के और शालिग्राम चुराए थे। पुलिस रिमांड के दौरान एसआईटी ने बुधवार को प्रमोद के देहरादून स्थित घर पर 3 घंटे तक सघन तलाशी ली। इस दौरान देहरादून और चमोली में करोड़ों रुपये की संपत्तियों के दस्तावेज, बैंक खाते, वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड, कीमती उपहार, नोटों के बंडल, शालिग्राम और लैपटॉप बरामद हुए हैं।
सीसीटीवी और व्यवस्था पर उठे सवाल
एसआईटी अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि श्रद्धालुओं का चढ़ावा बिना रिकॉर्ड दर्ज हुए आरोपी के घर तक कैसे पहुंचा और इसमें अन्य किसी अधिकारी की संलिप्तता थी या नहीं। साथ ही बीकेटीसी कार्यालय और चढ़ावा कक्ष में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद यह चोरी लंबे समय तक कैसे छिपी रही, इसकी भी जांच की जा रही है। जांच अधिकारी बैंक खातों का मिलान कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संपत्तियां चोरी की रकम से तो नहीं बनाई गईं। यदि ऐसा साबित होता है तो आरोपी पर आय से अधिक संपत्ति से जुड़ी नई धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
2. उत्तराखंड में बाघों की संख्या 560 पार: सीएम धामी ने दिए अन्य राज्यों को 'टाइगर गिफ्ट' देने के संकेत
दो दशकों में तीन गुना से अधिक बढ़ी बाघों की आबादी
उत्तराखंड जल्द ही देश के अन्य राज्यों को बाघ उपलब्ध कराने वाला प्रमुख राज्य बन सकता है। 'स्टेट ऑफ टाइगर्स-2022' रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में साल 2006 में बाघों की संख्या 178 थी, जो पिछले दो दशकों में बढ़कर 560 हो चुकी है। इसमें अकेले कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में 260 बाघ मौजूद हैं। वन विभाग के बेहतर संरक्षण, निगरानी और आवास प्रबंधन के कारण बाघों की संख्या में यह वृद्धि दर्ज की गई है।
एनटीसीए की मंजूरी और वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत होगा ट्रांसलोकेशन
स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक में बाघों के स्थानांतरण पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड बाघ संरक्षण के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। यदि कोई राज्य बाघों की मांग करता है और सभी कानूनी व वैज्ञानिक औपचारिकताएं पूरी होती हैं, तो सरकार ट्रांसलोकेशन पर विचार करेगी। हालांकि, किसी भी दूसरे राज्य को बाघ भेजने के लिए नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) की मंजूरी मिलना अनिवार्य होगा।
मानव-बाघ संघर्ष की नई चुनौती
बाघों की बढ़ती आबादी के कारण अब वे नई टेरेटरी की तलाश में टाइगर रिजर्व से निकलकर बाहर के वन प्रभागों और आबादी से सटे जंगलों तक पहुंच रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञ इसे वन्यजीव संरक्षण मॉडल की बड़ी सफलता मान रहे हैं, लेकिन इससे ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में मानव-बाघ संघर्ष की चुनौती भी उत्पन्न हो रही है। वन विभाग के लिए आने वाले समय में बाघों का कुशल प्रबंधन प्राथमिकता रहेगा।
3. देहरादून में बड़ा हादसा: बरसाती नाले के तेज बहाव में बहीं दो मासूम बहनें, दोनों की मौत
नहाने के दौरान अचानक बढ़ा पानी का जलस्तर
राजधानी देहरादून के क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र स्थित नई बस्ती में गुरुवार को एक दर्दनाक दुर्घटना सामने आई। दोपहर के समय घर के बाहर बने बरसाती नाले में नहाने गईं दो सगी मासूम बहनों की पानी के तेज बहाव में बहने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान 7 वर्षीय लक्ष्मी कुमारी और 3 वर्षीय सोनाक्षी कुमारी के रूप में हुई है।
छोटी बहन को बचाने के प्रयास में बही बड़ी बहन
घटनाक्रम के अनुसार, दोपहर में पहले 3 वर्षीय सोनाक्षी अचानक नाले के तेज बहाव की चपेट में आ गई और बहने लगी। उसे डूबता देख 7 वर्षीय बड़ी बहन लक्ष्मी उसे बचाने के लिए आगे बढ़ी, लेकिन वह भी पानी के तेज वेग को संभाल नहीं सकी और दोनों बहनें नाले पर बने रैंप के नीचे जाकर फंस गईं।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित, परिवार में मातम
शाम करीब 4 बजे घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने तलाश शुरू कर दी थी। रैंप के नीचे बड़ी बच्ची का पैर दिखाई देने पर दोनों को बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। सीओ सदर अंकित कंडारी के अनुसार पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार मूल रूप से बिहार के खगड़िया जिले का निवासी है और रोजी-रोटी के सिलसिले में देहरादून की नई बस्ती में रह रहा था। घटना के बाद प्रशासन ने प्रदेश में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए लोगों से बच्चों को जलभराव व नालों से दूर रखने की अपील की है।