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उत्तराखंड-ख़बरें : पंतनगर यूनिवर्सिटी में बच्चियों से अश्लील हरकत; रुद्रप्रयाग में सिख यात्रियों ने विवाद में स्थानीय युवकों के सिर फोड़े; बद्रीनाथ धाम में VIP दर्शन शुल्क और बिलों पर छिड़ा विवाद

सारांश 
पंतनगर यूनिवर्सिटी परिसर में एक ठेकाकर्मी ने दो सगी बहनों को टॉफी का लालच देकर उनके सामने कथित तौर पर अश्लील हरकत की, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं, रुद्रप्रयाग के सुमेरपुर में ओवरटेकिंग को लेकर हुए विवाद में छह सिख यात्रियों ने कथित तौर पर लोहे के कड़ों से दो स्थानीय युवकों के सिर फोड़ दिए। उधर, बद्रीनाथ धाम में बिना बोर्ड मंजूरी के VIP दर्शन शुल्क से ₹1.63 करोड़ की आय और VIP मेहमानों के नाम पर कथित फर्जी बिलों को लेकर श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।


1. पंतनगर यूनिवर्सिटी में ठेकाकर्मी ने बच्चियों को प्राइवेट पार्ट दिखाया: टॉफी का लालच देकर बुलाया; आरोपी को पकड़ने के लिए मां डंडा लेकर दौड़ी

टॉफी का लालच देकर की अश्लील हरकत

नैनीताल और ऊधम सिंह नगर के बॉर्डर पर स्थित प्रतिष्ठित पंतनगर यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर दो मासूम बच्चियों के साथ बदसलूकी का बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। बुधवार शाम लगभग 6:30 बजे, यूनिवर्सिटी कैंपस के वीआईपी रोड (फूलबाग क्षेत्र) के पास 10 और 7 साल की दो सगी बहनें अन्य बच्चों के साथ साइकिल चला रही थीं और कुत्ता घुमाने निकली थीं। इसी दौरान यूनिवर्सिटी के एलपीटी (LPT) विभाग में कार्यरत ठेकाकर्मी दीपक शर्मा बाइक से वहां पहुंचा। उसने बच्चियों को अकेला पाकर टॉफी देने का लालच देकर अपने पास बुलाया और कथित तौर पर उनके सामने अपना प्राइवेट पार्ट दिखाया। आरोपी ने बच्चियों के लिए बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और उनसे जबरन किस करने को कहा।

मां डंडा लेकर ढूंढने निकली, मोहल्ले की अन्य बच्चियों से भी बदतमीजी का दावा

आरोपी की इस हरकत से घबराकर बच्चियां किसी तरह वहां से भाग खड़ी हुईं और रोते-कांपते हुए घर पहुंचकर अपनी मां को पूरी आपबीती सुनाई। बच्चियों की बात सुनकर आक्रोशित मां तुरंत हाथ में डंडा लेकर आरोपी को ढूंढने के लिए मौके पर दौड़ी, लेकिन तब तक आरोपी बाइक से फरार हो चुका था। जब पीड़ित मां पड़ोस में पहुंची, तो पता चला कि आरोपी ने कथित तौर पर मोहल्ले की कुछ अन्य बच्चियों के साथ भी उसी शाम ऐसी ही छेड़छाड़ और बदतमीजी की थी।

कोतवाली में हंगामा और पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज

घटना से गुस्साए माता-पिता, महिलाएं और स्थानीय पड़ोसी पहले यूनिवर्सिटी के सुरक्षा विभाग पहुंचे और उसके बाद सीधे पंतनगर कोतवाली का घेराव करने पहुंचे। कोतवाली परिसर में रात 11 बजे तक स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा रही और उन्होंने संस्थान के अंदर बच्चियों की सुरक्षा को लेकर भारी आक्रोश जताया। पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भीड़ को शांत कराया। पंतनगर कोतवाली पुलिस ने पीड़ित परिवार की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपी ठेकाकर्मी दीपक शर्मा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और छेड़छाड़ की अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

2. 6 सिख यात्रियों ने उत्तराखंड के युवकों के सिर फोड़े: ओवरटेकिंग को लेकर हुआ विवाद; दोनों पक्षों ने गले मिलकर की सुलह

ओवरटेकिंग के विवाद में कड़ों से किया हमला

रुद्रप्रयाग के बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे सुमेरपुर क्षेत्र में ओवरटेकिंग के मामूली विवाद को लेकर छह सिख यात्रियों द्वारा दो स्थानीय युवकों पर हिंसक हमला करने का मामला सामने आया है। बुधवार शाम ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे निर्माण कार्य में कार्यरत दो स्थानीय युवक, हिमांशु भंडारी और धर्मेंद्र नेगी, अपनी ड्यूटी समाप्त कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जा रहे छह सिख यात्रियों के साथ उनकी गाड़ी को ओवरटेक करने को लेकर कहासुनी हो गई। यह विवाद देखते ही देखते हिंसक मारपीट में बदल गया। पीड़ित युवकों के अनुसार, हमलावर यात्रियों ने अपने हाथों में पहने भारी लोहे के कड़ों से उनके चेहरों और सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वे लहूलुहान हो गए।

होटल में घेराबंदी और हंगामा

वारदात को अंजाम देने के बाद सभी छह आरोपी अपनी गाड़ियों से मौके से भाग निकले। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद दोनों युवकों ने हमलावरों का पीछा किया और तिलनी स्थित एक होटल में उन्हें ढूंढ निकाला। घायल युवकों ने तुरंत स्थानीय ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। जब तक भारी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो पाते, तब तक अंधेरे का फायदा उठाकर तीन आरोपी यात्री भागने में कामयाब रहे, जबकि बाकी बचे तीन आरोपियों को भीड़ ने मौके पर ही दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना की खबर फैलते ही रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुनील रावत, गौरव चौधरी और ग्रामीण वीरेंद्र रावत सहित भारी संख्या में लोग कोतवाली पहुंच गए और बाहरी लोगों द्वारा की जा रही ऐसी घटनाओं पर भारी रोष व्यक्त किया। रुद्रप्रयाग की SP नीहारिका तोमर ने इस मारपीट की घटना को बेहद गंभीरता से लेने की बात कही।

गले मिलकर विवाद किया समाप्त

कोतवाली में देर रात सभी का मेडिकल टेस्ट कराया गया। पुलिस प्रशासन द्वारा दोनों पक्षों को बुलाकर आपस में बातचीत कराई गई। पुलिस के अनुसार, आपसी बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने गले मिलकर आपसी सहमति से विवाद को पूरी तरह समाप्त कर लिया, जिसके बाद यात्रियों को उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।

3. बद्रीनाथ- VIP दर्शन से 1.63 करोड़ की आय पर विवाद: उपाध्यक्ष बोले- बिना बोर्ड मंजूरी के शुल्क लागू किया; चढ़ावा के बाद दो नए मामले चर्चा में

मंदिर समिति के भीतर मतभेद उजागर

बद्रीनाथ धाम में दान-चढ़ावा हेराफेरी का विवाद अभी थमा भी नहीं था कि अब दो नए वित्तीय मामले सामने आने से श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के भीतर की खींचतान खुलकर सामने आ गई है। पहला मामला VIP दर्शन के लिए प्रति श्रद्धालु 1100 रुपए शुल्क वसूलने का है, जिससे अब तक करीब 1.63 करोड़ रुपए जमा होने का दावा किया जा रहा है। दूसरा मामला VIP मेहमानों के ठहरने और खानपान के नाम पर कथित फर्जी बिल बनाए जाने का है। इन दोनों मामलों को लेकर समिति के उपाध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी (CEO) के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं।

बोर्ड मंजूरी के बिना शुल्क लगाने का आरोप

BKTC के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने इस पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि VIP दर्शन शुल्क लगाने का कोई प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पारित नहीं हुआ था। उनके अनुसार, मंदिर समिति के नियमों के तहत किसी भी नए शुल्क को लागू करने या दरों में बदलाव से पहले बोर्ड की मंजूरी आवश्यक होती है। उनका विरोध विशेष व्यवस्था से नहीं बल्कि संस्थागत मंजूरी के बिना वित्तीय निर्णय लेने से है। इसके विपरीत, BKTC के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ का कहना है कि यह कोई नई व्यवस्था नहीं थी, बल्कि यात्रा सीजन के पीक में भीड़ नियंत्रण, VIP प्रोटोकॉल के अनावश्यक उपयोग को रोकने और वैकल्पिक रास्तों से अनधिकृत वसूली पर रोक लगाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत इसे पारदर्शी बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रत्येक श्रद्धालु को आधिकारिक रसीद जारी की गई और पूरी राशि (लगभग 1.63 करोड़ रुपए) सीधे समिति के खाते में जमा हुई है।

VIP मेहमानों के नाम पर कथित फर्जी बिलों का खुलासा

इसके अलावा, विभिन्न नेताओं और अतिथियों के नाम पर ठहरने और खानपान का खर्च दिखाए जाने के मामले में कथित फर्जी बिल बनाने के आरोप लगे हैं। जांच के दौरान विधायक आशा नौटियाल के नाम पर 37,500 रुपए और भाजपा नेत्री नेहा जोशी के नाम पर करीब 40 हजार रुपए का खर्च दर्शाया गया था, लेकिन दोनों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्होंने BKTC से कोई सुविधा नहीं ली और अपना पूरा खर्च स्वयं वहन किया था। इसी तरह एक विशेष अतिथि के नाम पर दिखाए गए 60 हजार रुपए के खर्च पर एविएशन कंपनी ने जवाब दिया कि यात्री का पूरा खर्च कंपनी ने स्वयं उठाया था। तीन सदस्यीय जांच समिति ने प्रारंभिक जांच में कई भुगतानों को संदिग्ध मानते हुए विस्तृत जांच की सिफारिश की है। सूत्रों के अनुसार, यह पूरा विवाद असल में BKTC उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती और समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के बीच प्रशासनिक भवन के पास एक बोर्ड लगाने के मुद्दे से शुरू हुई खींचतान की अगली कड़ी है।

दान-चढ़ावा मामले में SIT जांच तेज

दूसरी ओर, बद्रीनाथ धाम में दान-चढ़ावा हेराफेरी मामले की जांच के लिए चमोली पुलिस ने DSP मदन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में छह सदस्यीय SIT गठित की है, जो CCTV फुटेज खंगाल रही है। इस मामले में वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कर उन्हें निलंबित किया जा चुका है। इस पूरे विवाद पर कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार भ्रष्टाचार या चोरी के मामलों में कोई नरमी नहीं बरतेगी। उन्होंने दो टूक कहा कि आरोपी चाहे कितना भी रसूखदार हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और चोर के साथ वही सुलूक होगा, जो एक चोर के साथ होना चाहिए।

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