सारांश
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने भर्ती प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत अभ्यर्थियों को हर नई भर्ती के लिए बार-बार पूरा आवेदन फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी। आयोग के अध्यक्ष सत्यनारायण साबत द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भविष्य में होने वाली सभी भर्तियों और प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) के आवेदन केवल OTR नंबर के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए UPSSSC का बड़ा कदम
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने उम्मीदवारों की सुविधा के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) की नई व्यवस्था लागू कर दी है। आयोग के अध्यक्ष सत्यनारायण साबत के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को और अधिक आसान बनाना है। अब अभ्यर्थियों को आयोग द्वारा निकाली जाने वाली हर नई नौकरी के लिए बार-बार पूरा आवेदन फॉर्म भरने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। दावों के मुताबिक, भविष्य में आयोग की सभी आगामी भर्तियों और प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) के लिए आवेदन केवल OTR नंबर के जरिए ही स्वीकार किए जाएंगे। आयोग की तरफ से इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है।
ओटीआर (OTR) के लिए कोई शुल्क नहीं और पंजीकरण के दो तरीके
आयोग द्वारा जारी नियमों के अनुसार, अभ्यर्थियों को OTR जनरेट करने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा, यह पूरी प्रक्रिया बिल्कुल निशुल्क रहेगी। पंजीकरण के लिए दो तरीके तय किए गए हैं। उम्मीदवार या तो एक नया रजिस्ट्रेशन करके अपना OTR बना सकते हैं, या फिर यदि उन्होंने PET-2025 के लिए पहले ही आवेदन किया हुआ है, तो वे उसी पुराने रजिस्ट्रेशन नंबर का उपयोग करके OTR जनरेट कर सकेंगे। नियमों में स्पष्ट किया गया है कि जिन अभ्यर्थियों ने PET-2025 का फॉर्म भरा है, उनके लिए अनिवार्य है कि वे अलग से नया रजिस्ट्रेशन करने के बजाय अपने PET-2025 के रजिस्ट्रेशन नंबर से ही OTR तैयार करें।
मोबाइल-ईमेल सत्यापन और दस्तावेजों की जानकारी भरना अनिवार्य
OTR प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए अभ्यर्थियों को अपना सक्रिय मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी देना अनिवार्य किया गया है, क्योंकि भविष्य में भर्ती से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां इसी पर भेजी जाएंगी। पंजीकरण के दौरान मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी दोनों का सत्यापन अलग-अलग वन टाइम पासवर्ड (OTP) के माध्यम से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवारों को अपना नाम, जन्मतिथि, माता-पिता का नाम, पता, राज्य, गृह जनपद और हाईस्कूल का पूरा विवरण एक ही बार में भरना होगा। चूंकि यही डेटा आगे की सभी भर्तियों में उपयोग किया जाएगा, इसलिए इसे दस्तावेजों के अनुसार पूरी तरह सटीक भरने के निर्देश दिए गए हैं।
फोटो, सिग्नेचर के नए नियम और गलत जानकारी पर आवेदन रद्द होने का खतरा
आयोग के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, अभ्यर्थियों को 6 महीने के भीतर की नवीनतम रंगीन फोटो अपलोड करनी होगी, जिसका आकार JPEG/JPG फॉर्मेट में 50 KB से 100 KB के बीच होना चाहिए। हस्ताक्षर करने के नियमों में भी बदलाव किया गया है; हस्ताक्षर हिंदी या अंग्रेजी में किए जा सकते हैं, लेकिन केवल अंग्रेजी के कैपिटल लेटर्स (बड़े अक्षरों) में किए गए हस्ताक्षर मान्य नहीं होंगे। इसके साथ ही हस्ताक्षर के ठीक नीचे अभ्यर्थी को अपनी लिखावट में हिंदी में अपना नाम भी लिखना होगा। गाइडलाइन में चेतावनी दी गई है कि यदि OTR में कोई गलत या झूठी जानकारी दी जाती है और वह दस्तावेजों से मेल नहीं खाती है, तो आयोग द्वारा आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।
मुख्य विवरणों में बदलाव पर रोक और लॉगिन आईडी की सुरक्षा की जिम्मेदारी
एक बार OTR नंबर जारी हो जाने के बाद उम्मीदवार के नाम, जन्मतिथि और माता-पिता के नाम जैसी मुख्य जानकारियों में किसी भी प्रकार का संशोधन या बदलाव नहीं किया जा सकेगा, इसलिए फॉर्म को अंतिम रूप से जमा करने से पहले अच्छी तरह जांचने की सलाह दी गई है। नियमों के तहत प्रत्येक अभ्यर्थी को केवल एक ही OTR नंबर रखने की अनुमति होगी। यदि कोई उम्मीदवार एक से अधिक OTR जनरेट करता है, तो उसका आवेदन निरस्त किया जा सकता है। इसके अलावा, OTR नंबर, लॉगिन आईडी और पासवर्ड को पूरी तरह सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी स्वयं अभ्यर्थी की होगी और इसके किसी भी प्रकार के दुरुपयोग के लिए आयोग उत्तरदायी नहीं होगा।