सारांश
मंगलवार को अंबेडकरनगर में यूपी STF ने छैमार गैंग के सरगना व 6 हत्याओं के आरोपी आसिफ अली को मुठभेड़ में मार गिराया। वहीं कानपुर के बर्रा में 10 वर्षीय बेटी से छेड़खानी से परेशान पिता द्वारा आरोपी के पिता पर तमंचा तानने और सोशल मीडिया पर न्याय की गुहार लगाने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों पर केस दर्ज किया है। उधर सीतापुर के महमूदाबाद में कथित तौर पर दोस्ती का दबाव बनाने से परेशान एक नर्स ने 50 हजार रुपये की सुपारी देकर हॉस्टल मालिक की हत्या करा दी, पुलिस ने नर्स सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
1. यूपी में 6 हत्याएं करने वाला इनामी बदमाश आसिफ अली STF मुठभेड़ में ढेर
अंबेडकरनगर में तड़के हुई मुठभेड़
उत्तर प्रदेश STF ने मंगलवार सुबह करीब 4 बजे अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर जगदीशपुर गांव के पास एक मुठभेड़ में कुख्यात बदमाश आसिफ अली (40) को मार गिराया। नोएडा STF यूनिट के एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि आसिफ किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में अंबेडकरनगर में छिपा है। घेराबंदी के दौरान उसने बाइक से भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसमें एक सिपाही के दाहिने हाथ में गोली लगी। STF की जवाबी फायरिंग में आसिफ के सीने में दो गोलियां लगीं, जिसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके से एक पिस्टल, एक 12 बोर का तमंचा और बाइक बरामद की है।
6 हत्याओं में वांटेड था छैमार गैंग का सरगना
आसिफ अली कुख्यात 'छैमार गैंग' का सरगना था और उस पर जौनपुर पुलिस द्वारा एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ यूपी, राजस्थान और हरियाणा में डकैती और हत्या जैसे गंभीर अपराधों के 20 मुकदमे दर्ज थे। वह रात के समय कच्छा-बनियान पहनकर अपने गुर्गों के साथ घरों में घुसकर लूटपाट करता था और विरोध करने पर धारदार हथियारों से हत्या कर देता था। उसके द्वारा अंजाम दी गई प्रमुख वारदातों में 2013 में सुल्तानपुर में डकैती व हत्या, 2014 में जौनपुर के शाहगंज में दो महिलाओं (स्वाति और सुमन) की हत्या, 2015 में कौशांबी में पति-पत्नी की हत्या, 2015 में मुजफ्फरनगर में डकैती और 2021 में कानपुर देहात में तासीम की हत्या शामिल है।
कानपुर के मकनपुर से जुड़ा था इतिहास
पुलिस के अनुसार, साल 2015 के आसपास आसिफ का परिवार कानपुर के मकनपुर गांव में खाली जमीन पर झोपड़ी डालकर रहता था, जहां से उन्होंने अपना आधार कार्ड भी बनवाया था। साल 2015 में खाड़ामऊ गांव में राजा सिंह के घर हुई डकैती व हत्या में आसिफ और उसके भाई काल्लू उर्फ फिरोज का नाम आया था, जिसके बाद से यह परिवार मकनपुर से फरार हो गया था। काल्लू उर्फ फिरोज को अरौल पुलिस ने 6 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया था, जिस पर 75 हजार रुपये का कुल इनाम था।
2. कानपुर में बेटी से छेड़छाड़ से आहत पिता ने आरोपी के परिवार को धमकाया, वीडियो वायरल होने पर दोनों पक्षों पर मुकदमा
सोशल मीडिया पर गुहार के बाद सामने आया मामला
कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र में 10 साल की मासूम बच्ची के साथ लगातार हो रही छेड़खानी से परेशान होकर पीड़िता ने एक वीडियो जारी किया था, जो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में बच्ची ने आरोप लगाया कि सामने रहने वाला एक लड़का छत से अश्लील इशारे करता है, सीटी बजाता है और साइकिल चलाते समय उसका पीछा करता है। पीड़िता के पिता ने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा कि बाद में मोमबत्तियां जलाने से बेहतर है कि आज ही निर्दोष बच्ची के लिए आवाज उठाई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी परिवार पैसे और रसूख के बल पर मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है।
समझौते के दौरान पिता ने तानी पिस्टल
बीती 27 जून को जब दोनों पक्षों के बीच समझौते के लिए बातचीत चल रही थी, तभी पीड़िता के पिता ने आक्रोश में आकर आरोपी लड़के के पिता के सिर पर तमंचा तान दिया और दोबारा हरकत होने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता की मां ने बताया कि उनके पति प्रयागराज में प्राइवेट नौकरी करते हैं और वह अपनी बेटी के साथ घर में अकेली रहती हैं। सामने रहने वाले अधिवक्ता का बेटा कथित तौर पर मानसिक रूप से अस्वस्थ है और पिछले दो साल से उनकी बेटी को प्रताड़ित कर रहा है। मामले के तूल पकड़ने के बाद कांग्रेस ने भी सरकार के "मिशन शक्ति" पर सवाल उठाए हैं। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के मुताबिक, पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और वीडियो के साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस फिलहाल लड़की के पिता की तलाश कर रही है।
3. सीतापुर में नर्स ने दी 50 हजार की सुपारी, हॉस्टल मालिक की डंडों से पीटकर हत्या
ब्लैकमेलिंग और एकतरफा दोस्ती से परेशान थी नर्स
सीतापुर के महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने मंगलवार दोपहर 4 बजे एक हॉस्टल मालिक की हत्या के आरोप में एक नर्स और दो सुपारी किलर्स को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस पूछताछ में बाराबंकी की रहने वाली नर्स जय देवी उर्फ जया (48) ने स्वीकार किया कि न्यू हिंद हॉस्पिटल फतेहपुर में काम करने के दौरान उसकी मुलाकात बरदही टोला निवासी मनोज शुक्ला (50) से हुई थी। मनोज कथित तौर पर उस पर दोस्ती का दबाव बना रहा था और बात न मानने पर अस्पताल व नर्स के खिलाफ आरटीआई डालकर नौकरी से निकलवाने की धमकी दे रहा था। इससे तंग आकर जय देवी ने बाराबंकी के ही रहने वाले दो शूटरों, राजू और विनोद को मनोज की हत्या के लिए 50 हजार रुपये की सुपारी दी थी।
वॉयस मैसेज भेजकर दी काम होने की सूचना
योजना के अनुसार, 3 जुलाई की शाम बरदही बाजार के पास एक पगडंडी पर राजू और विनोद ने मनोज शुक्ला पर डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर उनकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने नर्स जया को वॉट्सएप पर वॉयस मैसेज भेजा कि "काम हो गया है", जिसके बाद नर्स ने बाकी बचे 30 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। एसपी अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर गठित एसओजी और महमूदाबाद पुलिस टीम ने साक्ष्यों के आधार पर तीनों को दबोच लिया। एएसपी उत्तरी आलोक सिंह के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दो डंडे, 12,500 रुपये नकद, एक बाइक और सुपारी की रकम से खरीदा गया नया मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है। मृतक मनोज शुक्ला अपने पीछे पत्नी वंदना शुक्ला और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं।