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उत्तराखंड में नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी : सामूहिक आपत्तियां रोकने के लिए नाम कटवाने की अधिकतम सीमा 5 तय

सारांश 
देहरादून में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की। प्रदेश के कुल 71.33 लाख मतदाताओं में से करीब 19 लाख नामों में विसंगतियां पाई गई हैं, जिन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। निर्वाचन आयोग ने सामूहिक आपत्तियों को रोकने के लिए एक व्यक्ति द्वारा अधिकतम 5 नाम हटवाने की सीमा तय की है, जबकि राज्य में 810 नए मतदान केंद्र बढ़ाए गए हैं।


सामूहिक आपत्तियों पर लगा अंकुश और नाम जोड़ने की नई व्यवस्था

उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत जारी हुई नई ड्राफ्ट मतदाता सूची के बाद निर्वाचन प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू हो चुका है। इस बार निर्वाचन आयोग ने बड़े पैमाने पर आने वाली सामूहिक आपत्तियों को रोकने के उद्देश्य से एक सख्त और नई व्यवस्था लागू की है। नए नियमों के अनुसार, अब कोई भी एक व्यक्ति फार्म-7 के माध्यम से अधिकतम केवल पांच मतदाताओं के नाम हटाने के लिए ही आपत्ति दर्ज करा सकेगा। यदि किसी व्यक्ति द्वारा पांच से अधिक नामों को हटाने के संबंध में आपत्ति दी जाती है, तो निर्वाचन विभाग द्वारा ऐसे मामलों की व्यक्तिगत रूप से गहन जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही, जिन पात्र नागरिकों के नाम किसी कारणवश इस ड्राफ्ट सूची में शामिल होने से छूट गए हैं, उन्हें दोबारा मौका देने के लिए प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को 100-100 फार्म-6 उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि नए मतदाता आसानी से अपना नाम सूची में जुड़वा सकें।

19 लाख मतदाताओं के नामों में विसंगति, भेजे जाएंगे नोटिस

सचिवालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की और उन्हें ड्राफ्ट मतदाता सूची की डिजिटल कॉपी सौंपी। आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में एसआईआर के पहले चरण के बाद कुल 71,33,785 मतदाता ड्राफ्ट सूची में शामिल किए गए हैं। हालांकि, एक बड़ा अपडेट यह सामने आया है कि इन कुल मतदाताओं में से करीब 19 लाख नामों में किसी न किसी तरह की तकनीकी या रिकॉर्ड संबंधी विसंगति मिली है। अधिकारियों के अनुसार, इन विसंगतियों का मतलब मतदाताओं के नाम डुप्लीकेट होना, पता बदलना, मृत्यु, स्थानांतरण या अन्य लिपिकीय त्रुटियां हो सकती हैं। अब इन सभी चिन्हित मामलों में संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) द्वारा बकायदा नोटिस जारी किए जाएंगे और पूरी तरह भौतिक सत्यापन करने के बाद ही अंतिम मतदाता सूची में नाम तय किए जाएंगे।

सूबे में बढ़े 810 मतदान केंद्र, दावे और आपत्तियों की समय-सीमा तय

निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस बार मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रदेश में मतदान केंद्रों (पोलिंग बूथों) की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। उत्तराखंड में पहले जहां कुल 11,733 मतदान केंद्र हुआ करते थे, अब उनकी संख्या 810 बढ़ाकर कुल 12,543 कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, विभाग द्वारा करीब 8.26 लाख मतदाताओं को एएसडी (Absent, Shifted, Dead यानी अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत) श्रेणी में चिन्हित किया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से इस पूरे नोटिस फेज के दौरान अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) को धरातल पर सक्रिय रखने की अपील की है ताकि सत्यापन की प्रक्रिया निष्पक्ष और सटीक हो सके। आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, इस ड्राफ्ट सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का काम 14 जुलाई से शुरू हो चुका है, जो आगामी 13 अगस्त तक जारी रहेगा। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूट गया है, तो वह तय समय सीमा के भीतर फार्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकता है।

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