सारांश
उत्तराखंड में 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को NEET पेपर लीक, केंद्र की शिक्षा नीतियों और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में देहरादून, हल्द्वानी, नैनीताल, अल्मोड़ा, टिहरी, रुड़की और रुद्रप्रयाग में जोरदार प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर आंदोलन में उत्तराखंड पुलिस के निलंबित जवान शेर सिंह भी शामिल हुए।
राज्य के 7 प्रमुख शहरों में उग्र विरोध प्रदर्शन
NEET पेपर लीक मामले, केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को उत्तराखंड के सात जिलों में विरोध की तीव्र लहर देखने को मिली। देहरादून, हल्द्वानी, नैनीताल, अल्मोड़ा, टिहरी, रुड़की और रुद्रप्रयाग में विभिन्न राजनीतिक व छात्र संगठनों ने सड़कों पर उतरकर मोर्चा खोला। देहरादून में कांग्रेस द्वारा पुतला दहन का आयोजन किया गया, जबकि सीजेपी (CJP) समर्थित कॉलेज छात्रों ने घंटाघर क्षेत्र में प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। इस प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष उमा सिसोदिया और पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी शिरकत की।
हल्द्वानी में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक
हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में दिल्ली के जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थन में उत्तराखंड क्रांति दल, आइसा (AISA), और परिवर्तनकामी छात्र संगठन समेत कई सामाजिक व छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री की प्रतीकात्मक अर्थी निकालने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की व तीखी बहस हुई। पुलिस ने अंततः प्रतीकात्मक अर्थी को अपने कब्जे में ले लिया, जिससे कुछ समय के लिए मौके पर तनाव का माहौल बन गया, हालांकि बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
दिल्ली के आंदोलन में पहुंचे निलंबित पुलिस जवान और अन्य जिलों का हाल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में उत्तराखंड पुलिस के निलंबित जवान शेर सिंह भी हिस्सा लेने पहुंचे। सोशल मीडिया पर उनकी CJP नेता अभिजीत दीपके के साथ मंच साझा करते हुए तस्वीर सामने आई है। वहीं, राज्य के अन्य हिस्सों में भी विरोध का सिलसिला दिनभर जारी रहा। अल्मोड़ा में छात्र संगठनों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। टिहरी के कीर्तिनगर में युवाओं और छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार से 21 बच्चों की मौत का हिसाब मांगा और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
हिरासत और मशाल जुलूस के साथ दिनभर चला आंदोलन
रुड़की में दिल्ली जा रहे युवा ब्रिगेड के अध्यक्ष जमाल अहमद को पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया। उधर, रुद्रप्रयाग जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर मशाल जुलूस निकाला और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया। पूरे राज्य में दिनभर विभिन्न संगठनों द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया जाता रहा।