सारांश
देहरादून पुलिस ने खुद को IPS, रॉ (RAW) और सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर 19.60 लाख रुपये की ठगी करने वाले पूर्व मुख्य सचिव के बेटे आर. यशोवर्धन को गिरफ्तार किया है। उधर, उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सिलक्यारा टनल में बुधवार देर रात शॉटक्रीट लाइनिंग गिरने से झारखंड के 22 वर्षीय श्रमिक नरेश की मौत हो गई, जिसके बाद सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मजदूरों ने काम बंद कर धरना शुरू कर दिया। वहीं, उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जागेश्वर धाम में पूजा और पौधारोपण किया, पहले ही दिन 10.8 लाख से अधिक पौधे लगाकर लक्ष्य पार कर लिया गया।
1. खुद को IPS बताकर लेडी साइंटिस्ट और छात्र से ठगी करने वाला पूर्व मुख्य सचिव का बेटा गिरफ्तार
ओल्ड मसूरी रोड से हुई गिरफ्तारी
देहरादून की राजपुर थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान मसूरी रोड स्थित CSI तिराहे से एक हाई-प्रोफाइल शातिर आरोपी आर. यशोवर्धन (35) को गिरफ्तार किया है। आरोपी उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी का बेटा है। पुलिस ने उसके पास से 5 फर्जी आईडी कार्ड, 8 फर्जी विजिटिंग कार्ड, सेना/पैरामिलिट्री की 3 जोड़ी वर्दियां, 25 लोगो, एक वायरलेस सेट और एक लैपटॉप बरामद किया है। वह खुद को IPS, RAW, CBI, CRPF, NIA और सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर प्रभावशाली बातचीत से लोगों का भरोसा जीतता था।
दो मामलों में 19.60 लाख की धोखाधड़ी
आरोपी के खिलाफ राजपुर थाने में बीएनएस (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं। पहला मामला 8 जुलाई 2026 को डाकरा बाजार निवासी अंशुल उपाध्याय ने दर्ज कराया, जिनसे आरोपी ने स्टार्टअप फंडिंग और कंपनी रजिस्ट्रेशन के नाम पर 15 लाख रुपये ठग लिए। दूसरा मामला 15 जुलाई 2026 को कैनाल रोड निवासी महिला वैज्ञानिक व पीएचडी स्कॉलर डॉ. अनुषा ने दर्ज कराया, जिनसे रक्षा मंत्रालय में 'डेटा साइंस कंसलटेंट' की नौकरी दिलाने के नाम पर 4.60 लाख रुपये ऐंठे गए थे।
UPSC में असफलता के बाद चुना जालसाजी का रास्ता
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसके पिता सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी हैं और वह बचपन से अधिकारियों का रुतबा देखकर IPS बनना चाहता था। कई साल तक UPSC की तैयारी में असफल होने के बाद उसने लोगों पर रौब झाड़ने और ठगी करने के लिए फर्जी पहचान पत्र और वर्दियां बनवा लीं। पुलिस के अनुसार, इस घटनाक्रम के पीछे 14 नवंबर की रात का एक पुराना मारपीट का मामला भी जुड़ा है, जिसमें पूर्व भाजपा विधायक प्रणव सिंह चैंपियन के बेटे दिव्य प्रताप सिंह ने फिल्मी स्टाइल में यशोवर्धन की कार का पीछा कर उसे और उसके ड्राइवर को बेरहमी से पीटा था। फिलहाल पुलिस आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है।
2. उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल में ढही शॉटक्रीट लाइनिंग, हादसे में झारखंड के श्रमिक की मौत
इनर कंक्रीटिंग के दौरान हुआ हादसा
उत्तरकाशी की निर्माणाधीन 4.5 किलोमीटर लंबी सिलक्यारा-बड़कोट टनल में बुधवार देर रात करीब 2 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। टनल के बड़कोट छोर से लगभग 900 मीटर अंदर जब इनर कंक्रीटिंग लाइन का काम चल रहा था, तभी कंक्रीट स्लैब (शॉटक्रीट लाइनिंग) का एक हिस्सा अचानक ढह गया। श्रमिक के मूवमेंट के दौरान यह भारी कंक्रीट स्लैब उसकी गर्दन के पीछे जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
अस्पताल में तोड़ा दम, सुरक्षा को लेकर मजदूरों का धरना
घायल श्रमिक को तुरंत टनल से बाहर निकालकर पहले स्थानीय अस्पताल और फिर नौगांव अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान झारखंड निवासी 22 वर्षीय नरेश के रूप में हुई है। इस हादसे के बाद टनल के श्रमिकों में भारी आक्रोश फैल गया। मजदूरों ने आरोप लगाया कि मृतक को सुरक्षा के लिए हेलमेट नहीं दिया गया था, जिसके कारण उसकी जान गई। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मजदूरों ने काम बंद कर दिया और टनल के अंदर धरने पर बैठ गए हैं।
जांच के आदेश और पूर्व के हादसे की यादें
डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और ग्रुप पर्सनल एक्सीडेंट (GPA) बीमा व वर्कमेन कम्पनसेशन एक्ट के तहत मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, हादसे के कारणों की जांच नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) कर रहा है। नगल गांव के प्रधान अरविंद भट्ट ने भी निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। गौरतलब है कि नवंबर 2023 में भी इस टनल का हिस्सा ढहने से 41 मजदूर 17 दिनों तक अंदर फंसे रहे थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे की विस्तृत जांच करने, सुरक्षा ऑडिट करने और परिजनों को तुरंत मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।
3. उत्तराखंड में लोकपर्व हरेला पर वृहद वृक्षारोपण, पहले ही दिन रोपे गए 10.8 लाख से अधिक पौधे
जागेश्वर धाम पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड का पारंपरिक लोकपर्व हरेला गुरुवार को पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास और प्रकृति के प्रति आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर और वृद्ध जागेश्वर धाम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने वहां पौधारोपण करते हुए कहा कि हरेला पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जो जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश देता है।
पहले ही दिन पार हुआ 10 लाख पौधों का लक्ष्य
राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए वृहद वृक्षारोपण अभियान के पहले दिन प्रदेश में 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन जनभागीदारी से पहले ही दिन 10 लाख 80 हजार से अधिक पौधे लगाकर लक्ष्य को पार कर लिया गया। इस अभियान में वन विभाग के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सेना, आईटीबीपी, एनसीसी और आम जनता ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पहले दिन गढ़वाल मंडल में 5.50 लाख और कुमाऊं मंडल में 4.50 लाख पौधे लगाने का टारगेट था।
एक महीने चलेगा अभियान, 5 साल तक देखरेख की जिम्मेदारी
यह पर्यावरण अभियान अगले एक महीने तक जारी रहेगा, जिसकी निगरानी हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को कम से कम दो पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें से 50% फलदार और 50% चारा प्रजाति के होंगे। सरकार ने इस बार यह अनिवार्य किया है कि जिस भी संस्थान या सरकारी कार्यालय परिसर में पौधे लगाए जाएंगे, वहां के विभागाध्यक्ष अगले 5 वर्षों तक उनकी सिंचाई और सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे ताकि पौधों की जीवित रहने की दर बढ़ सके।