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LIVE राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर चंपत राय ने तोड़ी चुप्पी : कहा- 'एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट के बाद दूंगा तथ्यात्मक जवाब'

सारांश 
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में आरोपों का सामना कर रहे पूर्व महासचिव चंपत राय ने मंगलवार को श्रीरामचरितमानस की चौपाई साझा कर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने राम भक्तों के नाम हस्तलिखित पत्र जारी कर कहा कि दानपात्र गणना में कथित चोरी को लेकर उन पर अनर्गल आरोप लगाए गए हैं, जिस वजह से उन्होंने मौन धारण कर लिया है। उन्होंने एसआईटी (SIT) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद सभी आरोपों का तथ्यात्मक जवाब देने और सच्चाई सामने लाने का भरोसा दिया है। इससे पहले कल ट्रस्ट ने लगभग उन सभी कीमती वस्तुओं को दिखाया है, जिनके दानकर्ता मीडिया में उनके गायब होने का दावा कर रहे थे।


चंपत राय का हस्तलिखित पत्र और रामचरितमानस की चौपाई का संदेश

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने अपने 'X' अकाउंट पर श्रीरामचरितमानस की चौपाई ‘धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी’ पोस्ट की है, जिसका अर्थ है कि धैर्य, धर्म, मित्र और पत्नी की वास्तविक परीक्षा संकट के समय ही होती है। इसके साथ ही उन्होंने राम भक्तों के नाम अपने हाथ से लिखा एक पत्र भी जारी किया। इस पत्र में उन्होंने कहा कि राम मंदिर में दानपात्र की गणना के समय हुई कथित चोरी को लेकर उन पर अनर्गल आरोप लगाए गए हैं, जिसके चलते उन्होंने फिलहाल मौन धारण कर लिया है। चंपत राय ने कहा कि सोमवार को ट्रस्ट की बैठक में एसआईटी की जो प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की गई थी, वह परम गोपनीय थी लेकिन अब सार्वजनिक हो चुकी है। उन्होंने भक्तों को आश्वस्त किया कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह अपने ऊपर लगे सभी आरोपों और दुष्प्रचार का तथ्यात्मक रूप से जवाब देंगे, जिससे सच्चाई सबके सामने आ जाएगी। पत्र में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उन्हें अक्टूबर 1991 में संगठन द्वारा अयोध्या भेजा गया था और उनका करीब 45 वर्षों का सार्वजनिक जीवन एक खुली किताब की तरह है। गौरतलब है कि चंपत राय ने 26 जून को महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में स्वीकार कर लिया गया। वह वर्तमान में अयोध्या में ही मौजूद हैं। इस बीच, सोशल मीडिया पर चंपत राय का एसआईटी को दिया गया एक जवाब वाला पत्र भी वायरल हो रहा है, जिसमें अनिल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए जाने का दावा किया जा रहा है।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने चंपत राय को बताया निर्दोष, ड्राइवर पर जताया शक

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर मंगलवार को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि जब वह चंपत राय को निर्दोष कहते हैं, तो उनका मतलब यह है कि इस पूरे कांड के साथ उनका कोई चारित्रिक संबंध नहीं हो सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि चंपत राय खुद सावधान नहीं रहे। स्वामी गोविंद देव गिरि के अनुसार, चंपत राय ने एक अपराधी को अपना ड्राइवर रखा हुआ था, जिसके पास चाबियां रहती थीं और सब कुछ वही कंट्रोल करता था। उन्होंने आशंका जताई कि ड्राइवर बाहरी लोगों से जुड़ा हुआ था और उसी ने इस पूरे कृत्य को अंजाम दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यह सब सीईओ (CEO) पद न होने की वजह से हुआ, इसलिए अब ट्रस्ट में एक सीईओ लाया जाएगा। दूसरी ओर, ट्रस्ट के नए महासचिव कृष्ण मोहन दास ने मंगलवार को अपना कामकाज संभाल लिया है।

आरोपियों की एक दिन की पुलिस रिमांड और चंपत राय का एकांतवास

कानूनी कार्रवाई के तहत फैजाबाद एंटी करप्शन कोर्ट ने पुलिस को इस मामले के तीन आरोपियों—करुणेश पांडेय, अनुकल्प मिश्र और लवकुश की एक दिन की रिमांड मंजूर की है। पुलिस ने अदालत से सात दिनों की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत से अनुमति मिलने के बाद अब पुलिस बुधवार सुबह तीनों आरोपियों को जेल से पूछताछ के लिए लेकर आएगी। दूसरी तरफ, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से इस्तीफा देने के बाद भी चंपत राय फिलहाल विश्व हिंदू परिषद (विहिप) में अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे। विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कथित तौर पर इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि जब तक आरोप साबित नहीं हो जाते, तब तक कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। वर्तमान में चंपत राय राम मंदिर के पास रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम में बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच एकांतवास कर रहे हैं। विहिप और अन्य सहयोगी संगठनों के लोगों को भी उनसे मिलने के लिए बकायदा इजाजत लेनी पड़ रही है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज, विहिप ने विपक्षी दलों से की माफी की मांग

इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन्होंने करोड़ों लोगों की भावनाओं को भयंकर ठेस पहुंचाई है। उन्होंने दावा किया कि इन्हें चढ़ावा चोरी की जानकारी बहुत पहले से थी, लेकिन इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई और बातों को दबा दिया गया। दूसरी ओर, विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने मंगलवार को 'X' पर एक पोस्ट के जरिए समाजवादी पार्टी (सपा), आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन दलों को रामभक्तों, ट्रस्ट और श्रद्धालुओं से माफी मांगनी चाहिए। विनोद बंसल ने दावा किया कि विपक्षी दलों ने रामभक्तों द्वारा दान की गई कीमती चीजों की चोरी का एक सुनियोजित राजनीतिक और झूठा प्रचार किया था, जबकि ऐसी सभी चीजें सुरक्षित हैं और ट्रस्ट द्वारा सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की गई हैं। उन्होंने कहा कि यह सच्चाई रामद्रोहियों के मुंह पर एक जोरदार तमाचा है और एसआईटी को इस पर ध्यान देते हुए बीएनएस (BNS) की धारा 353 के तहत कार्रवाई शुरू करनी चाहिए।

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