सारांश
शनिवार को उत्तराखंड के चमोली में अस्पताल की क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल गिरने से निरीक्षण कर रहे चिकित्सा प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र डिमरी की मौत हो गई। वहीं अल्मोड़ा के रानीखेत में शुक्रवार शाम आपसी रंजिश में आर्मी की तैयारी कर रहे 19 वर्षीय युवक सागर सिंह की गला रेतकर हत्या कर दी गई और बीच-बचाव में बुआ-दादी घायल हो गईं, जिसमें पुलिस ने आरोपी जगत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अतिरिक्त, लगातार बारिश के कारण मसूरी का प्रसिद्ध भट्टा फॉल उफान पर आ गया है, जिससे स्थानीय व्यापारी और पर्यटक सतर्क हो गए हैं।
1. चमोली में अस्पताल की दीवार गिरने से चिकित्सा प्रभारी की मौत, निरीक्षण के दौरान हुआ हादसा
मरम्मत कार्य के दौरान अचानक गिरी दीवार
उत्तराखंड के चमोली जिले के नारायणबगड़ स्थित सरकारी अस्पताल में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। अस्पताल की बाउंड्रीवाल अचानक भरभराकर गिरने से वहां तैनात चिकित्सा प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र डिमरी मलबे के नीचे दब गए। यह हादसा उस समय हुआ जब डॉ. डिमरी बाउंड्रीवाल के मरम्मत कार्य का जायजा ले रहे थे। गौरतलब है कि बीते 25 जून को हुई भारी बारिश के कारण अस्पताल की यह बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त व कमजोर हो गई थी, जिसका शनिवार को मरम्मत कार्य कराया जा रहा था।
अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम
दीवार गिरने के तुरंत बाद मौके पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों, स्थानीय व्यापारियों और अन्य लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बचाव अभियान शुरू किया और डॉ. डिमरी को मलबे से बाहर निकाला। उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। हालांकि, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सक डॉ. रिया घिल्डियाल ने उन्हें तुरंत हायर सेंटर रेफर करने की सलाह दी, लेकिन हायर सेंटर ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और स्थानीय निवासियों ने अस्पताल परिसर की क्षतिग्रस्त संरचनाओं की समय पर सुरक्षा जांच और मरम्मत सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
2. अल्मोड़ा में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवक की गला रेतकर निर्मम हत्या, बुआ और दादी भी घायल
घर में घुसकर किया चाकू और हथौड़े से हमला
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रानीखेत तहसील अंतर्गत ऐना गांव में शुक्रवार शाम करीब 7:50 बजे एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। मेरठ निवासी 19 वर्षीय सागर सिंह, जो अपनी बुआ जानकी देवी के घर रहकर आगामी अग्निवीर भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा था, की घर में घुसकर हत्या कर दी गई। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, गांव का ही निवासी जगत सिंह बोरा (35) अचानक घर में घुस आया और सागर पर चाकू व हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर दिए। आरोपी ने सागर का गला रेत दिया और उसके सीने पर चाकू से चार वार किए, जिससे सागर की मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान चीख-पुकार सुनकर बचाने आईं उसकी बुआ जानकी देवी और दादी शोभा देवी पर भी आरोपी ने धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
ग्रामीणों का प्रदर्शन और आरोपी की गिरफ्तारी
वारदात के बाद आरोपी के अस्पताल पहुंचने का भी आरोप है। देर रात होश में आने पर घायल बुआ जानकी देवी ने पुलिस के समक्ष आरोपी जगत सिंह का नाम लिया। वहीं गंभीर रूप से घायल दादी शोभा देवी को उपचार के लिए हल्द्वानी रेफर किया गया है। घटना से आक्रोशित होकर 150 से अधिक ग्रामीणों ने कोतवाली का घेराव कर प्रदर्शन किया और शव उठाने से इनकार कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी चंद्रशेखर घोड़के के निर्देश पर पुलिस ने तत्परता दिखाई। एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य आरोपी जगत सिंह बौरा को गिरफ्तार कर लिया गया और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू तथा लोहे का घन (हथौड़ा) बरामद कर लिया गया।
पुरानी रंजिश और अन्य एंगलों से पुलिस की जांच
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि करीब दो महीने पहले एक शादी समारोह में हुए विवाद की रंजिश के चलते इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं। पुलिस इस मामले की जांच कई कोणों से कर रही है, जिसमें एक अन्य युवक की संभावित भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है। इसके साथ ही, पुलिस और मृतक का परिवार आगामी 6 जुलाई को बबीता नामक महिला पर हुए कथित गुलदार के हमले की भी दोबारा जांच कर रहे हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह वास्तव में गुलदार का हमला था या फिर किसी गहरी साजिश का हिस्सा था।
3. मसूरी में लगातार बारिश से उफान पर आया भट्टा फॉल, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की बढ़ी सतर्कता
झरने का दिखा रौद्र रूप
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। पहाड़ों की रानी मसूरी में भी लगातार जारी बारिश की वजह से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। इस भारी बारिश का सीधा असर शहर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भट्टा फॉल पर देखने को मिला है। सामान्य दिनों में शांत और आकर्षक दिखने वाला भट्टा फॉल बारिश के बाद अचानक उग्र हो गया और झरने का पानी तेज बहाव के साथ उफान पर आ गया। जलस्तर में हुई इस अत्यधिक वृद्धि और झरने के रौद्र रूप को देखकर वहां मौजूद स्थानीय लोग और सैलानी पूरी तरह सहम गए।
जान-माल का नुकसान नहीं, व्यापारियों में बढ़ी सतर्कता
झरने से अत्यधिक वेग के साथ गिरते पानी और आसपास बहती तीव्र जलधाराओं का दृश्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र तो बना रहा, लेकिन सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ गईं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि भट्टा फॉल में पानी का प्रवाह अत्यधिक बढ़ने के बावजूद किसी भी प्रकार के जान-माल का नुकसान होने की सूचना नहीं है। स्थानीय निवासी शिवम के अनुसार, पानी बढ़ने के कारण फॉल अपने रौद्र रूप में जरूर आ गया है, लेकिन कोई क्षति नहीं हुई है। मौसम के बदलते और कड़े रुख को देखते हुए क्षेत्र के स्थानीय व्यापारी, रेस्टोरेंट संचालक और सैलानी बेहद सतर्क नजर आ रहे हैं। पर्यटकों का भी मानना है कि बारिश से प्राकृतिक सौंदर्य भले ही निखर गया हो, लेकिन तेज बहाव वाले स्थलों पर सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखना अनिवार्य है।