सारांश
त्रिपुरा के पुलिस मुख्यालय में 1994 बैच के आईपीएस अफसर और मूल रूप से यूपी के बागपत निवासी डीजीपी अनुराग धनखड़ अचेत अवस्था में मिले, जिन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया; पुलिस शुरुआती जांच में सुसाइड की आशंका जता रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश से बिगड़े हालात के बीच मौसम विभाग ने 24 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि पिछले 24 घंटे में बारिश और बिजली गिरने से 10 लोगों की जान जा चुकी है। उधर, मुजफ्फरनगर जिले के हबीबपुर गांव में रविवार रात बारिश के कारण एक कच्चा मकान ढहने से परिवार के मुखिया इस्लामुद्दीन और उनके चार मासूम बच्चों की मलबे में दबकर मौत हो गई।
1. त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ पुलिस मुख्यालय में मृत मिले, सुसाइड की आशंका; यूपी के बागपत के रहने वाले थे 1994 बैच के IPS अफसर
पुलिस मुख्यालय में अचेत मिले, अस्पताल में मृत घोषित
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ सोमवार सुबह अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में अचेत अवस्था में पाए गए। अधिकारियों द्वारा तुरंत अस्पताल पहुंचाए जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस की शुरुआती जांच में उनके द्वारा आत्महत्या (सुसाइड) किए जाने की आशंका जताई जा रही है। वर्तमान में उनका शव अगरतला के गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल में रखा गया है, और फॉरेंसिक टीम के साथ पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।
1994 बैच के आईपीएस और बागपत से नाता
1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के अंतर्गत आने वाले गांव बिहारीपुर के निवासी थे। उनका बचपन गांव में ही बीता और उन्होंने प्राथमिक शिक्षा के बाद जनता वैदिक महाविद्यालय, बड़ौत से बीएससी (कृषि) की पढ़ाई की। लगभग एक वर्ष पूर्व अपने पिता सतपाल धनखड़ के निधन पर वह आखिरी बार अपने पैतृक गांव आए थे। वर्तमान में उनकी मां रगबीरी और अन्य परिजन बड़ौत में रहते हैं, जबकि उनका बेटा अभिषेक कनाडा में रहता है।
तीन दशकों के करियर में संभाली कई अहम जिम्मेदारियां
अनुराग धनखड़ ने 1988 में बैंक में फील्ड ऑफिसर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद 1994 में उनका चयन आईपीएस के रूप में हुआ। अपने तीन दशक लंबे पुलिस सेवा करियर के दौरान उन्होंने सीबीआई, बीएसएफ, सीआईएसएफ और संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो शांति मिशन में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। सीबीआई में संयुक्त निदेशक व अतिरिक्त निदेशक के पदों पर रहते हुए उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक के 13 हजार करोड़ रुपये के घोटाले, नीरव मोदी मामले और 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) के अध्यक्ष के रूप में जांच का नेतृत्व किया था।
2. यूपी में 24 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, नदियों का जलस्तर बढ़ा; 24 घंटे में प्राकृतिक हादसों से 10 मौतें
मानसूनी गतिविधियों के चलते 20 जिलों में झमाझम बारिश
उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है। मौसम विभाग ने मानसूनी ट्रफ रेखा के प्रभावी होने के कारण प्रदेश में 24 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके बाद अगले 3-4 दिनों तक कहीं-कहीं भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। सोमवार को राजधानी लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, अयोध्या और बरेली समेत 20 जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण फिरोजाबाद और उन्नाव के सरकारी अस्पतालों में जलभराव देखा गया, वहीं शामली में नहर फटने से सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया।
नदियों के उफान से घाट और मंदिर जलमग्न
पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही वर्षा से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वाराणसी और प्रयागराज में गंगा नदी के घाटों की सीढ़ियां डूब चुकी हैं। काशी में दशाश्वमेध घाट से लेकर पंचगंगा घाट तक रत्नेश्वर महादेव मंदिर सहित 40 छोटे मंदिरों में पानी प्रवेश कर गया है। वहीं एटा में अरिंद नदी के उफान पर होने से तटीय ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से 10 लोगों ने गंवाई जान
प्रदेश भर में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से जुड़ी घटनाओं में कुल 10 लोगों की मौत हो गई। इनमें मुजफ्फरनगर में मकान गिरने से एक ही परिवार के 5 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा प्रयागराज में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 2 लोगों की मृत्यु हुई, बलिया और चंदौली में खेत में काम कर रहे एक-एक किसान की जान चली गई, तथा एटा जिले में घर की छत गिरने से एक महिला की मौत हो गई।
3. मुजफ्फरनगर में बारिश के बीच कच्चा मकान भरभराकर ढहा, पिता और चार बच्चों समेत 5 की मौत; दो बेटियां घायल
हबीबपुर गांव में रविवार रात हुआ दर्दनाक हादसा
मुजफ्फरनगर जिले के फुगाना थाना क्षेत्र स्थित हबीबपुर गांव में रविवार रात करीब 9 बजे लगातार हो रही बारिश के कारण एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मिट्टी और ईंटों से बने इस मकान की छत ढहने से घर के अंदर मौजूद 7 लोग मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन की टीम ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
हादसे में 5 लोगों की मौत, दो बेटियां उपचाराधीन
अस्पताल में डॉक्टरों ने परिवार के मुखिया 60 वर्षीय इस्लामुद्दीन और उनके चार बच्चों—रुखसार (10 वर्ष), अलसीबा (4 वर्ष), अहद (5 वर्ष) और जीशान (1 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल दो बेटियों—रुकईया (8 वर्ष) और समईया (7 वर्ष) को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है। घटना के समय इस्लामुद्दीन की पत्नी और दो अन्य बच्चे घर से बाहर होने के कारण सुरक्षित बच गए। राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना।
मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता का ऐलान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार वर्मा के अनुसार जर्जर और कच्चे मकानों की पहचान कर वहां रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने जानकारी दी कि मृतकों के आश्रितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रति मृतक 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।