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उत्तराखंड-ख़बरें : राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चंपत राय ने तोड़ी चुप्पी; बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद में निजी सचिव हुए निलंबित; पेड़ो की कटाई के विरोध में 16 को मनेगा 'ब्लैक हरेला'

सारांश
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में घिरे पूर्व महासचिव चंपत राय ने पत्र जारी कर कहा है कि SIT की अंतिम रिपोर्ट के बाद वे सभी दुष्प्रचार का तथ्यात्मक जवाब देंगे, वहीं ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने उनके ड्राइवर पर चोरी की आशंका जताई है। उधर, बद्रीनाथ धाम में कथित चढ़ावा हेरफेर के आरोप में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड की ऋषिकेश-भानियावाला फोरलेन परियोजना के लिए एलीफेंट कॉरिडोर में हो रही 4,475 पेड़ों की कटाई के विरोध में पर्यावरणविदों ने 8 जुलाई को प्रदर्शन और आगामी 16 जुलाई को 'ब्लैक हरेला' मनाने का ऐलान किया है।


1. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय ने जारी किया पत्र, SIT रिपोर्ट के बाद देंगे तथ्यात्मक जवाब

चौपाई लिखकर तोड़ी चुप्पी

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपों से घिरे पूर्व महासचिव चंपत राय ने मंगलवार को श्रीरामचरितमानस की चौपाई लिखकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने अपने X अकाउंट पर लिखा, 'धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी'। चंपत राय ने राम भक्तों के नाम हाथों से लिखा एक लेटर भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि दानपात्र की गणना के समय की गई चोरी को लेकर उन पर अनर्गल आरोप लगाए गए हैं, जिसके कारण उन्होंने मौन धारण कर लिया है।

अंतिम रिपोर्ट का करेंगे इंतजार

चंपत राय के अनुसार, सोमवार को ट्रस्ट की बैठक में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की गई थी जो कि सार्वजनिक हो चुकी है, जबकि वह रिपोर्ट परम गोपनीय थी। उन्होंने भक्तों को भरोसा दिलाया कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वे अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों और दुष्प्रचार का तथ्यात्मक जवाब देंगे। चंपत राय ने बताया कि अक्टूबर 1991 से वे अयोध्या में तैनात हैं और उनका 45 सालों का सार्वजनिक जीवन खुली किताब की तरह है। बता दें कि चंपत राय ने 26 जून को महासचिव पद से इस्तीफा दिया था, जिसे 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में स्वीकार कर लिया गया। वर्तमान में वह रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम में कड़ी सुरक्षा के बीच एकांतवास कर रहे हैं।

कोषाध्यक्ष ने ड्राइवर पर जताई आशंका

राम मंदिर विवाद पर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने कहा कि चंपत राय निर्दोष हैं और इस कांड से उनका कोई चारित्रिक संबंध नहीं हो सकता, लेकिन वे खुद सावधान नहीं रहे। उन्होंने एक अपराधी को अपना ड्राइवर रखा था, जिसके पास चाबियां थीं और सब कुछ वही कंट्रोल करता था। कोषाध्यक्ष ने आशंका जताई कि ड्राइवर बाहरी लोगों से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि यह सब CEO नहीं होने की वजह से हुआ, इसलिए अब एक CEO लाया जाएगा। दूसरी ओर, ट्रस्ट के नए महासचिव कृष्ण मोहन दास ने कामकाज संभाल लिया है, तथा फैजाबाद एंटी करप्शन कोर्ट ने तीन आरोपियों करुणेश पांडेय, अनुकल्प मिश्र और लवकुश को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार ने पुष्टि की है कि चंपत राय फिलहाल संगठन में अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने रहेंगे।

2. बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद: सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल निलंबित

सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा

बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेरफेर के मामले में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए समिति अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर 48 घंटे के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है। BKTC के नोटिस के अनुसार, 2 जुलाई 2026 की सीसीटीवी फुटेज की जांच में प्रमोद नौटियाल थाली भेंट गणना स्थल पर सामान्य गणना के अलावा कुछ सामान अपने मोबाइल के साथ अलग रखते हुए दिखाई दिए थे, जो कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है।

गायब लैपटॉप की भी होगी जांच

इस मामले की जांच का दायरा बढ़ाते हुए पिछले 10 से 12 वर्षों में समिति को बैंकों (SBI, PNB, कैनरा बैंक) से मिले करीब 20 से 25 लैपटॉप के गायब होने की भी जांच शुरू की जाएगी, जिनका स्टॉक रजिस्टर में कोई रिकॉर्ड नहीं है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इस पूरे मामले की हाई लेवल जांच गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप को सौंपी जा सकती है। इस प्रस्तावित समिति में आईएएस संदीप तिवारी और फाइनेंस कंट्रोलर जगत चौहान को शामिल किए जाने की चर्चा है।

40 दिन के फुटेज खंगालेगी टीम

भैरव सेना द्वारा 3 जुलाई को की गई लिखित शिकायत के बाद चार सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया था। ऋषिकेश में हुई पहली बैठक के बाद निजी सचिव को निलंबित किया गया। अब यह जांच टीम बद्रीनाथ मंदिर परिसर के 32 सीसीटीवी कैमरों की करीब 40 दिन की रिकॉर्डिंग खंगालेगी। इसके अलावा, दान-चढ़ावे की गणना व्यवस्था की भी जांच होगी क्योंकि प्रभारी अधिकारी 30 जून को सेवानिवृत्त हो गए थे और नए अधिकारियों की नियुक्ति नहीं हुई थी। उधर, धर्मस्व विभाग ने भी व्यवस्था व सुरक्षा प्रबंधन को लेकर BKTC से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

3. उत्तराखंड में फोरलेन परियोजना के लिए एलीफेंट कॉरिडोर में पेड़ों की कटाई का विरोध, 16 जुलाई को मनेगा 'ब्लैक हरेला'

सुप्रीम कोर्ट में लंबित है मामला

ऋषिकेश-भानियावाला फोरलेन परियोजना के तहत संवेदनशील एलीफेंट कॉरिडोर क्षेत्र में 4,475 पेड़ों की कटाई शुरू होने पर पर्यावरणविदों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने गंभीर आपत्ति जताई है। विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि एलीफेंट कॉरिडोर से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और उत्तराखंड हाईकोर्ट भी इसका उल्लेख कर चुका है, इसके बावजूद बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है। इसके विरोध में 8 जुलाई को NHAI कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि 16 जुलाई को आने वाले हरेला पर्व को इस बार 'ब्लैक हरेला' के रूप में मनाने का फैसला लिया गया है।

₹743 करोड़ की है परियोजना

राष्ट्रीय राजमार्ग-7 (NH-7) पर भानियावाला से ऋषिकेश तक करीब 20 किमी लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत ₹743 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। NHAI का दावा है कि इससे जौलीग्रांट एयरपोर्ट से ऋषिकेश की दूरी महज 30 मिनट में पूरी होगी और चारधाम यात्रा सुगम होगी। परियोजना के तहत 4,475 पेड़ काटे जा रहे हैं, जबकि 754 पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया जाएगा। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए NHAI ने 1 ब्रिज-कम-एलीफेंट अंडरपास, 4 समर्पित एलीफेंट अंडरपास, साउंड बैरियर और 'नो हॉर्न' जोन जैसी व्यवस्थाएं की हैं।

मानसून में कटाई पर उठे सवाल

सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल ने पहली बार मानसून के दौरान हजारों पेड़ों की कटाई किए जाने पर सवाल उठाया है और परियोजना के दोबारा पर्यावरणीय मूल्यांकन की मांग की है। पर्यावरणविद दिनेश सेमवाल ने आशंका जताई है कि जंगलों के विखंडन से हाथियों के प्राकृतिक रास्ते प्रभावित होंगे जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ सकता है। उनका यह भी कहना है कि इस मार्ग पर वर्तमान में ऐसा कोई ट्रैफिक दबाव नहीं है जिसके लिए फोरलेन निर्माण की तत्काल आवश्यकता हो।

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