नीट (NEET) पेपर लीक मामले में भारी विरोध और दबाव के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), दीपके और सोनम वांगचुक सहित अन्य प्रदर्शनकारी उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम से ठीक पहले NTA के 47 अधिकारियों को भी बर्खास्त किया गया था।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और जंतर-मंतर पर 36 दिन का प्रदर्शन
नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर मचे सियासी और सामाजिक बवाल के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अपना इस्तीफा पत्र जारी कर इसकी पुष्टि की। उनके इस्तीफे की मांग को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन चल रहा था। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया था कि वे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से कम किसी भी बात पर नहीं मानेंगे।
'झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए': दीपके और CJP की प्रतिक्रिया
इस्तीफे की खबर सामने आते ही प्रदर्शनकारियों ने इसे एक बड़ी जीत करार दिया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक पोस्ट के जरिए प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "कॉकरोच की जीत हुई।" पार्टी पिछले 36 दिनों से इस मुद्दे पर डटी हुई थी। वहीं, दीपके ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "लोग कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते। झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।" दीपके के अनुसार, यह इस बात का प्रमाण है कि यदि बिना डरे सरकार के सामने खड़ा रहा जाए, तो किसी का भी इस्तीफा लिया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर 26 दिनों तक अनशन किया था।
NTA पर बड़ा एक्शन: 47 अधिकारी बर्खास्त, तकनीकी सुधार के निर्देश
इस्तीफे से ठीक एक दिन पहले (शुक्रवार रात) सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इन बर्खास्त कर्मियों के खिलाफ क्रिमिनल केस भी दर्ज किए जाएंगे। इससे पहले गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय के दो सचिवों का भी तबादला किया गया था। भविष्य में पेपर लीक की कोई गुंजाइश न रहे, इसके लिए NTA की आउटसोर्सिंग व्यवस्था में बदलाव और बड़े तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं। इसके तहत, संस्था में 4 वरिष्ठ जनरल मैनेजर और UPSC के 'प्रतिभा सेतु' पोर्टल के जरिए 16 यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति भी की जाएगी।
NEET 2026 पेपर लीक का पूरा मामला और CBI की जांच
3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा का पेपर लीक हो गया था, जिसके बाद भारी हंगामे के कारण सरकार और NTA को परीक्षा रद्द कर इसे दोबारा कराना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कथित तौर पर देशभर में कई छात्रों ने आत्महत्या जैसा दुखद कदम उठाया। पेपर लीक मामले की जांच फिलहाल सीबीआई (CBI) कर रही है। जांच एजेंसी ने दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत कई राज्यों में पड़ताल की है। इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और माना जा रहा है कि सीबीआई जल्द ही अपनी चार्जशीट दाखिल करेगी। इस मुद्दे को लेकर संसद में भी लगातार हंगामा जारी है।