जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन शनिवार को आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया। संगठन ने सरकार से वार्ता के बाद आंदोलन खत्म करने का निर्णय लिया और सभी प्रदर्शनकारियों को घर लौटने की अपील की। केंद्रीय मंत्रियों के साथ संयुक्त वार्ता के बाद तीनों मुख्य मांगों को स्वीकार कर लिया गया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर की पुष्टि के बाद, करीब 8:15 बजे शिक्षा मंत्रालय का प्रभार केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दिया गया।
सरकार के साथ वार्ता में तीनों मांगों पर बनी सहमति
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा तथा जितेंद्र सिंह के साथ हुई वार्ता के बाद फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार से तीन दौर की बातचीत हुई, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी केस वापस लेने और नीट पीड़ितों को 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग मान ली गई है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रह्लाद जोशी को अतिरिक्त प्रभार
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर की पुष्टि के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। शनिवार शाम करीब 8:15 बजे शिक्षा मंत्रालय का प्रभार केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दिया गया, जो वर्तमान में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, उपभोक्ता मामले और ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं।
जंतर-मंतर पर मना जश्न, छात्र एकता के लगे नारे
इस्तीफे की सूचना मिलते ही जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारी छात्रों ने जश्न मनाया और छात्र एकता के नारे लगाए। स्थल पर राष्ट्रगान गाया गया तथा नीट मामले से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वाले छात्रों की स्मृति में 2 मिनट का मौन भी रखा गया। स्थिति सामान्य होने पर पुलिस बल भी लौटने लगा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और विपक्षी नेताओं के बयान
आंदोलन के समापन और सरकारी वार्ता पर वरिष्ठ नेता शरद पवार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि बातचीत के जरिए हल नहीं निकाला जाता, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते थे।