सारांश
देहरादून की सुधोवाला जिला जेल में बंद 29 वर्षीय कैदी दिलदार की दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई; परिजनों ने विकासनगर पुलिस पर झूठे केस में फंसाने व पोस्टमॉर्टम में देरी के आरोप लगाए हैं। वहीं, सिक्किम में एनएचपीसी की टनल में लैंडस्लाइड और मीथेन गैस लीक हादसे में चमोली (उत्तराखंड) के इंजीनियर प्रवीन नेगी का निधन हो गया। उधर, ऋषिकेश में बजरंग सेतु के ग्लास पाथ के लिए पीडब्ल्यूडी शुल्क लगाने की एसओपी तैयार कर रहा है।
1. देहरादून: सुधोवाला जेल के 29 वर्षीय कैदी की अस्पताल में मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
देहरादून की सुधोवाला जिला जेल में बंद 29 वर्षीय कैदी दिलदार की दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मौत का मुख्य कारण कार्डियक फेलियर बताया गया है। दूसरी ओर, मृतक के परिजनों ने विकासनगर पुलिस पर दिलदार को झूठे मामले में फंसाने और इलाज व पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया में भारी देरी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
11 जुलाई को हुई थी गिरफ्तारी
परिजनों के अनुसार, विकासनगर पुलिस ने 11 जुलाई को दिलदार को 8.8 ग्राम स्मैक रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। अगले दिन 12 जुलाई को न्यायालय में पेश करने के बाद उसे सुधोवाला जिला जेल भेज दिया गया। परिवार का दावा है कि गिरफ्तारी की सूचना उन्हें समय पर नहीं दी गई। दिलदार के पिता का कहना है कि बेटे ने उनसे बातचीत में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि उसके पास कोई मादक पदार्थ नहीं था।
अस्पताल प्रशासन का पक्ष और पोस्टमॉर्टम में देरी का दावा
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सीएमएस डॉ. आर.एस. बिष्ट ने जानकारी दी कि दिलदार को 16 जुलाई को गंभीर और बेहोश स्थिति में भर्ती कराया गया था। वह लंबे समय से अनियंत्रित थायराइड की बीमारी से पीड़ित था, जिससे वेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया और कार्डियक फिब्रिलेशन के बाद कार्डियक फेलियर हुआ। गुरुवार रात करीब 1:40 बजे उसकी मृत्यु हो गई। वहीं, परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया और सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
2. सिक्किम टनल हादसे में उत्तराखंड के युवा इंजीनियर प्रवीन नेगी की मौत, चमोली में शोक की लहर
सिक्किम में एनएचपीसी की समरदुंग टनल परियोजना में हुए एक दर्दनाक हादसे में उत्तराखंड के चमोली जिले से ताल्लुक रखने वाले युवा इंजीनियर प्रवीन नेगी की मौत हो गई। जैसे ही यह दुखद खबर उनके पैतृक गांव गुनियाला (पीपलकोटी क्षेत्र) पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
लैंडस्लाइड और मीथेन गैस रिसाव की आशंका
यह हादसा सोमवार को सिक्किम के नामची जिले के मामरिंग स्थित समरदुंग सुरंग में हुआ। निर्माण कार्य के दौरान अचानक लैंडस्लाइड होने से टनल का एंट्री गेट बंद हो गया, जिससे भीतर कई कर्मचारी फंस गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक सुरंग के अंदर मीथेन गैस के रिसाव की भी आशंका जताई गई, जिसने बचाव अभियान को प्रभावित किया। इसी दौरान इंजीनियर प्रवीन नेगी की जान चली गई।
मायापुर-पीपलकोटी प्रोजेक्ट से शुरू किया था करियर
प्रवीन नेगी ने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद एचसीसी की मायापुर-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना से पेशेवर करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने रेलवे समेत कई बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स में काम किया और हाल ही में सिक्किम में एनएचपीसी की टनल परियोजना में तैनात थे। स्थानीय प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उनके आकस्मिक निधन पर गहरा दुख जताया है।
3. ऋषिकेश के बजरंग सेतु पर 'ग्लास वॉक' के लिए लगेगा शुल्क, कांवड़ यात्रा में पूरी तरह रहेगा बंद
ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला के विकल्प के रूप में गंगा नदी पर बने बजरंग सेतु के पारदर्शी कांच वाले पैदल मार्ग (ग्लास पाथ) पर चलने के लिए जल्द ही शुल्क व्यवस्था लागू की जा सकती है। लोक निर्माण विभाग (PWD) नरेंद्रनगर खंड इसके संचालन, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर रहा है।
केवल ग्लास पाथ पर लगेगा टिकट, मुख्य मार्ग रहेगा फ्री
विभाग ने साफ किया है कि बजरंग सेतु का मुख्य पैदल मार्ग आम जनता के लिए पहले की तरह पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। शुल्क केवल पुल के दोनों किनारों पर बने विशेष ग्लास फुटपाथ का उपयोग करने वालों से लिया जाएगा। एसओपी तैयार होने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया के जरिए संचालन एजेंसी तय होगी और टिकट की दरें निर्धारित की जाएंगी। रखरखाव और निगरानी का खर्च जुटाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है।
कांवड़ यात्रा में सुरक्षा के लिहाज से बंद रहेगा कांच वाला हिस्सा
एसओपी का एक प्रमुख प्रावधान यह है कि प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए ग्लास पाथ पर प्रवेश पूरी तरह बंद रखा जाएगा। हालांकि, कांवड़ियों व श्रद्धालुओं के लिए पुल का सामान्य मार्ग चालू रहेगा।
69.20 करोड़ की लागत से बना है यह आधुनिक सेतु
वर्ष 2022 में शुरू हुआ यह ब्रिज 69.20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है, जिसकी लंबाई 132.30 मीटर और चौड़ाई 8.60 मीटर है। इसमें 60 मिमी मोटाई वाला 5-परतों का टफेंड ग्लास लगाया गया है। निर्माण व परीक्षण के दौरान जनवरी, अप्रैल और मई 2026 में ग्लास की ऊपरी परत क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई थीं। इसे ध्यान में रखते हुए अब पूरे पुल पर 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और अतिरिक्त लाइटों की व्यवस्था की जाएगी।