संक्षेप
21 जुलाई 2026 (मंगलवार) को नई दिल्ली में NEET मुद्दे पर छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास के पास धरना दे रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, राहुल गांधी जमीन पर लेट गए, तो 12 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने उनके हाथ-पैर पकड़कर जबरन उठाकर बस में बैठाया। लगभग तीन घंटे चले हंगामे और लाठीचार्ज के बाद रात 9:45 बजे छत्रसाल स्टेडियम से अब इन सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया है।
सीक्रेट प्लानिंग के तहत पीएम आवास की तरफ पैदल मार्च
मंगलवार सुबह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में अपना जन्मदिन न मनाने का ऐलान किया था। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई प्रमुख विपक्षी नेता खड़गे को शुभकामनाएं देने के बहाने उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर पहुंचे। खड़गे के आवास से प्रधानमंत्री आवास की दूरी महज 1 किलोमीटर थी। बैठक समाप्त होते ही सभी नेता गाड़ियों में बैठने के बजाय अचानक पैदल ही मार्च करते हुए सड़क पर निकल पड़े। जब तक दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बल (RAF) सक्रिय होते और बैरिकेड्स लगाते, तब तक नेता पीएम आवास के पास पहुंच चुके थे और दोपहर 3:30 बजे धरने पर बैठ गए।
बातचीत की कोशिशें विफल, राहुल गांधी ने रखीं दो शर्तें
धरने के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन मौके पर पहुंचे तथा राहुल गांधी से लगभग 20 मिनट तक वार्ता की। इसके बाद जितेंद्र सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत की और दोबारा राहुल गांधी से चर्चा की। जितेंद्र सिंह के अनुसार, राहुल गांधी की पहली मांग NEET पर संसद में चर्चा कराने की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया था। हालांकि, बाद में राहुल गांधी अपनी बात से मुकर गए और दो नई मांगें रख दीं—NEET पर संसद में चर्चा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों में धक्का-मुक्की, राहुल को हाथ-पैर पकड़कर बस में बैठाया गया
पीएम आवास के बाहर करीब 3 घंटे तक चले धरने के बाद शाम साढ़े 6 बजे जब 100 से अधिक पुलिसकर्मी पहुंचे, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा बना लिया। पुलिस और कांग्रेसियों के बीच करीब आधे घंटे तक धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। राहुल गांधी जमीन पर लेट गए, तो 12 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने उनके हाथ-पैर पकड़कर जबरन उठाकर बस में बैठाया। इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी बस में सबसे आगे बैठे दिखाई दिए।
छत्रसाल स्टेडियम से रिहाई, प्रियंका से मिलने थाने पहुंचीं सोनिया गांधी
पुलिस ने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव समेत 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर छत्रसाल स्टेडियम में रखा, जहां से रात 9:45 बजे सभी को रिहा कर दिया गया। वहीं प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया था, जिनसे मिलने सोनिया गांधी खुद थाने पहुंचीं। थाने से बाहर निकलकर प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने मांग की कि देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की जाए।
भाजपा का पलटवार: नितिन नवीन ने राहुल गांधी पर लगाया अराजकता का आरोप
दूसरी ओर, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी के इस कदम की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का व्यवहार उनके पद की गरिमा के अनुकूल नहीं है और उन्होंने पीएम आवास तक मार्च के दौरान अराजकता फैलाने का प्रयास किया। नितिन नवीन ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री पूरे 140 करोड़ देशवासियों के प्रतिनिधि हैं और सरकार संसद में किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन मर्यादा तोड़कर अराजक राजनीति करना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।