सारांश
उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे में सामान्य से 354% अधिक बारिश दर्ज की गई है। भारी आफत को देखते हुए देहरादून, हरिद्वार, चंपावत, चमोली, बागेश्वर, पौड़ी और नैनीताल जिलों में 10 जुलाई 2026 को कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। लैंडस्लाइड के कारण यमुनोत्री हाईवे बंद होने से करीब 1000 यात्री फंस गए हैं, जबकि हरिद्वार में एक मकान गिरने से मलबे में दबे 4 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है।
भारी बारिश के चलते 7 जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सामान्य से 354% अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए देहरादून के डीएम डॉ. आशीष चौहान ने 10 जुलाई 2026 को कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी, निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है। इसके साथ ही चंपावत, हरिद्वार, चमोली, बागेश्वर, पौड़ी और नैनीताल जिलों में भी कल (10 जुलाई) स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। मौसम विभाग द्वारा देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद इन जिलों के जिलाधिकारियों ने सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया है।
हाईवे बंद होने से फंसे 1000 यात्री और हरिद्वार में ढहा मकान
बारिश और लैंडस्लाइड के कारण राज्य की यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। उत्तरकाशी में स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे और नालूपानी के पास गंगोत्री हाईवे लैंडस्लाइड होने के कारण बंद हो गए हैं। यमुनोत्री मार्ग बाधित होने की वजह से करीब 1000 यात्री बीच में ही फंस गए हैं। प्रशासन और डीएम प्रशांत आर्य ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और यात्रियों से सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील की है।
उधर, हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे पर गैंडीखाता में एक पुलिया धंस गई, जिसमें एक रोडवेज बस फंस गई थी। हालांकि, चालक ने सूझबूझ से बस को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन बस के टायर क्षतिग्रस्त हो गए। फिलहाल इस मार्ग के आधे हिस्से से यातायात संचालित हो रहा है। इसके अलावा, हरिद्वार के काली कमली क्षेत्र में बारिश के कारण एक मकान गिर गया। मलबे में चार लोग दब गए थे, जिन्हें फायर टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
सीमांत क्षेत्रों में बढ़ी परेशानी और नदियां उफान पर
पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग मालपा और लामारी के पास चट्टानें गिरने के कारण पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे आईटीबीपी (ITBP) और एसएसबी (SSB) के जवानों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट का आरती क्षेत्र जलमग्न हो गया है। इसके अलावा रुड़की और पिरान कलियर में भारी जलभराव से स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पौड़ी के गुमखाल-सतपुली हाईवे पर भी लगातार मलबा आने से मार्ग बार-बार बंद हो रहा है।
कद्दूखाल में लैंडस्लाइड और 71 सड़कें बंद
टिहरी में नेशनल हाईवे-707A पर कद्दूखाल में दुकानों के पास भारी लैंडस्लाइड हुई है। मलबा आने से एक पुरानी खाली बिल्डिंग ढह गई, जबकि आसपास के कुछ अन्य मकान भी खतरे की जद में आ गए हैं। हालांकि, प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए खतरे वाले दो रेस्टोरेंट, सड़क किनारे बने खोखे और मजदूरों के अस्थायी शेल्टर को पहले ही खाली करा लिया था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में इस समय करीब 71 सड़कें बंद पड़ी हैं। देहरादून में तापमान अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जहां दिनभर मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।
अगले तीन दिनों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान
- 10 जुलाई: राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के मद्देनजर यलो और ऑरेंज अलर्ट लागू रहेगा।
- 11 जुलाई: कुमाऊं मंडल के जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। वहीं, गढ़वाल मंडल के जिलों में अनेक स्थानों पर बौछारें पड़ने की संभावना है।
- 12 जुलाई: राज्य के विभिन्न जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।