सारांश
उत्तर प्रदेश में पिछले 15 दिनों से जारी लगातार बारिश से कई जिलों में स्थिति गंभीर है। शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को प्रदेश के 52 शहरों में औसतन 5 मिमी बारिश दर्ज की गई। गंगा, यमुना और घाघरा समेत 10 से अधिक नदियां उफान पर हैं, जबकि 4 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सीतापुर के कुछ क्षेत्रों में नाव से आवागमन हो रहा है वहीं सोनभद्र में डैम के तीन गेट खोलने पड़े हैं। मौसम विभाग ने अगले दिन (कल) 30 जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत कार्य में जुटने के निर्देश दिए हैं।
नदियों के उफान और जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त
उत्तर प्रदेश में पिछले दो हफ्तों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को राज्य के 52 शहरों में बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह लखनऊ, गोंडा और गाजियाबाद में बारिश हुई, जबकि दोपहर के समय मेरठ और बरेली में तेज बौछारें पड़ीं। प्रदेश की 10 से अधिक नदियां उफान पर हैं और 4 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बागपत और नोएडा में हिंडन नदी, बदायूं में गंगा, अयोध्या, गोंडा व बलिया में घाघरा और कुशीनगर में गंडक नदी का जलस्तर खतरे के बिंदु को पार कर गया है। सोनभद्र में स्थित कनहर बांध का जलस्तर अत्यधिक बढ़ने के कारण उसके 3 गेट खोलने पड़े हैं।
गांवों में घुसा पानी, सड़क पर नाव और मगरमच्छ का साया
बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण मैदानी इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सीतापुर जिले में बनबसा, गिरिजा और घाघरा बैराजों से लगभग 3.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शारदा और घाघरा नदियां रौद्र रूप में हैं। पानी सीधे ग्रामीण इलाकों में प्रवेश कर गया है और कच्ची सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे लोग नावों के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं। लखीमपुर खीरी के एक गांव में सड़क पर मगरमच्छ घूमता दिखाई दिया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। वहीं बस्ती में सरयू नदी के तेज बहाव के कारण तटवर्ती क्षेत्रों में तेजी से कटान हो रहा है, जिसमें कई पेड़ नदी में समा चुके हैं।
अलीगढ़ में घुटनों तक भरे पानी के बीच से निकली अंतिम यात्रा
बारिश और प्रशासनिक उपेक्षा का एक दुखद उदाहरण अलीगढ़ के गोरई कस्बे से सामने आया। गोंडा रोड पर पिछले कई महीनों से बना जलभराव का संकट शुक्रवार को तब चर्चा में आया, जब स्थानीय निवासी खानचंद शर्मा की अंतिम यात्रा को घुटनों तक भरे गंदे पानी के बीच से निकालना पड़ा। शव यात्रा में शामिल लोगों को अर्थी लेकर दूषित जल से होकर गुजरना पड़ा। स्थानीय नागरिक राजेश ठेनुआ ने इस स्थिति पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जब किसी नागरिक की अंतिम यात्रा भी इस प्रकार गंदे पानी से निकालनी पड़े, तो इससे बड़ी विडंबना और कुछ नहीं हो सकती।
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश और मौसम विभाग का पूर्वानुमान
बाढ़ और बारिश के गंभीर हालातों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत धरातल पर उतरने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और बारिश, बाढ़ या बिजली गिरने से प्रभावित लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाएं।
मौसम की स्थिति पर लखनऊ मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसून रेखा के दक्षिण की तरफ खिसकने और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कमजोर होने से अगले 3 दिनों तक बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी आएगी। मानसूनी सक्रियता फिलहाल पश्चिम-मध्य भारत की ओर शिफ्ट हुई है। हालांकि, मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 26 और 27 जुलाई से राज्य में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय होगा और अच्छी बारिश दर्ज की जाएगी। शनिवार के लिए राज्य के 30 जिलों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।