लोड किया जा रहा...

उत्तराखंड-ख़बरें : देहरादून में इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों पर 50% सब्सिडी; बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी में आरोपी के ठिकानों से सोना-चांदी बरामद; हरिद्वार में डूबने से चंडीगढ़ के 4 कांवड़ियों की मौत

सारांश 
उत्तराखंड के देहरादून में 'अर्बन क्लीन मोबिलिटी पॉलिसी' के तहत सीएनजी व इलेक्ट्रिक बसों पर 50% तक सब्सिडी दी जाएगी। वहीं, बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार पूर्व PA प्रमोद नौटियाल के ठिकानों से सोना-चांदी, विदेशी करेंसी और शालिग्राम बरामद हुआ है, जिसकी शुक्रवार (31 जुलाई) को पुलिस रिमांड समाप्त हो रही है। उधर, हरिद्वार के ज्वालापुर स्थित गंगनहर में शुक्रवार दोपहर एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में चंडीगढ़ निवासी 4 कांवड़ियों की डूबने से मौत हो गई।

1. देहरादून में इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को 50% सब्सिडी, 'अर्बन क्लीन मोबिलिटी पॉलिसी' लागू

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए 'अर्बन क्लीन मोबिलिटी पॉलिसी' लागू की गई है। आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी के अनुसार, मुख्य सचिव के निर्देशों पर शुरू की गई इस नीति का मुख्य उद्देश्य शहर में बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाना और बीएस-6 नॉर्म्स, सीएनजी व इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को बढ़ावा देना है।

योजना के मुख्य प्रावधान और सहायता राशि

इस नीति के अंतर्गत शहर के भीतर संचालित होने वाली नई सिटी बसों और यात्री वाहनों के शो-रूम मूल्य पर अधिकतम 50% तक की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। वर्तमान में नई बसों की खरीद पर लगभग 11 लाख रुपये प्रति बस वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

जीपीएस अनिवार्यता और किराया नियंत्रण

परिवहन व्यवस्था में सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी नई गाड़ियों में जीपीएस (GPS) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। वाहनों की लाइव निगरानी के लिए मुख्यालय में एक मॉनिटरिंग सेंटर स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त, एसटीए (STA) द्वारा रूट के हिसाब से प्रति किलोमीटर का किराया पूर्व निर्धारित किया गया है, जिसका पालन करना वाहन स्वामियों के लिए अनिवार्य होगा।

2. बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामला: आरोपी PA के ठिकानों से सोना-चांदी व विदेशी करेंसी बरामद, रिमांड खत्म

बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) को बड़ी सफलता मिली है। बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) के तत्कालीन अध्यक्ष के गिरफ्तार पर्सनल असिस्टेंट (PA) प्रमोद नौटियाल ने पूछताछ में चोरी की बात स्वीकार कर ली है। शुक्रवार (31 जुलाई) को उसकी चार दिन की पुलिस रिमांड समाप्त हो रही है।

छापेमारी और बरामदगी

रिमांड के दौरान एसआईटी प्रभारी एवं डीएसपी मदन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में टीम ने आरोपी के देहरादून और बद्रीनाथ स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान आरोपी के कब्जे व ठिकानों से:

  • भगवान नारायण की चांदी की मूर्ति, चांदी का नाग, चांदी के सिक्के और शालिग्राम बरामद किया गया।
  • 150 नेपाली नोट, 500 और 100 रुपये के नोटों की गड्डियां तथा विदेशी करेंसी मिली।
  • दो प्लॉटों के दस्तावेज, तीन बैंक खातों के रिकॉर्ड, कीमती उपहार और लैपटॉप जब्त किया गया।
  • वित्तीय खातों और संपत्तियों की जांच के लिए एसआईटी ने आरोपी का पैन और आधार कार्ड भी कब्जे में लिया है।

सीसीटीवी फुटेज और अन्य गिरफ्तारियां

जून के आखिरी हफ्ते में दानपेटी से चढ़ावा गायब होने का मामला सामने आया था। जांच में 45 दिनों में से 32 दिनों की सीसीटीवी फुटेज गायब पाई गई, जिसकी रिकवरी के लिए डीवीआर को एफएसएल भेजा गया है। मामले में एसआईटी अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है—12 जुलाई को प्रमोद नौटियाल, 17 जुलाई को पूर्व दान गणना प्रभारी राजेंद्र चौहान और 29 जुलाई को भगवान नारायण का मणि-जड़ित स्वर्ण मुकुट चुराने वाला तीसरा आरोपी राघवदास पाठक।

3. हरिद्वार में दर्दनाक हादसा: गंगनहर में डूबने से चंडीगढ़ के 4 कांवड़ियों की मौत

हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दूसरे दिन शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे जटवाड़ा पुल (ज्वालापुर) के पास गंगनहर में डूबने से चार कांवड़ियों की मौत हो गई। सभी मृतक चंडीगढ़ के सेक्टर-29 और 30 के निवासी थे और गुरुवार को हरिद्वार गंगाजल लेने पहुंचे थे।

एक को बचाने के प्रयास में डूबे साथी

हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर चंडीगढ़ लौट रहे 20 कांवड़ियों के दल में से कुछ साथी जटवाड़ा पुल के पास रुके। वहां एक किशोर नहाने के लिए गंगनहर में उतरा, लेकिन तेज बहाव और नीचे दलदली मिट्टी होने के कारण गहरे पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के चक्कर में उसके तीन अन्य साथी भी नहर में उतर गए और चारों तेज बहाव में बह गए। मृतकों की पहचान शिवांशु (16), नीतीश, भरत और रोहित के रूप में हुई है।

रेस्क्यू और प्रशासनिक चेतावनी

घटना की सूचना मिलते ही जल पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस ने गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाकर चारों को बाहर निकाला, परंतु तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ वह अधिकृत स्नान घाट नहीं है और वहां चेतावनी बोर्ड भी लगे हुए थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजकर श्रद्धालुओं से केवल प्रशासन द्वारा घोषित सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने की अपील की है।

उत्तर प्रदेश (UP)
उत्तराखंड (UK)
पीछे जाएं
नमस्‍कार,
यूज़र
कोई ज़िला नहीं चुना
ज़िला बदलें
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मैसेज करें
पोस्टर बनाएं
सभी कैटेगरी
आपकी सेव की गई ख़बरें
ख़बरों का फ़ॉन्ट साइज़ (Font Size)

प्रोफ़ाइल संपादित करें

पीछे जाएं

यह है सैंपल हेडलाइन (Sample Title)

यह है सैंपल कंटेंट टेक्स्ट जिसे आप छोटा या बड़ा करके देख सकते हैं।

सबसे ज्यादा यूजर्स द्वारा चुना गया और सबसे बेहतर अनुभव देने वाला फ़ॉन्ट साइज़ 3 है।
छोटा
1
2
3
4
5
बड़ा
पीछे जाएं
पीछे जाएं

आपके लिए

लॉगिन करें
या (Or)
लॉगिन करने से आप हमारी नियम व शर्तें और प्राइवेसी पॉलिसी से सहमत होते हैं।
आपकी प्रोफ़ाइल