लोड किया जा रहा...

उत्तराखंड बनाएगा देश का पहला 'अग्निवीर रोजगार सेल' : चार साल की सेवा के बाद युवाओं को मिलेंगे 5 बड़े करियर ऑप्शन

सारांश 
उत्तराखंड सरकार अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करके लौटने वाले युवाओं के लिए देश का पहला 'अग्निवीर रोजगार सेल' (ARC) बनाने जा रही है। दिसंबर 2026 में पहले बैच के लौटने से पहले शुरू होने वाली इस पहल से अग्निवीरों को सरकारी नौकरी, केंद्रीय सुरक्षा बल, निजी क्षेत्र, पर्यटन-आपदा प्रबंधन और स्वरोजगार जैसे 5 करियर ऑप्शन से जोड़ा जाएगा।

उत्तराखंड का ऐतिहासिक कदम: देश का पहला 'अग्निवीर रोजगार सेल'
राज्य सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सैन्य सेवा पूरी कर लौटने वाले युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुसार, उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा जो समर्पित 'अग्निवीर रोजगार सेल' (ARC) की स्थापना कर रहा है। 31 दिसंबर 2026 को जब पहला बैच लौटेगा, तो उसमें से लगभग 25 प्रतिशत युवा नियमित सेना में शामिल होंगे, जबकि शेष 75 प्रतिशत के लिए यह सेल नए अवसर उपलब्ध कराएगा। राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कोठियाल के अनुसार, पहले बैच की वापसी से पहले ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, स्किल मैपिंग और प्लेसमेंट की पूरी व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।

अग्निवीरों के लिए 5 बड़े करियर विकल्प
चार साल बाद सेना से लौटने वाले युवाओं के लिए रोजगार सेल मुख्य रूप से पांच दिशाओं में रास्ते खोलेगा:
 1. सरकारी नौकरी: उत्तराखंड सरकार ने अग्निवीरों को राज्य की सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही राज्य पुलिस और सुरक्षा विभागों की भर्तियों में प्राथमिकता मिलेगी, जिसकी पूरी जानकारी इस एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।
 2. केंद्रीय सुरक्षा बल व रक्षा क्षेत्र: सैन्य सेवा के दौरान प्राप्त अनुशासन, हथियार संचालन और सुरक्षा प्रबंधन के अनुभव के आधार पर युवाओं को केंद्रीय सुरक्षा बलों की भर्तियों से जोड़ा जाएगा।
 3. निजी क्षेत्र: सुरक्षा, होटल इंडस्ट्री, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और कॉर्पोरेट सेक्टर समेत 50 से अधिक क्षेत्रों की निजी कंपनियों से समन्वय किया जाएगा।
 4. पर्यटन और डिजास्टर मैनेजमेंट: चारधाम यात्रा, ट्रैकिंग, एडवेंचर स्पोर्ट्स, रेस्क्यू ऑपरेशन और डिजास्टर रिस्पॉन्स में अग्निवीरों के प्रशिक्षण का उपयोग करने के लिए संबंधित विभागों से तालमेल बैठाया जाएगा।
 5. स्वरोजगार व उद्यमिता: जो युवा अपना उद्यम, सुरक्षा एजेंसी, फिटनेस सेंटर या ट्रैकिंग सेवाएं शुरू करना चाहते हैं, उन्हें प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से ऐसे काम करेगा पूरा सिस्टम
अग्निवीर रोजगार सेल एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा। युवाओं के ऑनलाइन पंजीकरण के साथ एक 'डिजिटल स्किल बैंक' तैयार किया जाएगा, जिसमें उनकी सैन्य सेवा के दौरान हासिल की गई तकनीकी, व्यावहारिक और नेतृत्व क्षमताओं का विवरण होगा। इसके बाद प्रत्येक अग्निवीर की योग्यता और अनुभव के अनुसार 'स्किल मैपिंग' की जाएगी, ताकि सही उम्मीदवार को सही क्षेत्र में अवसर मिले। यदि किसी उद्योग या विभाग की जरूरत के अनुसार अतिरिक्त ट्रेनिंग की आवश्यकता होगी, तो 10 से 15 दिन के कैप्सूल कोर्स और स्किल अपग्रेडेशन कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी और मॉडल का महत्व
इस पूरे तंत्र का संचालन और निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अधीन होगी, जो विभिन्न सरकारी विभागों, स्किल डेवलपमेंट एजेंसियों और निजी कंपनियों के बीच तालमेल बनाएगा। वर्तमान में इसका ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है। केंद्र सरकार और विभिन्न सुरक्षा बलों द्वारा घोषणाओं के बावजूद राज्यों में अब तक ऐसा कोई समर्पित ढांचा नहीं था। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो उत्तराखंड का यह प्रयास देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है। इसकी सफलता युवाओं को मिलने वाले वास्तविक रोजगार, पारदर्शी प्लेसमेंट प्रक्रिया और उद्योगों की भागीदारी पर निर्भर करेगी।

उत्तर प्रदेश (UP)
उत्तराखंड (UK)
पीछे जाएं
नमस्‍कार,
यूज़र
कोई ज़िला नहीं चुना
ज़िला बदलें
आपकी सेव की गई ख़बरें
ख़बरों का फ़ॉन्ट साइज़ (Font Size)

अपना नाम दर्ज करें

पीछे जाएं

यह है सैंपल हेडलाइन (Sample Title)

यह है सैंपल कंटेंट टेक्स्ट जिसे आप छोटा या बड़ा करके देख सकते हैं।

सबसे ज्यादा यूजर्स द्वारा चुना गया और सबसे बेहतर अनुभव देने वाला फ़ॉन्ट साइज़ 3 है।
छोटा
1
2
3
4
5
बड़ा
पीछे जाएं
पीछे जाएं

आपके लिए