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सीएम योगी ने शुरू की 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना' : 10 लाख लोगों को मिलेगा 5 लाख का मुफ्त इलाज और 3 करोड़ का बीमा

सारांश 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 जुलाई 2026, रविवार को आगरा में 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना' की शुरुआत की। इस योजना के तहत प्रदेश के विश्वविद्यालयों, सरकारी सहायता प्राप्त प्राइवेट कॉलेजों के लगभग 1.28 लाख शिक्षकों और उनके परिवारों समेत 10 लाख लोगों को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। इसके साथ ही सरकार ने पीएनबी बैंक के साथ एमओयू कर शिक्षकों को 3 करोड़ रुपये तक का एक्सीडेंटल बीमा कवर देने की घोषणा भी की है। 18 दिन पहले शुरूआत में सिर्फ प्राथमिक शिक्षा के शिक्षकों और शिक्षामित्रों, आदि के लिए यह योजना शुरू की गई थी।


10 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगा 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज

आगरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना' की शुरुआत करते हुए बताया कि गुरु पूर्णिमा से ठीक पहले इस योजना का शुभारंभ करते हुए उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को जोड़ा गया है, जिससे लगभग 10 लाख लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा।
योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर दिया जाएगा। कार्ड बनते ही शिक्षक और उनके परिजन पहले ही दिन से अस्पतालों में मुफ्त इलाज करा सकेंगे। भर्ती होने से लेकर दवाओं, जांचों और डिस्चार्ज तक का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इस योजना को 'साचीज' (SACHIS) संस्था द्वारा संचालित किया जाएगा और इसमें आयुष्मान भारत की तय दरें ही लागू होंगी। इसके तहत कैंसर, हृदय रोग, किडनी की समस्या और बड़ी सर्जरियों समेत 1900 से अधिक गंभीर बीमारियों के इलाज का पैकेज शामिल किया गया है।


पंजाब नेशनल बैंक से हुआ MoU: 3 करोड़ रुपये तक का एक्सीडेंटल बीमा कवर

स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के लिए एक बड़े एक्सीडेंटल बीमा कवर का भी ऐलान किया। सरकार ने इसके लिए पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ एक एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के अनुसार शिक्षकों को:

  • 1.50 करोड़ रुपये का सामान्य एक्सीडेंटल बीमा
  • 3 करोड़ रुपये तक का हवाई दुर्घटना बीमा
  • 60 हजार रुपये तक का अस्पताल खर्च (कैश बेनिफिट)
  • 12 लाख रुपये तक का टर्म लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) दिया जाएगा।

18 दिन पहले वाराणसी से हुई थी प्राथमिक शिक्षकों के लिए योजना की शुरुआत

उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम से ठीक 18 दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के 12 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों के लिए भी कैशलेस इलाज योजना की शुरुआत की थी। उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों को भी इस सुरक्षा चक्र में शामिल कर लिया गया है।

सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल और साइबर जागरूकता की अपील

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया का सही और मर्यादित उपयोग करना सिखाएं। सीएम योगी ने कहा कि सोशल मीडिया आज के समय की जरूरत है और इससे दूर नहीं रहा जा सकता, लेकिन इसका इस्तेमाल समाज और देश के हित में होना चाहिए।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फर्जी अकाउंट बनाकर गलत जानकारी फैलाई जाती है, जिससे समाज में भ्रम और तनाव पैदा होता है। ऐसे में कई बार युवा ज्यादा व्यूज वाले अनधिकृत कंटेंट को ही सच मान लेते हैं। सीएम ने शिक्षकों से कहा कि वे विद्यार्थियों को सही और गलत की पहचान करना सिखाएं और उन्हें डिजिटली साक्षर बनाकर भ्रामक सूचनाओं से सावधान करें।

तक्षशिला और वैद्य जीवक का प्रसंग: गुरु की महत्ता पर सीएम योगी का वक्तव्य

भारतीय संस्कृति में शिक्षक के सर्वोच्च स्थान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब दुनिया का बड़ा हिस्सा अज्ञानता के अंधेरे में था, तब भारत में तक्षशिला और नालंदा जैसे महान विश्वविद्यालय स्थापित हो चुके थे। अविभाजित भारत के तक्षशिला विश्वविद्यालय का नाम भगवान राम के भाई भरत के पुत्र 'तक्ष' के नाम पर रखा गया था।
शिक्षक और शिष्य के संबंध को रेखांकित करने के लिए सीएम योगी ने प्रसिद्ध वैद्य जीवक का प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने बताया कि शिक्षा पूरी होने पर जब जीवक ने अपने आचार्य से विदाई मांगी, तो आचार्य ने परीक्षा के रूप में उनसे जंगल से ऐसी वनस्पति लाने को कहा जिसमें कोई औषधीय गुण न हो। कई दिनों की खोज के बाद भी जीवक को ऐसी कोई वनस्पति नहीं मिली। जब उन्होंने लौटकर कहा कि 'नास्ति मूलं अनौषधं' (ऐसी कोई वनस्पति नहीं जिसमें औषधीय गुण न हों), तब आचार्य ने उन्हें सफल घोषित किया। सीएम ने कहा कि यह प्रसंग दिखाता है कि एक सच्चा गुरु अपने शिष्य को केवल ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि दुनिया को देखने की सही दृष्टि भी प्रदान करता है।

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