सारांश
आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने यूपी चुनाव 2027 के लिए 45 विधानसभा प्रभारियों की सूची जारी की, जिसमें 18 दलित, 16 ओबीसी, 1 सिख और 10 मुस्लिम नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है, इसमें ब्राह्मण और ठाकुर समाज से किसी भी चेहरे को शामिल नहीं किया गया है। वहीं, आज संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर विपक्ष के सांकेतिक प्रदर्शन पर मथुरा और वाराणसी के साधु-संतों ने कड़ा विरोध जताया है। दूसरी ओर, वाराणसी के महमूरगंज में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 1.25 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा करते हुए पुलिस ने 21 महिलाओं समेत 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
1. चंद्रशेखर ने फूंका 2027 का चुनावी बिगुल, 45 विधानसभा प्रभारियों की पहली सूची जारी
आजाद समाज पार्टी (ASP) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां शुरू करते हुए शुक्रवार को 45 विधानसभा प्रभारियों की पहली सूची जारी की है। पार्टी ने इस सूची के जरिए दलित और बहुजन वोट बैंक को साधने की रणनीति अपनाई है।
सामाजिक समीकरण और प्रतिनिधित्व
जारी की गई पहली सूची में सबसे अधिक 18 दलित नेताओं को स्थान दिया गया है। इसके अलावा 16 ओबीसी, 10 मुस्लिम और 1 सिख समुदाय के नेता को प्रभारी बनाया गया है। इस सूची में ब्राह्मण और ठाकुर समाज से किसी भी चेहरे को शामिल नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि पार्टी की नजर बहुजन और मुस्लिम मतदाताओं पर केंद्रित है।
चर्चित चेहरों को सौंपी जिम्मेदारी
पार्टी ने कई प्रशासनिक व राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले चेहरों पर दांव खेला है:
- आदित्य प्रकाश वर्मा (पूर्व IPS): उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी को हाथरस (सुरक्षित) सीट का प्रभारी बनाया गया है।
- चौधरी महेंद्र सिंह (पूर्व मंत्री): अलीगढ़ की छर्रा सीट से पूर्व मंत्री और जाट नेता महेंद्र सिंह को जिम्मेदारी दी गई है।
- सरदार मनोहर सिंह: लखीमपुर खीरी की पलिया सीट से किसान आंदोलन और सामाजिक न्याय से जुड़े सरदार मनोहर सिंह को मैदान में उतारा गया है।
- अन्य प्रमुख नाम: आगरा की फतेहपुर सीकरी से जगदीश बघेल, कानपुर नगर की गोविंद नगर सीट से तुलसीराम वाल्मीकि और मऊ की मधुबन सीट से शिवसागर यादव को प्रभारी नियुक्त किया गया है।
पश्चिमी यूपी पर विशेष ध्यान
पार्टी ने पहली सूची में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, हापुड़, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया है। पार्टी के अनुसार, राज्य समिति की सिफारिश पर यह नियुक्तियां की गई हैं और सभी प्रभारियों को बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है।
2. संसद में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के प्रदर्शन पर भड़के संत, मथुरा में फूंका पुतला
शुक्रवार को संसद के मानसून सत्र के 10वें दिन परिसर में विपक्ष द्वारा राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर किए गए प्रदर्शन पर यूपी के संत समाज ने कड़ी आपत्ति जताई है। साधु-संतों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद राहुल गांधी और बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव पर सनातन परंपरा के अपमान का आरोप लगाया है।
संसद परिसर में विपक्षी सांसदों का विरोध
संसद परिसर में मकर द्वार के पास पूर्णिया सांसद पप्पू यादव साधु का वेश धारण कर हाथ में दानपेटी लेकर बैठ गए थे। प्रदर्शन के दौरान सपा सांसद डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और अवधेश प्रसाद तथा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा दानपेटी में रुपये डालने और उसके बाद हुए घटनाक्रम को संतों ने छद्म वेश और नाटक करार दिया।
संतों और नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
- मथुरा में विरोध: मथुरा में साधु-संतों ने सांसद पप्पू यादव का पुतला फूंका और उनके पोस्टर पर चप्पलें बरसाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
- अखिल भारतीय संत समिति (वाराणसी): स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि राजनीतिक लड़ाई अपनी जगह है, लेकिन साधु-संतों का छद्म वेश धारण कर भगवा का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष और राष्ट्रपति से ऐसे जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की मांग की।
- अयोध्या से संत राजू दास: उन्होंने कहा कि संसद परिसर में साधु बनकर चंदा चोरी का नाटक करना सनातन संस्कृति और संतों का सीधा अपमान है।
- भाजपा की प्रतिक्रिया: राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने इसे संतों की परंपरा का अपमान बताया, जबकि भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने इसे महज एक राजनीतिक ड्रामा करार दिया।
3. वाराणसी में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1.25 करोड़ की ठगी, 21 महिलाओं समेत 32 गिरफ्तार
वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत महमूरगंज इलाके में पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शेयर बाजार और एसआईपी (SIP) स्टॉक्स में निवेश के नाम पर लोगों से करीब 1.25 करोड़ रुपये की ठगी की है।
छापेमारी और गिरफ्तारियां
पुलिस को महमूरगंज के एक रिहायशी मकान में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। रेकी करने के बाद गुरुवार दोपहर बाद की गई छापेमारी में मौके से टेलीकॉलिंग करने वाली 21 महिलाओं और 9 पुरुषों समेत कुल 32 लोगों को हिरासत में लिया गया। यह फर्जी कॉल सेंटर 'एनकेडी एंड एसोसिएट्स' के नाम से बिना सेबी (SEBI) रजिस्ट्रेशन के चलाया जा रहा था।
कस्टडी में युवतियों का हंगामा
डीसीपी क्राइम नीतू कादयान के समक्ष पेश किए जाने पर गिरफ्तार युवतियों ने हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने उन्हें धोखे में रखकर नौकरी दी थी और पुलिस ने भी बिना पूरी जानकारी दिए कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। युवतियों का कहना था कि उन्हें एचआर द्वारा डेटा दिया जाता था और वे दिए गए सेबी नंबर के आधार पर ही ग्राहकों को एसआईपी स्टॉक्स की जानकारी देती थीं। उन्हें 8 से 16 हजार रुपये तक मासिक वेतन मिलता था।
पुलिस का पक्ष
डीसीपी क्राइम के अनुसार, गिरफ्तार किए गए युवक-युवतियां मिर्जापुर, चंदौली और वाराणसी के रहने वाले हैं। इनमें से किसी के पास भी शेयर ट्रेडिंग से जुड़ी कोई योग्यता या जॉब लेटर नहीं था। बिना जांच-परख के फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से लोगों से पैसे जमा कराने के कारण इन्हें अपराध में संलिप्त पाया गया है और विधिक कार्रवाई के तहत जेल भेजा जा रहा है।