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उत्तराखंड-ख़बरें : पुलिस कार्रवाई के दौरान रेप के आरोपी ने पिया फिनाइल; रुड़की के रेस्टोरेंट में कर्मचारी को किचन में बंद कर चोरी; हमले में शहीद उत्तराखंड के वीर सपूतों के पार्थिव शरीर रवाना

सारांश 
नैनीताल के भवाली में नाबालिग छात्रा से रेप के आरोपी व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे ने मंगलवार रात पुलिस कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर फिनाइल पी लिया, जिसके बाद उन्हें हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, हरिद्वार के रुड़की में एक शातिर चोर रेस्टोरेंट कर्मचारी को किचन में बंद कर कैश काउंटर से करीब 25 से 30 हजार रुपये लेकर फरार हो गया। दूसरी ओर, मणिपुर के उखरुल में उग्रवादी हमले में शहीद हुए उत्तराखंड के हवलदार चंद्रमोहन सिंह और वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह के पार्थिव शरीर बुधवार को सैन्य सम्मान के साथ गृह राज्य के लिए रवाना किए गए।


1. नैनीताल में पुलिस कार्रवाई के दौरान हाई वोल्टेज ड्रामा: रेप के आरोपी व्यापार मंडल अध्यक्ष ने लाइव वीडियो में पिया फिनाइल, अस्पताल में भर्ती

गिरफ्तारी के दौरान हंगामा और आत्मदाह का प्रयास

नैनीताल के भवाली में मंगलवार रात करीब 9:30 बजे उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब पुलिस टीम तीन से चार गाड़ियों में भारी बल के साथ व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे को हिरासत में लेने उनके घर पहुंची। कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद फरार चल रहे आरोपी ने खुद को घिरा देख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लाइव आकर पुलिस पर बिना वारंट के आने, परिजनों से मारपीट और मोबाइल छीनने के गंभीर आरोप लगाए। इसी लाइव वीडियो के दौरान सहानुभूति बटोरने के उद्देश्य से नरेश पांडे ने पुलिस के सामने ही फिनाइल गटक लिया। पुलिस ने करीब एक घंटे चले ड्रामे के बाद उन्हें हिरासत में लिया और भवाली के बीडी पांडे अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत के कारण उन्हें हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया।

नाबालिग छात्रा से साढ़े 3 साल तक शोषण का आरोप

कुमाऊं यूनिवर्सिटी की एक छात्रा ने नरेश पांडे के खिलाफ मल्लीताल कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। पीड़िता का आरोप है कि जब वह 17 साल की नाबालिग थी, तब आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर शादी का झांसा दिया और साढ़े तीन साल से अधिक समय तक उसका शारीरिक शोषण किया। इस दौरान गर्भवती होने पर आरोपी ने दबाव बनाकर उसका जबरन गर्भपात भी कराया। मामले में कुछ अन्य महिलाओं ने भी आरोपी के खिलाफ पुलिस को पुख्ता सबूत सौंपे हैं।

कोर्ट से झटका और आपराधिक इतिहास

आरोपी के वकील ने अदालत में दलील दी थी कि राजनीतिक द्वेष के कारण उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है, लेकिन जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा के पुरजोर विरोध के बाद नैनीताल की सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी की कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी आरोपी के भवाली थाने में गुंडा एक्ट सहित 8 मामलों के आपराधिक इतिहास को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने इस बात पर भी चिंता जताई थी कि आरोपी के प्रभाव के कारण पीड़िता लगातार अपने बयानों से मुकर रही थी। पुलिस ने आरोपी के 4-5 प्राइवेट बॉडीगार्ड्स के शस्त्र लाइसेंस निलंबन की संस्तुति भी की है।

परिजनों ने लगाए पुलिस पर गंभीर आरोप

नरेश पांडे की पत्नी और मां ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि सिविल ड्रेस में आई पुलिस टीम के पास कोई अरेस्ट वारंट नहीं था। उन्होंने घर की महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के साथ घसीटकर मारपीट व अभद्रता की, जिससे मां के दांत हिल गए और शरीर पर चोटें आईं। पत्नी ने राजनीतिक मिलीभगत के तहत पति का एनकाउंटर या हत्या किए जाने की आशंका भी जताई है।

2. हरिद्वार के रुड़की में फिल्मी अंदाज में चोरी: ग्राहक बनकर आए शातिर ने कर्मचारी को रसोई में किया बंद, गल्ले से नकदी पार

रेकी कर वारदात को दिया अंजाम

हरिद्वार जिले के रुड़की में सिविल लाइन कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत नीलम टॉकीज के पास स्थित 'साउथ फ्यूजन' रेस्टोरेंट में चोरी का एक अनोखा मामला सामने आया है। एक अज्ञात शातिर चोर दोपहर करीब 12:30 बजे ग्राहक बनकर रेस्टोरेंट पहुंचा। वह करीब 45 मिनट तक वहां बैठा रहा और कैश से भुगतान करने के बहाने उसने पूरी रेकी की कि गल्ले में पैसे कहां रखे जाते हैं। इसके बाद वह वहां से चला गया।

कर्मचारी को बंधक बनाकर लूट

रेस्टोरेंट संचालक अंशवर्धन के अनुसार, शाम को जब वह किसी काम से बाजार गए हुए थे, उसके ठीक 5 मिनट बाद शाम 4:34 बजे आरोपी दोबारा रेस्टोरेंट में दाखिल हुआ। उसने वहां मौजूद कर्मचारी को इडली का ऑर्डर दिया। कर्मचारी जैसे ही ऑर्डर तैयार करने के लिए किचन में गया, आरोपी ने तुरंत बाहर से दरवाजा बंद कर उसे अंदर ही लॉक कर दिया। इसके बाद उसने फुर्ती से कैश काउंटर के गल्ले से करीब 25 से 30 हजार रुपये निकाले और फरार हो गया।

सीसीटीवी में कैद हुई घटना

कुछ समय बाद जब मैनेजर वापस लौटा, तब उसने बंद कर्मचारी को किचन से बाहर निकाला और चोरी की घटना का पता चला। रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में लेकर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

3. मणिपुर उग्रवादी हमले में शहीद उत्तराखंड के दो जांबाज जवानों को दी गई अंतिम विदाई: पार्थिव शरीर विशेष विमान से गृह राज्य रवाना

अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दी गई श्रद्धांजलि

मणिपुर के उखरुल जिले में संदिग्ध उग्रवादियों के घात लगाकर किए गए हमले में सर्वोच्च बलिदान देने वाले उत्तराखंड के दोनों वीर सपूतों के पार्थिव शरीरों को बुधवार सुबह अंतिम विदाई दी गई। राजधानी इम्फाल स्थित बीर टिकेंद्रजीत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि समारोह आयोजित हुआ। इसमें सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह और राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और हवलदार चंद्रमोहन सिंह के पार्थिव शरीरों पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया। सुबह करीब 11:30 बजे श्रद्धांजलि के बाद सेना के विशेष हेलिकॉप्टर से शवों को उत्तराखंड के लिए रवाना किया गया।

घात लगाकर किया गया था कायरतापूर्ण हमला

सोमवार दोपहर करीब 1:30 से 1:50 बजे के बीच उखरुल जिले के नुंगशांग खोंग इलाके में 40 असम राइफल्स का काफिला नियमित ड्यूटी पूरी कर शांगशाक बटालियन मुख्यालय लौट रहा था। इसी दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी की और भीषण आईईडी (IED) विस्फोट किए। इस हमले में उत्तराखंड के दोनों जवानों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि कुछ अन्य जवान घायल हुए। हमले के बाद सुरक्षाबलों और उग्रवादियों के बीच करीब ढाई घंटे तक रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही। मणिपुर पुलिस के अनुसार, केंद्रीय मंत्रालयों से जुड़ी औपचारिकताओं और उखरुल में देर रात तक चले पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को सेना को सौंपा गया था।

तीन दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे हवलदार चंद्रमोहन

शहीद हवलदार चंद्रमोहन सिंह पौड़ी गढ़वाल के नैनीडांडा क्षेत्र स्थित डांडातोली गांव के मूल निवासी थे, जबकि उनका परिवार वर्तमान में गाजियाबाद में रहता है। उनके पिता गोविंद सिंह का इसी वर्ष 2 मई को निधन हो गया था, जिसके बाद वह पारिवारिक क्रियाकर्म पूरा कर बीते 3 जुलाई को ही वापस ड्यूटी पर लौटे थे। ज्वाइनिंग के महज 3 दिन बाद ही उनके शहीद होने की खबर से क्षेत्र में शोक व्याप्त है। उनके परिवार में पत्नी मंजू देवी, एक बेटा और दो बेटियां हैं। वहीं, दूसरे शहीद वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह मूल रूप से बागेश्वर के निवासी थे और उनका परिवार वर्तमान में हल्द्वानी में रहता है, जहां उनका अंतिम संस्कार होने की उम्मीद है।

शीर्ष अधिकारियों ने जताई संवेदना, कांगपोकपी में भी हिंसा

असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा और पूर्वी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आरएनबी कृष्णन सहित सभी रैंकों के अधिकारियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। वहीं मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजाम ने इस कायराना हमले की निंदा की। इस बीच मणिपुर के हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं; कांगपोकपी जिले के थिंगखोंगजांग कुकी गांव में रविवार को चर्च में प्रार्थना के दौरान उग्रवादियों द्वारा की गई गोलीबारी और बमबारी में एक महिला और बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान जारी है।

उत्तर प्रदेश (UP)
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