सारांश
बुधवार को रामपुर के जिलाधिकारी ने सुनवाई के बाद मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट की दलीलें खारिज करते हुए अवैध निर्माण हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया है, अन्यथा प्रशासन कार्रवाई करेगा। उधर, केंद्रीय कैबिनेट ने वाराणसी में यातायात सुगम करने के लिए ₹25,445.96 करोड़ की लागत से दो एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी है। वहीं, नोएडा के सेक्टर-66 स्थित ममूरा में बुधवार सुबह एक बहुमंजिला इमारत के बेसमेंट में ई-स्कूटी चार्जिंग के दौरान हुए धमाके से लगी आग में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि फायर ब्रिगेड ने 50 परिवारों का रेस्क्यू किया।
1. रामपुर: जौहर यूनिवर्सिटी के 38 अवैध भवनों को खुद ढहाने के लिए मिला 15 दिन का समय, डीएम ने खारिज की प्रबंधन की दलीलें
आरडीए की जांच में सामने आई बड़ी अनियमिताएं
उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान द्वारा स्थापित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर ध्वस्तीकरण की गाज गिरने वाली है। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की जांच में सामने आया है कि विश्वविद्यालय परिसर में बनी कुल 40 बिल्डिंगों में से केवल 2 का ही नक्शा स्वीकृत है, जबकि शेष 38 भवनों का निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे के अवैध रूप से किया गया है। बुधवार को जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने मामले की सुनवाई करते हुए यूनिवर्सिटी प्रबंधन के तर्कों को सिरे से खारिज कर दिया।
प्रबंधन की दलीलें अमान्य, 15 दिन का अल्टीमेटम
रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा एक जुलाई, 2026 को जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब में विश्वविद्यालय प्रशासन ने दलील दी थी कि निर्माण के समय रामपुर विकास प्राधिकरण का गठन नहीं हुआ था। हालांकि, जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि उस समय जिला पंचायत अस्तित्व में थी और दो भवनों के नक्शे वहीं से स्वीकृत कराए गए थे, इसलिए शेष भवनों के लिए अनुमति न लेना नियमों का उल्लंघन है। डीएम ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन को अवैध निर्माण स्वयं हटाने के लिए नियमानुसार 15 दिन का समय दिया है। यदि निर्धारित समय में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो आरडीए इसे खुद ध्वस्त करेगा। उल्लेखनीय है कि आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम पैन कार्ड से जुड़े एक मामले में 17 नवंबर, 2025 से रामपुर जेल में सजा काट रहे हैं।
2. वाराणसी: ₹25,445.96 करोड़ की दो बड़ी सड़क परियोजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी, सफर का समय होगा बेहद कम
वरुणा नदी किनारे बनेगा 43.21 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर
केंद्रीय कैबिनेट ने वाराणसी की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत पहला कॉरिडोर वरुणा नदी के किनारे 43.218 किलोमीटर लंबा 6/4 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) पर आधारित इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹10,998.32 करोड़ है। इस कॉरिडोर के बनने से राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) और काशी रेलवे स्टेशन के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रा का समय 40 मिनट से घटकर महज 20 मिनट रह जाएगा।
NH-19 से रिंग रोड तक 46 किमी का ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर
दूसरी स्वीकृत परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ने वाला 46.039 किलोमीटर लंबा 6 लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। इस परियोजना पर करीब ₹14,447.64 करोड़ खर्च किए जाएंगे। सरकार के अनुसार, इस गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के बाद क्षेत्र में औसत यात्रा समय 60 मिनट से घटकर केवल 20 मिनट रह जाएगा। यह मार्ग काशी विश्वनाथ धाम, प्रमुख घाटों और शैक्षणिक संस्थानों तक निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए इस कॉरिडोर पर केबल स्टेड ब्रिज, व्यूपॉइंट, दर्शक गैलरी और तीन पैदल झूला पुल भी प्रस्तावित हैं।
3. नोएडा: ममूरा की चार मंजिला इमारत में ई-स्कूटी चार्जिंग के दौरान धमाका, आग की चपेट में आने से दो की मौत
ई-स्कूटी में स्पार्किंग से भड़की आग
नोएडा के थाना फेज-3 क्षेत्र के ममूरा (सेक्टर-66) स्थित एक रिहायशी इमारत में बुधवार सुबह करीब 11 बजे दर्दनाक हादसा हो गया। पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार, इमारत के बेसमेंट/प्रथम तल पर चार्जिंग में लगी एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक स्पार्किंग के बाद धमाका हुआ, जिसने देखते ही देखते वहां खड़े लगभग 30 से 40 दोपहिया वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। आग के चलते सीढ़ियों के रास्ते पूरी बिल्डिंग की ऊपरी मंजिलों तक घना धुआं फैल गया, जिससे कई लोग भीतर ही फंस गए।
सीढ़ियों के सहारे 50 परिवारों का रेस्क्यू, दो की दम घुटने व जलने से मौत
संकरी गलियों और भारी भीड़ के कारण फायर ब्रिगेड की 7 गाड़ियों को दूर खड़ा कर पाइपों के सहारे करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। दमकल कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए प्रभावित बिल्डिंग की छत से सामने वाली बिल्डिंग की छत तक सीढ़ियां लगाकर अस्थायी पुल बनाया और लगभग 50 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस हादसे में गंभीर रूप से झुलसने के कारण बिहार की रहने वाली स्नेहा श्रीवास्तव (22) और मध्य प्रदेश के सिवनी निवासी ऋषभ कुमार की मौत हो गई। दोनों नोएडा की एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिल्डिंग के लीज होल्डर/संचालक को हिरासत में ले लिया है।