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लखनऊ कुकरैल नाइट सफारी में बनेगा नया चिड़ियाघर : सुप्रीम कोर्ट से मिली मंजूरी; अब पर्यटकों को 24 घंटे मिलेगा भ्रमण का मौका

सारांश 
लखनऊ के कुकरैल नाइट सफारी परिसर में अब पुराना चिड़ियाघर शिफ्ट करने के बजाय नया चिड़ियाघर बनाया जाएगा, जिससे पर्यटक यहाँ 24 घंटे भ्रमण कर सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इसके निर्माण की मंजूरी दे दी है। ₹206 करोड़ के बजट के साथ इस साल अगस्त-सितंबर तक निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। बताया गया है कि यह 54 से अधिक प्रजातियों के वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास बनेगी। जिनमें एशियाटिक लायन, रॉयल बंगाल टाइगर, तेंदुआ, लकड़बग्घा, भालू, दरियाई घोड़ा, ज़ेबरा, उड़न गिलहरी, घड़ियाल और मगरमच्छ आदि शामिल हैं।


अब 24 घंटे वन्यजीवों को करीब से देख सकेंगे पर्यटक

लखनऊ के वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद अच्छी खबर सामने आई है। नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान (लखनऊ चिड़ियाघर) के वन्यजीवों को कुकरैल नाइट सफारी में शिफ्ट करने के बजाय, अब उसी परिसर में एक नया चिड़ियाघर बनाने का निर्णय लिया गया है। इस नए बदलाव के बाद, यहाँ आने वाले पर्यटकों और दर्शकों को दिन और रात, यानी पूरे 24 घंटे प्राकृतिक वातावरण के बीच भ्रमण करने और वन्यजीवों को करीब से देखने का अनोखा अवसर मिलेगा।

सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी और नियमों का कड़ा पालन

दावे के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने कुकरैल नाइट सफारी के निर्माण कार्य को अपनी मंजूरी दे दी है। इस आदेश के आधार पर वन विभाग ने निर्माण कार्य शुरू करने की योजना बनाई है। कुकरैल नाइट सफारी के निदेशक रामकुमार के मुताबिक, पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सभी कार्य सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के नियमों की कड़ी निगरानी और कड़ाई से पालन के साथ पूरे किए जाएंगे।
पहले चरण में नाइट सफारी का काम शुरू किया जाएगा। वर्तमान में विभाग को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आधिकारिक कॉपी वेबसाइट पर अपलोड होने का इंतजार है। इस आदेश की प्रति का बारीकी से अध्ययन करने के बाद एक उच्च स्तरीय बैठक की जाएगी।

₹206 करोड़ का बजट जारी, पिंजरों के बिना खुले में रहेंगे वन्यजीव

इस परियोजना के लिए सरकार की ओर से ₹206 करोड़ का बजट भी जारी कर दिया गया है और निर्माण कार्य के लिए ठेकेदार का चयन भी पूरा हो चुका है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस साल अगस्त-सितंबर तक धरातल पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
बताया गया है कि यह कुकरैल नाइट सफारी 54 से अधिक प्रजातियों के वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास बनेगी। इसके लिए परिसर में 38 से अधिक विशेष बाड़े (एन्क्लोजर) तैयार किए जाएंगे। यहाँ मांसाहारी और शाकाहारी दोनों तरह के वन्यजीव रहेंगे, जिनमें एशियाटिक लायन, रॉयल बंगाल टाइगर, तेंदुआ, लकड़बग्घा, भालू, दरियाई घोड़ा, ज़ेबरा, उड़न गिलहरी, घड़ियाल और मगरमच्छ शामिल हैं। इस सफारी की सबसे खास बात यह होगी कि यहाँ वन्यजीवों को पारंपरिक बंद पिंजरों में बंद करने के बजाय पूरी तरह से बाधारहित खुले वन क्षेत्र (कैटल ग्रिड) में रखा जाएगा।

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