सारांश
उत्तराखंड सरकार राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई खेल नीति-2026 तैयार करने जा रही है, जिसके लिए खेल मंत्री रेखा आर्या ने आम जनता और खिलाड़ियों से 15 दिनों में सुझाव मांगे हैं। दूसरी तरफ, टिहरी के चर्चित दलित युवक केतन लाल हत्याकांड में एक नया मोड़ आया है, जहां नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर हुए मेडिकल टेस्ट में नाबालिग से दुष्कर्म की पुष्टि के बाद मृतक केतन और उसके दोस्त दिवाकर पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर में सोमवार देर शाम किन्नर का भेष धारण कर शराब के नशे में नग्न होकर उत्पात मचाने, तोड़फोड़ और राहगीरों से अभद्रता करने के आरोप में पुलिस ने चार बहरूपियों को हिरासत में लिया है।
1. उत्तराखंड को मिलेगी नई खेल नीति: खिलाड़ियों और आम जनता से सरकार ने 15 दिन में मांगे सुझाव
खेल नीति-2021 में होगा व्यापक बदलाव
उत्तराखंड सरकार राज्य में खेलों और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई खेल नीति-2026 तैयार करने जा रही है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय अधिकारियों के साथ आयोजित एक समीक्षा बैठक में मौजूदा खेल नीति-2021 में व्यापक बदलाव करने का निर्णय लिया है। खेल मंत्री के अनुसार, वर्ष 2021 की नीति को वर्तमान समय की आवश्यकताओं और बदलते खेल परिदृश्य के अनुरूप अपडेट किया जाएगा। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, आधुनिक संसाधन और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।
नीति निर्धारण में जनता की भी होगी भागीदारी
खेल मंत्री रेखा आर्या ने स्पष्ट किया कि खेल नीति-2026 केवल सरकारी स्तर पर ही तैयार नहीं की जाएगी, बल्कि इसमें खिलाड़ियों, कोचों, खेल प्रेमियों और आम नागरिकों के सुझावों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार ने राज्य के विकास में उपयोगी और व्यावहारिक सुझाव देने वाले नागरिकों को नई नीति में स्थान देने के साथ-साथ विशेष रूप से सम्मानित करने की भी घोषणा की है।
15 दिनों के भीतर इन माध्यमों से दे सकते हैं सुझाव
सरकार द्वारा आम जनता और खेल जगत से जुड़े लोगों को अपने सुझाव भेजने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है। इच्छुक लोग वेब पोर्टल, ई-मेल, डाक अथवा क्यूआर कोड के माध्यम से अपने सुझाव खेल निदेशालय तक पहुंचा सकते हैं। विधानसभा स्थित कार्यालय में आयोजित इस समीक्षा बैठक में विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा और संयुक्त निदेशक अजय अग्रवाल सहित खेल विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने नई नीति के प्रारूप और आवश्यक संशोधनों पर विस्तार से चर्चा की।
2. टिहरी का चर्चित केतन हत्याकांड: नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर नाबालिग का मेडिकल, मृतक केतन और दोस्त पर दुष्कर्म का केस दर्ज
केतन और उसके दोस्त पर पॉक्सो व दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा
उत्तराखंड के टिहरी में दलित युवक केतन लाल की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। लंबगांव थाना पुलिस ने नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद मृतक केतन लाल और उसके दोस्त दिवाकर डिमरी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) और दुष्कर्म की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। प्रतापनगर विकासखंड की रहने वाली एक नाबालिग की मां ने पूर्व में आरोप लगाया था कि 7 जून की रात केतन लाल और दिवाकर डिमरी उनके घर में घुस आए थे और उनकी नाबालिग बेटी के साथ जबरदस्ती की थी। पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर पीड़िता की मां ने नैनीताल हाईकोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल टेस्ट कराया, जिसमें लंबगांव थानाध्यक्ष डीपी काला के अनुसार रेप की पुष्टि हुई है। मामले की आगे की जांच महिला उपनिरीक्षक हेमलता को सौंपी गई है।
7-8 जून की रात को कमरे में बंधक बनाकर पीटने का आरोप
इस मामले का दूसरा पहलू प्रेम-प्रसंग और हत्या से जुड़ा है। आरोपों के अनुसार, टिहरी के देवल गांव निवासी 18 वर्षीय केतन लाल (कक्षा 12 का छात्र) का गांव की ही एक नाबालिग लड़की से प्रेम-प्रसंग था। आरोप है कि 7 जून की रात करीब 11:30 बजे लड़की ने फोन कर केतन को गांव बुलाया था, जिसके बाद केतन अपने दोस्त दिवाकर डिमरी के साथ बाइक से वहां पहुंचा। आरोप है कि गांव पहुंचते ही लड़की के परिजनों ने दोनों को एक कमरे में बंधक बना लिया और रातभर बेरहमी से पीटा। 8 जून की सुबह परिजनों को घटना की सूचना मिली, जिसके बाद गंभीर रूप से घायल केतन को लंबगांव सीएचसी ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जबकि घायल दिवाकर को एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया। केतन ने मरने से पहले दिए बयान में मोटे डंडे से पीटने और लड़की व उसके पिता द्वारा बुलाए जाने की बात कही थी।
हत्या के मामले में चार आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल
केतन की मौत के बाद उसके परिजनों ने अस्पताल में प्रदर्शन किया था, जिसके बाद लंबगांव थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी-एसटी एक्ट के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लड़की के पिता और दादा सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस हत्याकांड की जांच सीओ चंबा को सौंपी गई है और एफएसएल की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायतों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस साक्ष्यों के साथ आगे की कानूनी विवेचना में जुटी है।
3. रुद्रपुर में नकली किन्नर बनकर युवकों ने काटा बवाल: शराब के नशे में की तोड़फोड़, पुलिस ने चार को हिरासत में लिया
सरेराह नग्न होकर की अश्लील हरकतें और गुंडागर्दी
ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर स्थित ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में सोमवार देर शाम किन्नर का भेष धारण किए कुछ युवकों ने शराब के नशे में जमकर उत्पात मचाया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, इन युवकों ने सड़क पर नग्न होकर अश्लील हरकतें कीं, राहगीरों और महिलाओं से अभद्रता की तथा उनके कपड़े फाड़ने की कोशिश की। इसके अलावा आरोपियों ने क्षेत्र की दुकानों और ठेलों में तोड़फोड़ करते हुए सामान को सड़क पर फेंक दिया, जिससे पूरे इलाके में करीब एक घंटे तक अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
किन्नर समाज का आक्रोश: 'ये असली किन्नर नहीं, बहरूपिये हैं'
इस घटना की जानकारी मिलते ही किन्नर समाज की गुरु सुनीता भी कोतवाली पहुंचीं और अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पकड़े गए लोग उनके समाज से नहीं हैं, बल्कि वे पुरुष हैं जिन्होंने जानबूझकर किन्नरों का भेष धारण किया हुआ था। गुरु सुनीता का आरोप है कि ऐसे बहरूपिये सरेआम गलत हरकतें कर पूरे किन्नर समाज की छवि को खराब कर रहे हैं। किन्नर समाज ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस की पूछताछ जारी, तहरीर मिलने पर होगी विधिक कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए कोतवाली लेकर आई। शुरुआती पूछताछ के बाद चारों को छोड़ दिया गया है, हालांकि उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए समन किया गया है। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है जिसमें इन युवकों के साथ एक असली किन्नर की मौजूदगी भी दिखाई दे रही है, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि किन्नर समाज की तरफ से औपचारिक तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहे हैं या नहीं।