सारांश
देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र में बुधवार शाम करीब 5 बजे थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर 48 वर्षीय दीपक गुप्ता की चाकू से काटकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, चीख-पुकार सुनकर पहुंचे परिजनों ने मौके से आरोपी रोहन प्रजापति को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया, जिससे पूछताछ जारी है।
घर में घुसकर गर्दन पर वार, चीख सुनकर दौड़े परिजन
देहरादून में बुधवार शाम पटेलनगर थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर एक दर्दनाक वारदात सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घर में घुसे हमलावर ने 48 वर्षीय दीपक गुप्ता पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उनका गला काट दिया। घटना के वक्त परिवार के अन्य सदस्य घर के बाहर मौजूद थे और उन्हें किसी अनजान व्यक्ति के अंदर दाखिल होने की भनक तक नहीं लगी। जब कमरे के भीतर से अचानक तेज चीखने-चिल्लाने की आवाज आई, तो परिजन तुरंत अंदर की तरफ दौड़े। अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए—दीपक गुप्ता खून से लथपथ पड़े हुए थे और पास ही एक युवक हाथ में खून से सना चाकू लिए खड़ा था। परिजनों ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया और तुरंत पुलिस को सूचित किया।
माजरा निवासी 20 वर्षीय रोहन प्रजापति पुलिस हिरासत में
सूचना मिलते ही शाम करीब 5 बजे पटेलनगर थाना पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके से परिजनों द्वारा पकड़े गए आरोपी को तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए आरोपी की पहचान माजरा निवासी 20 वर्षीय रोहन प्रजापति के रूप में हुई है। सीओ सदर अंकित कंडारी के मुताबिक, पुलिस आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस जघन्य हत्या के पीछे का मुख्य कारण क्या था और इसमें किसी अन्य व्यक्ति का हाथ है या नहीं।
तीन हमलावरों के घुसने की चर्चा, पुलिस जांच में जुटी
सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि वारदात के वक्त कुल तीन युवक घर के अंदर दाखिल हुए थे, जिनमें से दो आरोपी घटना के बाद मौके से फरार होने में कामयाब रहे। हालांकि, इस पर सीओ सदर अंकित कंडारी का कहना है कि अब तक की शुरुआती जांच में केवल एक ही युवक के घर में दाखिल होने की पुष्टि हो सकी है। पुलिस प्रशासन सभी तथ्यों का बारीकी से मिलान कर रहा है और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
ब्याज के कारोबार और पैसों के लेनदेन पर टिकी जांच की सुई
शुरुआती पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि मृतक दीपक गुप्ता अविवाहित थे और ब्याज पर पैसे देने का काम करते थे। इसके चलते पुलिस हत्या के पीछे वित्तीय लेनदेन या पैसों के विवाद समेत तमाम संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल कर रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक किसी अंतिम निष्कर्ष का ऐलान नहीं किया गया है।
फॉरेंसिक साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज से खुलेगा राज
घटना की सूचना के बाद फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनास्थल को घेरकर जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। पुलिस आसपास के इलाकों और मार्गों पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और हिरासत में लिए गए आरोपी रोहन प्रजापति से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि पड़ताल पूरी होते ही पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा कर दिया जाएगा।