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उत्तर प्रदेश के 1.86 लाख सरकारी शिक्षकों को TET देना अनिवार्य : केंद्र सरकार ने छूट की मांग खारिज की

सारांश 
उत्तर प्रदेश के करीब 1.86 लाख कार्यरत शिक्षकों को केंद्र सरकार से झटका लगा है। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से किसी भी प्रकार की छूट या ढील देना संभव नहीं है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़ा है। यूपी सरकार अब इन शिक्षकों के लिए जल्द ही स्पेशल टीईटी कराने की तैयारी कर रही है।


केंद्र सरकार का रुख: RTE कानून में संशोधन का कोई प्रस्ताव नहीं

लोकसभा में कर्नाटक से कांग्रेस सांसद ई. तुकाराम ने सवाल पूछा था कि क्या TET लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों को राहत देने के लिए शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 की धारा-23 में संशोधन पर विचार किया जा रहा है? इसके जवाब में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि सरकार फिलहाल ऐसा कोई संशोधन या अंतरिम राहत देने का प्रस्ताव नहीं ला रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि RTE अधिनियम के तहत आने वाले स्कूलों में शिक्षक पद के लिए TET एक निर्धारित न्यूनतम योग्यता है और पुराने शिक्षकों को भी इसमें कोई छूट नहीं मिलेगी।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और मिली हुई समय सीमा

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, शिक्षकों की भर्ती और सेवा शर्तें राज्यों का विषय हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 के फैसले में स्पष्ट कर दिया था कि RTE कानून के तहत TET अनिवार्य योग्यता है। हालांकि, पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने 29 मई 2026 को राहत देते हुए TET पास करने की अंतिम तिथि को 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया है। यानी शिक्षकों को अपनी पात्रता पूरी करने के लिए एक वर्ष का अतिरिक्त समय मिला है।

यूपी सरकार की तैयारी: जल्द आयोजित होगी 'स्पेशल TET'

संसदीय रुख के बीच, यूपी बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है। विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी ने 21 जुलाई को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज को पत्र जारी कर दोनों वर्गों के लिए 'स्पेशल टीईटी' आयोजित करने की विस्तृत कार्ययोजना तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत राज्य सरकारों को साल में कम से कम दो बार (छह महीने के अंतर पर) TET परीक्षा आयोजित करने का प्रयास करना होगा ताकि शिक्षकों को अवसर मिल सके।

1.86 लाख शिक्षकों पर असर और नियम न मानने के परिणाम

यूपी में लगभग 1.86 लाख ऐसे शिक्षक हैं जिन्होंने अब तक TET पास नहीं किया है। इनमें TET लागू होने से पूर्व नियुक्त सहायक अध्यापक, शिक्षामित्रों से समायोजित शिक्षक, पुराने प्रशिक्षण प्राप्त और दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक शामिल हैं। शिक्षक संगठनों की मांग थी कि RTE लागू होने (2011 यूपी) से पहले नियुक्त और सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचे शिक्षकों को अनुभव के आधार पर छूट दी जाए। हालांकि, अब 31 अगस्त 2028 तक TET पास न करने वाले शिक्षकों की सेवाएं समाप्त मानी जाएंगी और परीक्षा उत्तीर्ण न करने पर पदोन्नति का लाभ भी नहीं मिलेगा।

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