सारांश
गोरखपुर में 28 जुलाई की रात 10 साल की बच्ची के साथ 112 डायल के सिपाही अभिषेक यादव ने कथित तौर पर दुष्कर्म कर हत्या कर दी थी, जिसके बाद आज गुरुवार को जिला अस्पताल में मेडिकल के दौरान डॉक्टरों-कर्मचारियों ने आरोपी की पिटाई कर दी। इधर, आगरा के ट्रांस यमुना क्षेत्र में बुधवार को डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित की गई 65 वर्षीय शीला देवी 17 घंटे बाद अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान दामाद के पैर छूते ही जीवित हो गईं। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के तहत यूपी के लखनऊ, गोंडा समेत 26 जिलों में तीसरे चरण के अत्याधुनिक सुविधाओं वाले सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण को स्वीकृति मिल गई है।
1. आगरा: 17 घंटे बाद शरीर में लौटीं सांसें, दामाद के पैर छूते ही बोलीं- 'मैं जिंदा हूं'
वेंटिलेटर पर बिगड़ी थी हालत, डॉक्टरों ने घोषित किया था मृत
आगरा जिले के ट्रांस यमुना थाना अंतर्गत श्रीनगर कॉलोनी की निवासी 65 वर्षीय शीला देवी लंबे समय से लीवर की बीमारी से पीड़ित थीं। उनके बेटे संजीव माहौर ने उन्हें सोमवार को बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। मंगलवार को तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, जिसके बाद बुधवार तड़के करीब 3 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन शव को एंबुलेंस से लेकर बुधवार शाम करीब 7 बजे अपने घर पहुंचे।
अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच अचानक बोलीं महिला
घर पर अंतिम संस्कार के लिए सामग्री जुटा ली गई थी और परिजन व रिश्तेदार अंतिम दर्शन के लिए एकत्र थे। रात करीब 8 बजे जब उनके दामाद ने पैर छूकर प्रणाम किया, तभी शीला देवी के शरीर में हलचल हुई और उन्होंने दामाद का हाथ पकड़ लिया। उन्होंने कहा, "मुझे कहां लेकर जा रहे हो? तुम सब रो क्यों रहे हो? मैं जिंदा हूं, मरी नहीं हूं।" इस घटना से घर में अफरा-तफरी मच गई और परिजन तुरंत उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज चल रहा है।
2. गोरखपुर: 10 साल की मासूम से हैवानियत के बाद हत्या, आरोपी सिपाही को अस्पताल में लोगों ने पीटा
खाना देने आई बच्ची का किया अपहरण
गोरखपुर के जिला अस्पताल में भर्ती अपनी बड़ी बहन को 28 जुलाई की रात खाना देने आई 10 वर्षीय बच्ची को डायल-112 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव ने कथित तौर पर घर छोड़ने के बहाने अपनी बाइक पर बैठा लिया। आरोपी बच्ची को 15 किलोमीटर दूर श्मशान घाट ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया और पैर से गर्दन दबाकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद शव को नदी में फेंक दिया गया।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज, अस्पताल में आरोपी की पिटाई
परिजनों द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें आरोपी सिपाही बाइक से बच्ची को ले जाता दिखाई दिया। कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया, जिसके बाद गुरुवार सुबह साढ़े 8 बजे शव बरामद हुआ। शाम को आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म और गर्दन की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई। वहीं, गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे जब पुलिस सिपाही को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लाई, तो वहां मौजूद डॉक्टरों और नर्सों ने भड़ककर उसकी पिटाई कर दी।
आरोपी बर्खास्त, रासुका के तहत कार्रवाई की तैयारी
एसएसपी के अनुसार 2018 बैच का आरोपी सिपाही अभिषेक यादव मूल रूप से गाजीपुर का निवासी है और इससे पहले भी बंगाल की एक महिला से छेड़छाड़ के मामले में जेल जा चुका है। प्रशासन ने सिपाही को सेवा से बर्खास्त कर दिया है और उस पर पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर रासुका (एनएसए) लगाने की प्रक्रिया शुरू की है। परिजनों ने आरोपी को फांसी दिए जाने, 50 लाख रुपये मुआवजे और नौकरी की मांग की है।
3. उत्तर प्रदेश: 26 जिलों को मिली तीसरे चरण के सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की सौगात
प्री-नर्सरी से 12वीं तक की आधुनिक शिक्षा एक ही परिसर में
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में तीसरे चरण के मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले इन विद्यालयों में प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई एक ही परिसर में होगी। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के ड्रॉप आउट रेट में कमी लाना है।
रोबोटिक्स, डिजिटल लाइब्रेरी और मिनी स्टेडियम की सुविधाएं
इन अत्याधुनिक विद्यालयों में 30 स्मार्ट कक्षाएं, विज्ञान, कंप्यूटर व रोबोटिक्स प्रयोगशालाएं, डिजिटल लाइब्रेरी और मिनी स्टेडियम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा, छात्रों को तकनीकी रूप से सक्षम और स्वरोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से परिसर में कौशल विकास केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। स्वीकृत जिलों में लखनऊ, सीतापुर, गोंडा, रायबरेली, बाराबंकी और अंबेडकरनगर जैसे जिले शामिल हैं।