सारांश
देहरादून में नंदा की चौकी स्थित टोंस नदी पर बने नव-निर्मित पुल की एप्रोच रोड 28 जुलाई 2026 को लगातार बारिश के कारण धंस गई। महज 16 दिन पहले शुरू हुए पुल की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद उत्तराखंड शासन ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को तीन दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग को 3 दिन में सौंपनी होगी जांच रिपोर्ट
उत्तराखंड शासन ने नंदा की चौकी स्थित टोंस नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड धंसने की घटना को गंभीर और जनहित से जुड़ा मामला माना है। PWD सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय की ओर से 28 जुलाई 2026 को जारी पत्र के अनुसार, मुख्य अभियंता, क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून को इस प्रकरण की प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए गए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए तथा तथ्य व अभिलेखीय साक्ष्यों के साथ विस्तृत रिपोर्ट तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराई जाए। लोक सुरक्षा से जुड़े इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बारिश से बना गड्ढा, सीएम के निर्देश पर बहाल हुआ यातायात
सोमवार को हुई भारी बारिश के दौरान देहरादून-विकासनगर-पांवटा साहिब मार्ग पर स्थित इस पुल की एप्रोच रोड धंसने से बड़ा गड्ढा हो गया था। सुरक्षा के दृष्टिकोण से कुछ समय के लिए आवाजाही रोकनी पड़ी। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को तुरंत मौके पर भेजा, जिसके बाद एक घंटे के भीतर मरम्मत कार्य शुरू कराकर यातायात बहाल कराया गया।
16 करोड़ की लागत से बना पुल, 16 दिन में ही उठे सवाल
15 सितंबर 2025 को आई बाढ़ और अतिवृष्टि में पुराना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से वेल फाउंडेशन तकनीक, आरसीसी सुरक्षा दीवारों और मजबूत पिलरों के साथ नया पुल तैयार किया गया। लगभग 300 दिनों के लंबे इंतजार के बाद इसे 12 जुलाई 2026 को जनता के लिए खोला गया था। हालांकि, चालू होने के महज 16 दिन बाद ही एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने से इसकी निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
विभाग का दावा: मुख्य पुल सुरक्षित, केवल एप्रोच रोड को नुकसान
लोक निर्माण विभाग के अनुसार, पुल का मुख्य ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भारी बारिश के कारण केवल एप्रोच रोड का हिस्सा धंसा है, जिसकी मरम्मत युद्ध स्तर पर की जा रही है। विभाग के मुताबिक इसे "पुल टूटना" कहना गलत है और एप्रोच रोड धंसने का वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही साफ हो सकेगा।
हजारों यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है यह मार्ग
नंदा की चौकी स्थित टोंस नदी का यह पुल देहरादून, प्रेमनगर, विकासनगर, पांवटा साहिब और हिमाचल प्रदेश को आपस में जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों छात्र, कर्मचारी, व्यापारी और आम नागरिक आवागमन करते हैं। सड़क धंसने से कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ था, जिसे बाद में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए सामान्य कर दिया गया।