सारांश
उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी मामले में SIT ने पूर्व टेंपल अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर शनिवार को जोशीमठ कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, देहरादून-ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना के तहत सात मोड़ के जंगल में करीब 4,369 पेड़ों की कटाई पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी पक्षों से सहमति बनने तक रोक लगा दी है। दूसरी ओर, 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में इतिहास रचते हुए पहली बार उत्तराखंड की फीचर फिल्म 'ढोली' को बेस्ट गढ़वाली फिल्म का नेशनल अवॉर्ड मिला है।
1. बद्रीनाथ चढ़ावा केस: पूर्व टेंपल अधिकारी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए
13 दिन की सीसीटीवी फुटेज में नोटों के बंडल हटाने का दावा
उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के दान-चढ़ावे में कथित हेराफेरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के पूर्व टेंपल अधिकारी एवं तत्कालीन थाली भेंट गणना प्रभारी राजेंद्र सिंह चौहान को ज्योतिर्मठ से गिरफ्तार किया। शनिवार को उन्हें जोशीमठ स्थित सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एवं प्रभारी न्यायिक मजिस्ट्रेट हीना कौसर की अदालत में पेश किया गया, जहां से विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद न्यायालय ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मामले में SIT अब तक दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें 12 जुलाई को पकड़ा गया BKTC कर्मचारी प्रमोद नौटियाल भी शामिल है, जबकि खजांची संदेश मेहता को पद से हटा दिया गया है।
आरोपी के पास से विदेशी मुद्रा बरामद
SIT जांच अधिकारी महादेव उनियाल के अनुसार, आरोपी राजेंद्र सिंह चौहान के कब्जे से केसर, अन्य सामान और विदेशी मुद्रा बरामद हुई है, हालांकि नकदी के संबंध में वे जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि उपलब्ध 13 दिन की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में रोजाना दान स्थल से नोटों के बंडल और सोना-चांदी हटाने जैसी गतिविधियां दिखाई दे रही हैं, जबकि 32 दिन की रिकॉर्डिंग तकनीकी कारणों से गायब है जिसे रिकवर करने का प्रयास जारी है। इसके साथ ही, इस वर्ष मंदिर परिसर के बजाय बैंक परिसर में नकदी गिनने की व्यवस्था में किए गए बदलाव और बैंकों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, जिसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
2. देहरादून के सात मोड़ में 4000 से अधिक पेड़ों का कटान रुका, सीएम धामी ने दिए निर्देश
जनभावना और पर्यावरण के हित में फैसला
देहरादून-ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना के तहत सात मोड़ के जंगल में प्रस्तावित 4,369 पेड़ों की कटाई पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिलहाल रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्थानीय नागरिकों, पर्यावरणविदों और अन्य हितधारकों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए यह निर्णय लिया गया है और सभी पक्षों के बीच संतोषजनक सहमति व विश्वास का माहौल बनने तक पेड़ों का कटान नहीं किया जाएगा। हालांकि, इस आदेश से पहले तक करीब 350 से ज्यादा पेड़ पहले ही काटे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों को सभी हितधारकों के साथ फिर से विस्तृत संवाद करने के निर्देश दिए हैं।
13 दिनों से चल रहा था आंदोलन, राहुल गांधी ने भी की थी मुलाकात
सात मोड़ में पेड़ कटान के विरोध में पिछले 13 दिनों से स्थानीय लोगों, पर्यावरणविदों और छात्र संगठनों का धरना-प्रदर्शन चल रहा था, जिसके दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'ब्लैक हरेला' मनाकर भी विरोध दर्ज कराया था। शुक्रवार रात कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी देहरादून दौरे के समय सात मोड़ के पास अपना काफिला रोककर आंदोलनकारियों से मुलाकात की थी और उनकी बात सुनी थी। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि परियोजना में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए करीब 3.5 किलोमीटर लंबा हाथी अंडरपास और विशेष कल्वर्ट प्रस्तावित हैं, और आगे की सभी कार्रवाइयां उच्च न्यायालय के निर्देशों व तय कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही की जाएंगी।
3. इतिहास में पहली बार गढ़वाली फिल्म को नेशनल अवॉर्ड, फीचर फिल्म कैटेगरी में बेस्ट चुनी गई 'ढोली'
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में रचा इतिहास
उत्तराखंड के सिनेमाई इतिहास में पहली बार किसी गढ़वाली फिल्म ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतकर गौरव हासिल किया है। 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में करीब 85 मिनट की गढ़वाली फिल्म 'ढोली' को फीचर फिल्म कैटेगरी में बेस्ट गढ़वाली फिल्म चुना गया है। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद फिल्म के निर्माता सुनील नायक और निर्देशक दिनेश भोंसले को रजत कमल के साथ दो-दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। यह फिल्म इससे पहले वर्ष 2024 के कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित होने वाली उत्तराखंड की एकमात्र फिल्म भी रही थी।
उत्तरकाशी में हुई शूटिंग और पारंपरिक कलाकारों की कहानी
फिल्म 'ढोली' की पूरी शूटिंग सितंबर 2023 में उत्तरकाशी जिले की असीगंगा घाटी के नाल्ड गांव और आसपास के क्षेत्रों में हुई थी। फिल्म की कहानी गढ़वाल के पारंपरिक ढोल वादक (ढोली) और उसके परिवार के सामाजिक संघर्ष व विरोधाभास पर आधारित है, जिसमें दिखाया गया है कि समाज ढोल की आवाज का तो सम्मान करता है परंतु उसे बजाने वाले कलाकार को बराबरी का दर्जा नहीं देता। फिल्म में मुख्य भूमिका मोहित घिल्डियाल के साथ दीपा देऊपा, रमेश नौडियाल सहित कई स्थानीय कलाकारों ने निभाई है। फिल्म के गीतों को प्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने अपनी आवाज दी है और गढ़वाली संवादों का अनुवाद डॉ. नंदकिशोर हटवाल ने किया है।