सारांश
मंगलवार को लखनऊ में एसजीपीजीआई के 30वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 13 साल की बेटियों के पीरियड्स शुरू होने के कारण स्वास्थ्य पर ध्यान देने वहीं छात्राओं को सच्चा प्रेम होने पर पढ़ाई पूरी होने तक शादी से बचने की अपील की है। वहीं, आगरा में आरपीएफ जवानों द्वारा डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर से मारपीट मामले के विरोध में मंगलवार को 30 शहरों में रेलकर्मियों ने प्रदर्शन किया, जिसमें अफसर की पत्नी ने दोषियों की बर्खास्तगी न होने पर जान देने की चेतावनी दी है। दूसरी तरफ, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने के लिए खातों की दैनिक निगरानी और डेली ऑडिट व्यवस्था लागू की है।
1. 13 साल की बेटियों पर ध्यान देने की राज्यपाल की अपील: पढ़ाई पूरी होने तक शादी से बचने की दी सलाह
स्वास्थ्य जांच और मेंसुरेशन पर ध्यान देने की जरूरत
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को लखनऊ में संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) के 30वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। दोपहर करीब 12:30 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में राज्यपाल ने 13 साल की बेटियों की देखभाल और उनके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इसी उम्र में बेटियों को मेंसुरेशन (पीरियड्स) शुरू होता है, इसलिए उनकी जांच जरूर होनी चाहिए ताकि समय से उचित इलाज मिल सके। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि जब वह कुछ कहती हैं तो वह वायरल हो जाता है, लेकिन उनके कहने का उद्देश्य गलत नहीं होता बल्कि बच्चों को सर्वश्रेष्ठ बनाना उनका मकसद है।
सच्चा प्रेम है तो पढ़ाई पूरी होने तक न करें शादी
दीक्षांत समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि 13 साल की उम्र में एक-दूसरे के प्रति आकर्षण और प्रेम होता है। उन्होंने कहा कि एक-दो साल के प्रेम के बाद जब पकड़े जाते हैं, तो वह मामला सरकार के माथे आता है। शिक्षकों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाते समय टीचर्स का ध्यान इस पर नहीं रहता कि क्लास में किसकी नजर किस पर है। राज्यपाल ने युवाओं को सलाह दी कि यदि सच्चा प्रेम है, तो दोनों मिलकर यह तय करें कि जब तक पढ़ाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक शादी नहीं करेंगे।
दीक्षांत समारोह में पुरस्कार और उपाधियां वितरित
इस समारोह के दौरान राज्यपाल ने 279 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान कीं। इसके साथ ही 13 उत्कृष्ट शिक्षकों, शोधकर्ताओं, डॉक्टरों और विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कारों तथा गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक भी उपस्थित रहे, जबकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा अपरिहार्य कारणों से समारोह में शामिल नहीं हो सके।
2. आगरा में रेलवे अफसर से मारपीट का मामला: दोषियों को बर्खास्त न करने पर पत्नी ने दी जान देने की चेतावनी
पूरे प्रदेश में रेलकर्मियों का उग्र प्रदर्शन
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवानों द्वारा डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (DSS) नरेंद्र चाहर को प्लेटफॉर्म पर घसीटकर पीटने के विरोध में उत्तर प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन तेज हो गया है। मंगलवार सुबह 10:30 बजे से आगरा, मथुरा और झांसी सहित करीब 30 शहरों में रेल कर्मचारियों ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आगरा में 1,000 से अधिक रेल कर्मचारी सड़क पर उतरे और डीआरएम ऑफिस के बाहर आरपीएफ के सामने जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान महिला कर्मचारियों ने भी आरपीएफ के खिलाफ नारे लगाए और पीड़ित अफसर की बहन ने पटरी पर कूदकर ट्रेन रोकने की चेतावनी दी। कोटा, झांसी और दिल्ली जैसे शहरों से भी कर्मचारी आगरा पहुंच रहे हैं।
पीड़ित परिवार की न्याय और बर्खास्तगी की मांग
पीड़ित डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर की पत्नी हरेंद्री चाहर ने मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे मीडिया के सामने रोते हुए कहा कि उनके पति को इतनी बेरहमी से पीटा गया है कि घटना का वीडियो देखा भी नहीं जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषी आरपीएफ जवानों को नौकरी से बर्खास्त कर गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वह अपनी जान दे देंगी। वहीं पीड़ित अफसर नरेंद्र चाहर ने कानून के रखवालों द्वारा की गई इस अवैध वसूली और मारपीट पर सवाल उठाते हुए कहा कि या तो दोषी गिरफ्तार होंगे या फिर रेल चलेगी, उनका पूरा परिवार अब पटरी पर बैठा है।
रविवार को ट्रेन रुकवाने पर शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, यह पूरा विवाद 12 जुलाई (रविवार) को कैंट रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन को रोकने को लेकर शुरू हुआ था। एक महिला यात्री के ट्रेन में न चढ़ पाने के कारण डीएसएस नरेंद्र चाहर ने मानवीय आधार पर ट्रेन रुकवा दी थी। आरपीएफ जवानों ने उस महिला को चेन पुलिंग के आरोप में पकड़ लिया, जिसका नरेंद्र चाहर ने विरोध किया। इसके बाद आरपीएफ जवानों ने अफसर के साथ मारपीट की और उन्हें प्लेटफॉर्म पर घसीटते हुए ले गए, जिसका वीडियो वहां मौजूद लोगों ने बना लिया था। इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरपीएफ के एएसआई मेघराज मीणा, बालकिशन और कॉन्स्टेबल बदन सिंह व जितेंद्र को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है, लेकिन कर्मचारी उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की मांग पर अड़े हैं।
3. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की नई पहल: खातों का दैनिक ऑडिट और कड़ा वित्तीय अनुशासन लागू
वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता लाने का प्रयास
रामनगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने वित्तीय प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से अकाउंट सिस्टम में एक बड़ा बदलाव किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन को खातों की मुख्य जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी देखरेख में चंदन राय और जगदीश आफले ने सहयोगी के रूप में अकाउंट सिस्टम के संचालन की कमान संभालते हुए कामकाज शुरू कर दिया है।
अब रोजाना होगा आय-व्यय का मिलान
इस नई व्यवस्था के तहत सबसे बड़ा बदलाव दैनिक ऑडिट (डेली ऑडिट) के रूप में लागू किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, पहले ट्रस्ट में नियमित रूप से रोजाना ऑडिट करने की व्यवस्था नहीं थी, लेकिन अब नई प्रणाली के तहत प्रत्येक दिन होने वाले वित्तीय लेन-देन का उसी दिन सत्यापन और लेखा-जोखा तैयार किया जा रहा है। मंदिर में आने वाले दान, प्रसाद और विभिन्न काउंटरों से होने वाली आय सहित सभी वित्तीय मदों का दैनिक रिकॉर्ड तैयार कर आय-व्यय का मिलान किया जा रहा है।
मजबूत होगी वित्तीय निगरानी
ट्रस्ट से जुड़े लोगों का मानना है कि दैनिक ऑडिट व्यवस्था लागू होने से वित्तीय अनुशासन और निगरानी पहले की तुलना में अधिक मजबूत होगी। हर दिन के लेन-देन से संबंधित अभिलेखों को सुरक्षित रखा जा रहा है, जिससे किसी भी स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे और प्रत्येक लेन-देन का तत्काल सत्यापन संभव हो सके।